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Kurukshetra News: नौकरी के नाम पर सेवानिवृत्त फौजी समेत 13 से हड़पे 41 लाख
Fri, 02 Jun 2023 02:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 02 Jun 2023 02:56 AM IST
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कुरुक्षेत्र। शातिर ठग ने एचएसएससी के अध्यक्ष से जान-पहचान बताकर रोडवेज, आबकारी विभाग और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में नौकरी लगवाने के नाम पर सेवानिवृत्त फौजी समेत 13 लोगाें से 41 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने शिकायत पर दो महिलाओं सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
थाना कृष्णा गेट में दर्ज शिकायत में सेवानिवृत्त फौजी कंवर पाल निवासी मोहना (कैथल) ने बताया कि सेवानिवृत्त होने के बाद उसने सीमेंट की डीलरशिप ली हुई है। गुरदीप सिंह भी फौज से सेवानिवृत्त है, जिसका उसकी दुकान पर आना जाना था। गुरदीप सिंह कहने लगा कि उसके दोस्तों की राजनीति में अच्छी जान पहचान है। इस पर उसके भतीजे ने गुरदीप सिंह ने कहा कि वह उसे नौकरी पर लगवा दे। इसके बाद गुरदीप ने उसे मुकेश, जसदेव, सरोज और रेनु से मिलने भद्रकाली मंदिर के सामने मिलने के लिए बुलाया। वह अपने साथ दिलबाग सैनी व संदीप सैनी को लेकर उससे मिलने गए। वहां पर उन्हें मुकेश, जसदेव, सरोज देवी, रेनु कुमारी उन्हें मिले। पांचों ने अधिकारियों से अपनी जान पहचान बताई। 18 अगस्त 2017 को उसने आरोपियों को दो लाख रुपये सुशील की नौकरी लगवाने के लिए दिए। उन्होंने 31 दिसंबर 2017 तक सुशील नियुक्ति पत्र देने का वादा किया। इसके बाद उन्होंने आरोपियों को बकाया 39 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने न तो उसके भतीजे और न ही अन्य 12 युवाओं को नौकरी पर लगवाया और न ही रुपये लौटाए। पुलिस ने शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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थाना कृष्णा गेट में दर्ज शिकायत में सेवानिवृत्त फौजी कंवर पाल निवासी मोहना (कैथल) ने बताया कि सेवानिवृत्त होने के बाद उसने सीमेंट की डीलरशिप ली हुई है। गुरदीप सिंह भी फौज से सेवानिवृत्त है, जिसका उसकी दुकान पर आना जाना था। गुरदीप सिंह कहने लगा कि उसके दोस्तों की राजनीति में अच्छी जान पहचान है। इस पर उसके भतीजे ने गुरदीप सिंह ने कहा कि वह उसे नौकरी पर लगवा दे। इसके बाद गुरदीप ने उसे मुकेश, जसदेव, सरोज और रेनु से मिलने भद्रकाली मंदिर के सामने मिलने के लिए बुलाया। वह अपने साथ दिलबाग सैनी व संदीप सैनी को लेकर उससे मिलने गए। वहां पर उन्हें मुकेश, जसदेव, सरोज देवी, रेनु कुमारी उन्हें मिले। पांचों ने अधिकारियों से अपनी जान पहचान बताई। 18 अगस्त 2017 को उसने आरोपियों को दो लाख रुपये सुशील की नौकरी लगवाने के लिए दिए। उन्होंने 31 दिसंबर 2017 तक सुशील नियुक्ति पत्र देने का वादा किया। इसके बाद उन्होंने आरोपियों को बकाया 39 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने न तो उसके भतीजे और न ही अन्य 12 युवाओं को नौकरी पर लगवाया और न ही रुपये लौटाए। पुलिस ने शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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