फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   भद्रकाली मंदिर के पीठाध्यक्ष के पुत्र दिवांशु शर्मा बनेंगे गुजरात में जज

भद्रकाली मंदिर के पीठाध्यक्ष के पुत्र दिवांशु शर्मा बनेंगे गुजरात में जज

Sat, 23 Feb 2019 01:11 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 23 Feb 2019 01:11 AM IST
विज्ञापन
भद्रकाली मंदिर के पीठाध्यक्ष के पुत्र दिवांशु शर्मा बनेंगे गुजरात में जज
राजेश शांडिल्य
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। जब बडे़ भाई का अपहरण हुआ तब मैं 11वीं कक्षा में था और तभी तय लिया कि भविष्य में न्यायिक सेवा ही मेरा लक्ष्य होगा। आज गुजरात न्यायिक सेवा में 18वां रैंक हासिल करने के साथ उस लक्ष्य के पहले चरण पर पहुंचा हूं। अब न्यायाधीश के पद पर रहकर मेरा लक्ष्य होगा कि न्याय के प्रति लोगों में विश्वास और इस पद की गरिमा कायम रहे।
यह जानकारी 52 शक्तिपीठों में से एक हरियाणा राज्य के एकमात्र शक्तिपीठ श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर के पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा के पुत्र देवांशु शर्मा ने अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि उसके माता-पिता और दोनों भाइयों के जीवन में 6 मार्च 2008 का दिन भूचाल बन कर आया था, क्योंकि उस दिन फोन पर उनके परिवार को सूचना मिली कि 12वीं में पढ़ने वाले उनके बड़े भाई स्नेहिल का अपहरण हो गया है और उसे सुरक्षित लौटाने के लिये एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। इस घटना के बाद 9 दिन तक उनका भाई अपहरणकर्ता के बीच यूपी में बंधक बना रहा और तत्कालीन कुरुक्षेत्र पुलिस अधीक्षक अमिताभ ढिल्लो और उनकी टीम ने जिस शौर्य का परिचय देते हुए भाई को 14 मार्च 2018 के दिन यूपी में सिसोनी गांव से मुक्त कराया था, उसके कई दिनों बाद तक उनका भाई और परिवार सदमे में डूबे रहे। मगर इसके बाद उनके परिवार का एक ही लक्ष्य रहा कि दोषियों को अधिक से अधिक सजा मिले। देश की न्याय व्यवस्था का ही नतीजा था कि उनके भाई और परिवार को न्याय मिला और इस मामले में दोषी एक युवती सहित 10 लोगों को आजीवन कारावास की सजा 2013 में सुनाई गई थी। आज सभी दोषी जेल में हैं। देवांशु शर्मा के मुताबिक जरूरतमंद और पीड़ित पक्ष को न्याय पाने के लिये भटकना न पड़े, न्यायिक सेवा में रहते हुए वह इस बात का हमेशा ख्याल रखेंगे। यहां बता दें कि देवांशु शर्मा के अलावा उनके बड़े भाई स्नेहिल भी न्यायिक सेवा के लिये तैयारी कर रहे हैं और पंजाब-हरियाणा न्यायिक सेवा का प्री एग्जाम पास कर चुके हैं। स्नेहिल शर्मा का कहना है कि उन्हें खुशी है कि उनके छोटे भाई ने उनका सपना पूरा किया, अब मेरा भी यही लक्ष्य है कि मैं जज बनकर अपने भाई का सपना पूरा करूं।
विज्ञापन



11 हजार में 370 का हुआ था चयन
शुक्रवार को गुजरात न्यायिक सेवा का परिणाम घोषित हुआ हुआ। देवांशु शर्मा ने बताया कि प्री एग्जाम सितंबर 2018 में हुआ था, जिसमें 11 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे, लेकिन इनमें से सिर्फ 370 परीक्षार्थियों को मेन के लिये क्वालीफाई किया था। उन्होंने बताया कि 9 फरवरी 2019 को गुजरात हाईकोर्ट में इंटरव्यू रखा गया था, जिसमें जज के 79 पदों के लिये 81 लोगों को इंटरव्यू काल हुई थी। इस इंटरव्यू में 81 में से केवल 40 का चयन हुआ है, जबकि न्यायाधीश के 39 पद योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने की वजह से रिक्त छोड़े गये हैं। उन्होंने बताया कि गुजरात न्यायिक सेवा के लिये जिन 40 जजों का चयन हुआ है, उनमें उसे 18वां रैंक हासिल हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन



माता पिता ने की भद्रकाली मंदिर में की विशेष पूजा
देवांशु शर्मा ने कुरुक्षेत्र के गीता विद्या मंदिर में शिशु से पांचवीं कक्षा तक और छठी से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में में की। इसके पश्चात बीएएलएलबी पंजाब यूनिवर्सिटी से और एलएलएम कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से की। देवांशु के गुजरात न्यायिक सेवा में चयन पर रिश्तेदारों और नगर की धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं की ओर से परिजनों को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। वहीं उनकी माता शिमला देवी और पिता पंडित सतपाल ने जहां इस उपलब्धि पर बेटे को स्वर्णिम भविष्य का आशीर्वाद दिया, वहीं मां भद्रकाली के दरबार में विशेष पूजा कर आशीर्वाद लिया।



कई सवालों में से एक सवाल गुजरात का हरियाणा से क्या है रिश्ता
गुजरात न्यायिक सेवा में 18वां रैंक हासिल करने वाले देवांशु शर्मा ने बातचीत में बताया कि 9 फरवरी को गुजरात हाईकोर्ट में इंटरव्यू के दौरान उनसे अधिकांश प्रश्न संबंधित विषय के पूछे गये थे, कुछ प्रश्न सामान्य ज्ञान के भी शामिल थे, इनमें एक प्रश्न यह भी था कि हरियाणा और गुजरात का क्या रिश्ता है? इसका जवाब में उन्होंने बताया था कि गुजरात के अहमदाबाद की नगर देवी भद्रकाली माता है और हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मां भद्रकाली शक्तिपीठ। इसके अलावा उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण गुजरात के द्वारिका के धीश थे और हरियाणा के कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया को कर्म का संदेश गीता के माध्यम से दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed