फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   कथित प्रधान के नेतृत्व में स्वयंभू संगठन है कुंटिया,नहीं है एक्ट 2012 के तहत रजिट्रेशन-केयू प्रशासन

कथित प्रधान के नेतृत्व में स्वयंभू संगठन है कुंटिया,नहीं है एक्ट 2012 के तहत रजिट्रेशन-केयू प्रशासन

Wed, 12 Sep 2018 12:55 AM IST
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:55 AM IST
विज्ञापन
कथित प्रधान के नेतृत्व में स्वयंभू संगठन है कुंटिया,नहीं है एक्ट 2012 के तहत रजिट्रेशन-केयू प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। केयू में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को 14 वें दिन जारी रही, जबकि दूसरी ओर केयू प्रशासन ने जारी सूचना में रामकुमार गुर्जर का नाम कुंटिया के कथित प्रधान के रूप में उल्लेख करते हुए हड़ताल को अवैध और कोर्ट की अवमानना बताया। केयू प्रशासन का कहना है कि फर्म एंड सोसाइटी एक्ट 2012 के तहत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय गैर शिक्षक कर्मचारी संघ का पंजीकरण नहीं है। इस नाते केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ स्वयंभू संगठन है।
इधर मंगलवार को सैकड़ों कर्मचारी प्रशासनिक ब्लॉक के समक्ष एकत्रित हुए। इन कर्मचारियों ने केयू प्रशासन पर गैर-जिम्मेदाराना रवैये का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और जोरदार नारेबाजी की और केयू परिसर में रोष मार्च किया । इस धरने प्रदर्शन का नेतृत्व कृष्ण पांडेय ने किया। प्रदर्शन के दौरान पांडेय ने कहा कि कुंटिया बिल्कुल नहीं चाहती की कर्मचारियों की हड़ताल के कारण छात्रों का और नुकसान हो, लेकिन प्रशासन के जिद्दी और अड़ियल रवैये की वजह से नौबत यहां तक पहुंच गई है। पूर्व प्रेस सेकैटरी यशपाल सैनी और पूर्व कोषाध्यक्ष रामेश्वर सैनी ने कहा कि कुलपति उन सभी सुविधाओं को खत्म करना चाहते हैं जो कि कर्मचारियों को अभी तक मिल रही थी।
विज्ञापन

इधर, केयू से बाहर 50 मीटर की दूरी पर कुंटिया के 17 कर्मचारियों का धरना भी जारी रहा। इस मौके पर कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर ने दावा किया कि प्रशासन द्वारा कुंटिया की हड़ताल को तारपीडों करने के हर प्रयासों को संगठन की एकता ने बुरी तरह से विफल कर दिया है। न्यायालय के आदेशों में सिर्फ 17 कर्मचारी नेताओं पर कुछ पाबंदिया लगाई है। मगर केयू प्रशासन ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रामकुमार गुर्जर को कथित कुंटिया के प्रधान के रुप में उल्लेख करते हुए पत्र लिखकर माननीय न्यायालय के आदेशों के बारे में अवगत कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

केयू प्रशासन ने माननीय कोर्ट के स्थगन आदेश के पैरा नंबर- 11 का हवाला देते हुए बताया है कि कुंटिया पदाधिकारियों द्वारा की जा रही हड़ताल पूरी तरह से अवैध है। जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि माननीय कोर्ट ने अपने फैसले में साफ लिखा है कि यह स्थगन आदेश उन सभी लोगों पर भी लागू होता है, जो कथित कुंटिया के बैनर तले कोर्ट के फैसले के बाद भी धरना प्रदर्शन कर केयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने सूचित किया है कि सभी कर्मचारियों को न्यायालय के निर्णय के अनुसार व्यवहार करने संबंधी सूचना देने की जिम्मेदारी भी कथित कुंटिया प्रधान की है।
केयू प्रशासन द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि कोर्ट ने माना है कि कर्मचारी बिना योग्यता के प्रमोशन, वितीय लाभ चाहते हैं, जोकि न्यायसंगत नहीं है। वे हड़ताल के माध्यम से प्रशासन पर दबाव बनाकर बिना योग्यता के प्रमोशन का लाभ लेना चाहते हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन ने हड़ताल पर स्थगन के लिए जो याचिका में तर्क दिए हैं वे पूरी तरह से सही हैं। केयू प्रशासन ने कथित कुंटिया प्रधान को अवगत कराया है कि कल किसी भी कर्मचारी को किसी तरह का नुकसान होता है तो इसके लिए कुंटिया प्रधान स्वयं जिम्मेवार होंगे। मंगलवार को वित्त शाखा की प्रोग्रामर सहित 11 और कर्मचारी काम पर लौटे। दूसरी ओर विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। कर्मचारी की लिखित शिकायत के अनुसार वह हडताल में शामिल नहीं है, इसलिए कुछ कर्मचारी नेता उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को पत्र को लिखकर उक्त कर्मचारी की सुरक्षा एवं न्यायालय के आदेशानुसार उचिज कारवाई की मांग की है। कर्मचारी का आरोप है कि उसे कुछ लोगों द्वारा गाड़ी से कुचलकर जाने से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।


पूर्व कुंटिया नेताओं ने भरा जोश
इस अवसर पर पूर्व कुंटिया प्रधान मान सिंह और पूर्व महासचिव बलजीत सिंह ने अपने क्रांतिकारी विचारों से कर्मचारियों में नए जोश का संचार किया। इस अवसर पर वरिष्ठ कुंटिया नेता विजय गौड, तेजा सिंह जडौला, सुरेंद्र मलिक, डा0 हरिसिंह, डा0 पवन रोहिला, नरेंद्र सारसा, रमेश बाल्याण, जयपाल सैनी, रूपेश खन्ना, नरेश, जीत सिंह शेर, नारायणी देवी, बाला देवी, विनीता सारसा एवं समस्त कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।

केयू प्रशासन ने भेजी ये सूचना
-केयू प्रशासन ने कुंटिया प्रधान को पत्र के माध्यम से कोर्ट के आदेशों के बारे में अवगत कराया।
-हड़ताल से वापिस नहीं आए तो होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी।
-डयूटी ज्वाइन करने वालों को धमकी दे रहे हैं कर्मचारी, प्रशासन ने एसपी को पत्र लिखकर की कार्रवाई की मांग।
-11 और कर्मचारियों ने मंगलवार को अपनी ड्यूटी ज्वाईन कर ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed