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कन्या भ्रूण हत्या गंभीर मुद्दा, किन्नर करेंगे जगरूक
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा।
शहर के एक निजी पैलेस में चल रहे अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन में देश के विभिन्न भागों से किन्नर आए हैं। अभी भी समाज के लोगों का सममेलन में आना जारी है। आयोजक और स्थानीय किन्नर मेहमाननवाजी में जुटे हैं। शहर से दूर रादौर रोड पर स्थित निजी पैलेस में किन्नर सम्मेलन के कारण उत्सव का माहौल है। इस दौरान किन्नरों के सदन में गंभीर मुद्दे भी गूंज रहे हैं। सम्मेलन के दौरान पंजाब, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी बंगाल, मध्यप्रदेश, राजस्थान से आए किन्नरों ने अपने समाज से जुडे़ मुद्दे रखे। साथ ही गहन तर्क-वितर्क हुए। किन्नरों का मानान है कि उनकी दुआओं से लोगों का भला होता है। सम्मेलन में किन्नरों में सामाजिक सरोकारों पर भी सहमति बन रही है।
सम्मेलन के आयोजक रमेश नायक महंत का कहना है कि इस समय सबसे बडा मुद्दा कन्या भ्रूण हत्या है। इस पर तत्काल अंकुश लगाने की जरूरत है। रमेश नायक का कहना है कि यह काम अकेले सरकार के बस का नहीं है। इसके लिए लोगों को जागरूक होना होगा। वे कहते हैं कि किन्नर समाज भी लोगों को कन्या भ्रूण हत्या न करने के लिए जागरूक करेगा। आयोजन से जुड़ी काजल महंत का कहना है कि सम्मेलन में तय हुई बातों पर यहां से बाहर चर्चा नहीं की जाएगी। देशभर के किन्नर मानवता और समाज की भलाई के कामों में अपनी भागेदारी बढ़ाना चाहते हैं। सम्मेलन के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा को आगे रखते हुए बेटी और बहन के नए रिश्ते बनाए जा रहे हैं। इन रिश्तों में बेटियों का खास महत्व है। उम्रदराज किन्नर युवा किन्नरों में अपनी बेटी तलाश रहे हैं। नए रिश्ते बन जांएगे तो कभी बेटी मां का प्यार पाने आएगी तो कभी मां भी बेटी की सुध लेगी। रिश्ता बनने के बाद बेटी की प्यार, दुलार और उपहार के साथ दुल्हन की विदाई की जाएगी।
किन्नरों की दावत तैयार करने में जुटे हैं चंडीगढ़ के कैटर
निजी पैलेस में दावत के लिए एक विशाल पंडाल सजाया गया है तो दावत में लजीज पकवान तैयार करने के लिए चंडीगढ़ के कैटर अपनी टीम के साथ जुटे हैं। नाश्ते से लेकर रात के खाने तक के लिए अलग-अलग व्यंजन बन रहे हैं। दावत में उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय व्यंजनों के साथ हैदराबादी बिरयानी, लखनऊ की मुगलई दस्तरखान की डिशें शामिल हैं। चाइनीज और कांटीनेंटल भी परोसे जा रहे हैं।
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लाडवा।
शहर के एक निजी पैलेस में चल रहे अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन में देश के विभिन्न भागों से किन्नर आए हैं। अभी भी समाज के लोगों का सममेलन में आना जारी है। आयोजक और स्थानीय किन्नर मेहमाननवाजी में जुटे हैं। शहर से दूर रादौर रोड पर स्थित निजी पैलेस में किन्नर सम्मेलन के कारण उत्सव का माहौल है। इस दौरान किन्नरों के सदन में गंभीर मुद्दे भी गूंज रहे हैं। सम्मेलन के दौरान पंजाब, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी बंगाल, मध्यप्रदेश, राजस्थान से आए किन्नरों ने अपने समाज से जुडे़ मुद्दे रखे। साथ ही गहन तर्क-वितर्क हुए। किन्नरों का मानान है कि उनकी दुआओं से लोगों का भला होता है। सम्मेलन में किन्नरों में सामाजिक सरोकारों पर भी सहमति बन रही है।
सम्मेलन के आयोजक रमेश नायक महंत का कहना है कि इस समय सबसे बडा मुद्दा कन्या भ्रूण हत्या है। इस पर तत्काल अंकुश लगाने की जरूरत है। रमेश नायक का कहना है कि यह काम अकेले सरकार के बस का नहीं है। इसके लिए लोगों को जागरूक होना होगा। वे कहते हैं कि किन्नर समाज भी लोगों को कन्या भ्रूण हत्या न करने के लिए जागरूक करेगा। आयोजन से जुड़ी काजल महंत का कहना है कि सम्मेलन में तय हुई बातों पर यहां से बाहर चर्चा नहीं की जाएगी। देशभर के किन्नर मानवता और समाज की भलाई के कामों में अपनी भागेदारी बढ़ाना चाहते हैं। सम्मेलन के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा को आगे रखते हुए बेटी और बहन के नए रिश्ते बनाए जा रहे हैं। इन रिश्तों में बेटियों का खास महत्व है। उम्रदराज किन्नर युवा किन्नरों में अपनी बेटी तलाश रहे हैं। नए रिश्ते बन जांएगे तो कभी बेटी मां का प्यार पाने आएगी तो कभी मां भी बेटी की सुध लेगी। रिश्ता बनने के बाद बेटी की प्यार, दुलार और उपहार के साथ दुल्हन की विदाई की जाएगी।
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किन्नरों की दावत तैयार करने में जुटे हैं चंडीगढ़ के कैटर
निजी पैलेस में दावत के लिए एक विशाल पंडाल सजाया गया है तो दावत में लजीज पकवान तैयार करने के लिए चंडीगढ़ के कैटर अपनी टीम के साथ जुटे हैं। नाश्ते से लेकर रात के खाने तक के लिए अलग-अलग व्यंजन बन रहे हैं। दावत में उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय व्यंजनों के साथ हैदराबादी बिरयानी, लखनऊ की मुगलई दस्तरखान की डिशें शामिल हैं। चाइनीज और कांटीनेंटल भी परोसे जा रहे हैं।
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