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Kurukshetra News: भारतीय डाक सेवा पर 50 हजार का जुर्माना
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कुरुक्षेत्र। जिला उपभोक्ता फोरम। संवाद
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कुरुक्षेत्र। पार्सल को कनाडा भेजने की जगह अमेरिका में गलत पते पर भेजने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद आयोग ने भारतीय डाक को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। उपभोक्ता फोरम ने भारतीय डाक को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये मुआवजा और डाक शुल्क वापस करे।
शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने आयोग को बताया कि उसने 10 मई 2022 को कनाडा में रहने वाले अपने भतीजे अविन वाधवा को कपड़े और किताबें रजिस्टर्ड डाक से भेजी थी। इसके लिए डाक विभाग ने 2,480 रुपये शुल्क लिया था। शिकायतकर्ता के अनुसार पार्सल सही पते पर कनाडा भेजने के बजाय अमेरिका के किसी अन्य पते पर भेज
दिया गया।
इसके कारण पार्सल समय पर प्राप्त नहीं हो सका। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पार्सल न मिलने के कारण उसके भतीजे को कनाडा में ही जरूरी सामान खरीदना पड़ा। इस पर लगभग 70 हजार रुपये खर्च हुए। बाद में पार्सल कुरुक्षेत्र लौट आया। शिकायतकर्ता ने इसे डाक विभाग की गंभीर लापरवाही और सेवा में कमी बताया। आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के निर्णय डॉ. रवि अग्रवाल बनाम स्पीड पोस्ट, राजस्थान यूनिवर्सिटी और अन्य का हवाला दिया। इसमें कहा गया था कि डाक विभाग की सेवा में कमी पाए जाने पर उपभोक्ता को क्षतिपूर्ति दी जा सकती है।
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आयोग ने डाक विभाग को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 2,480 रुपये डाक शुल्क नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 18 जून 2022 से वास्तविक भुगतान तक वापस करे।
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शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने आयोग को बताया कि उसने 10 मई 2022 को कनाडा में रहने वाले अपने भतीजे अविन वाधवा को कपड़े और किताबें रजिस्टर्ड डाक से भेजी थी। इसके लिए डाक विभाग ने 2,480 रुपये शुल्क लिया था। शिकायतकर्ता के अनुसार पार्सल सही पते पर कनाडा भेजने के बजाय अमेरिका के किसी अन्य पते पर भेज
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दिया गया।
इसके कारण पार्सल समय पर प्राप्त नहीं हो सका। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पार्सल न मिलने के कारण उसके भतीजे को कनाडा में ही जरूरी सामान खरीदना पड़ा। इस पर लगभग 70 हजार रुपये खर्च हुए। बाद में पार्सल कुरुक्षेत्र लौट आया। शिकायतकर्ता ने इसे डाक विभाग की गंभीर लापरवाही और सेवा में कमी बताया। आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के निर्णय डॉ. रवि अग्रवाल बनाम स्पीड पोस्ट, राजस्थान यूनिवर्सिटी और अन्य का हवाला दिया। इसमें कहा गया था कि डाक विभाग की सेवा में कमी पाए जाने पर उपभोक्ता को क्षतिपूर्ति दी जा सकती है।
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आयोग ने डाक विभाग को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 2,480 रुपये डाक शुल्क नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 18 जून 2022 से वास्तविक भुगतान तक वापस करे।