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दोषी करार से पहले धर्मक्षेत्र में डेरा प्रमुख के 10 मिनट
Updated Fri, 25 Aug 2017 11:11 PM IST
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सूने पड़ गए सरकारी कार्यालय, दिखा खौफ
- दिनभर में सीएम विंडो पर एक शिकायत आई तो तहसील में आधा दर्जन लोग रजिस्ट्री करवाने पहुंचे
- डीएल और आरसी के लिए तीन सौ के मुकाबले पहुंचे करीब 60 लोग
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। डेरा मुखी के फैसले का खौफ सरकारी कार्यालयों में भी दिखाई दिया,जहां हर रोज हजारों लोग पहुंचते थे वहीं शुक्रवार को दर्जनों लोग ही यहां पहुंचे। जिला सचिवालय में सन्नाटा सा पसरा रहा तो वहीं तहसील में जहां महज आधा दर्जन लोग ही रजिस्ट्री करवाने के लिए पहुंचे तो वहीं सीएम विंडो पर पूरे दिन में महज एक ही शिकायतकर्ता पहुंचा जबकि यहां हर रोज 40 से अधिक लोग शिकायत लेकर पहुंचते थे। यहीं नहीं ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन ट्रांसफर व रजिस्ट्रेशन के लिए भी केवल 60 के करीब ही आवेदन पहुंच पाए जबकि हर रोज यहां करीब 300 आवेदन पहुंचते रहे हैं। सरकारी कार्यालय दिन भर सूनसान पड़े रहे तो वहां पर कर्मचारी भी लोगों की बाट पूरा दिन जोहते रहे। इन कर्मचारियों में भी भय का माहौल बना रहा और सभी खाली बैठे केवल डेरा मुखी के मामले को लेकर ही चर्चा करते रहे। अधिकतर वरिष्ठ अधिकारियों को अपने कार्यालयों से बाहर सड़कों पर ही तैनात रहना पड़ा। अधिकतर अधिकारियों की ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर ड्यूटी लगाई गई। इसके चलते वे ड्यूटी वाले स्थानों पर तैनात रहे तो वहीं अपने-अपने कार्यालयों के हालात की पल-पल जानकारी कर्मचारियों से लेते रहे।
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जीटीरोड से मेन बाजारों और मुख्य मार्गों पर सन्नाटा
डेरा प्रमुख पर फैसला आने के चलते शहर की मार्केट 60 प्रतिशत बंद दिखी। कैसल माल, डिवाइन माल, सेक्टर-17 के कई शोरूम, केयू थर्ड गेट एरिया, मेन बाजार, रेलवे रोड, महाराणा प्रताप चौक आर्य समाज मार्केट, सेक्टर-13 मार्केट और अन्य सेक्टरों की मार्केट में रविवार की छुट्टी जैसे हालात दिखे। वहीं जैसे ही तीन बजे सीबीआई की विशेष अदालत का फैसला आया, दुकानदारों ने यहां शेष दुकानें भी बंद कर दीं।
डेरा प्रमुख के दर्शन के लिए सड़कों पर उमड़े लोग
शाहाबाद। सीबीआई अदालत में पेशी को लेकर डेरा प्रमुख के सड़क मार्ग से आने की खबर पाकर डेरा प्रेमी और आम जनता सड़कों पर उमड़ पड़ी। शाहाबाद के निकटवर्ती गांवों धंतौड़ी और जैनपुर के नजदीक काफी संख्या में डेरा प्रेमी कतारबद्ध खड़े हो गए और संकीर्तन करते हुए डेरा प्रमुख के आने का इंतजार करते रहे। जैसे ही डेरा प्रमुख का काफिला यहां से गुजरा तो सभी डेरा प्रेमियों ने हाथ जोड़कर शीश नवाया। बाद में उन्हें सड़कों से हटा दिया गया। पिछले दो दिनों से सुरक्षा के इंतजामात देख रहे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी एक बार राहत की सांस ली। दूसरी ओर जहां रेल सेवा व बस सेवा बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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एडीजीपी ने लिया सुरक्षा प्रबंधों का जायजा
डेरा प्रमुख के काफिले को लेकर एडीजीपी ने सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। गांव धंतौड़ी से लेकर मोहड़ी तक एडीजीपी का काफिला रास्ते में रुकता गया और डेरा प्रेमियों को जागरूक करते हुए गए। एडीजीपी ने सभी शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि जब काफिला गुजरे तो कोई भी व्यक्ति सड़क पर नहीं उतरेगा। उधर, डीएसपी जगदीश राय और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नायब सिंह लगातार गश्त कर रहे थे और आला अधिकारियों को पल पल की सूचना दे रहे थे।
इंटरनेट सेवाएं बंद होने से परेशान दिखे युवा
इंटरनेट सेवाएं अगले आदेश तक बंद कर दिए जाने से युवा व आमजन परेशान दिखाई दिए। युवाओं को समझ ही नहीं आ रहा था कि वह अपने प्रियजनों से कैसे संपर्क करें या फिर कुछ युवा इंटरनेट पर आवश्यक कार्य करने से वंचित रह गए। शुक्रवार को केवल बैंक खुले रहे। इसके अलावा सभी सरकारी कार्यालय पूर्णतया बंद रहे।
फोटो 32
डेरा प्रमुख पर फैसला आते ही बाजार हुए बंद
शाहाबाद में डेरों पर बढ़ाई गई सुरक्षा, नाम चर्चा घर करवाया खाली
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। डेरा प्रमुख पर सजा का फैसला आते ही शहर के बाजार पूर्ण रूप से बंद हो गए। दुकानदारों ने सुरक्षा के दृष्टिगत ही खुद अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दीं। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर जैनपुर स्थित नामचर्चा घर भी खाली करवा लिया। किसी भी अनहोनी की आशंका के चलते लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दी। दूसरी ओर शाहाबाद के निकटवर्ती गांव धंतौड़ी, जैनपुर और मोहड़ी में नामचर्चा घरों के आगे पुलिस बल व अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। बाजार बंद की सूचना मिलते ही पुलिस ने गश्त शुरू कर दी और लोगों को बिना भय के दुकानें खोले रखने की अपील करते रहे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट संदीप भारद्वाज, एसडीएम सतबीर कुंडू, डीएसपी जगदीश राय ने गांव जैनपुर स्थित नामचर्चा घर में मौजूद लोगों को धारा 144 का कारण बताकर नामचर्चा घर खाली करवा लिया। वहीं गांव धंतौड़ी में कुछ महिलाएं एकत्रित हुईं लेकिन प्रशासन ने सभी को वापस भेज दिया। पुलिस ने ऐतिहात के तौर पर बैंक व एटीएम भी बंद करवा दिए गए और शहर में चौकसी बढ़ा दी गई।
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- दिनभर में सीएम विंडो पर एक शिकायत आई तो तहसील में आधा दर्जन लोग रजिस्ट्री करवाने पहुंचे
- डीएल और आरसी के लिए तीन सौ के मुकाबले पहुंचे करीब 60 लोग
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। डेरा मुखी के फैसले का खौफ सरकारी कार्यालयों में भी दिखाई दिया,जहां हर रोज हजारों लोग पहुंचते थे वहीं शुक्रवार को दर्जनों लोग ही यहां पहुंचे। जिला सचिवालय में सन्नाटा सा पसरा रहा तो वहीं तहसील में जहां महज आधा दर्जन लोग ही रजिस्ट्री करवाने के लिए पहुंचे तो वहीं सीएम विंडो पर पूरे दिन में महज एक ही शिकायतकर्ता पहुंचा जबकि यहां हर रोज 40 से अधिक लोग शिकायत लेकर पहुंचते थे। यहीं नहीं ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन ट्रांसफर व रजिस्ट्रेशन के लिए भी केवल 60 के करीब ही आवेदन पहुंच पाए जबकि हर रोज यहां करीब 300 आवेदन पहुंचते रहे हैं। सरकारी कार्यालय दिन भर सूनसान पड़े रहे तो वहां पर कर्मचारी भी लोगों की बाट पूरा दिन जोहते रहे। इन कर्मचारियों में भी भय का माहौल बना रहा और सभी खाली बैठे केवल डेरा मुखी के मामले को लेकर ही चर्चा करते रहे। अधिकतर वरिष्ठ अधिकारियों को अपने कार्यालयों से बाहर सड़कों पर ही तैनात रहना पड़ा। अधिकतर अधिकारियों की ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर ड्यूटी लगाई गई। इसके चलते वे ड्यूटी वाले स्थानों पर तैनात रहे तो वहीं अपने-अपने कार्यालयों के हालात की पल-पल जानकारी कर्मचारियों से लेते रहे।
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जीटीरोड से मेन बाजारों और मुख्य मार्गों पर सन्नाटा
डेरा प्रमुख पर फैसला आने के चलते शहर की मार्केट 60 प्रतिशत बंद दिखी। कैसल माल, डिवाइन माल, सेक्टर-17 के कई शोरूम, केयू थर्ड गेट एरिया, मेन बाजार, रेलवे रोड, महाराणा प्रताप चौक आर्य समाज मार्केट, सेक्टर-13 मार्केट और अन्य सेक्टरों की मार्केट में रविवार की छुट्टी जैसे हालात दिखे। वहीं जैसे ही तीन बजे सीबीआई की विशेष अदालत का फैसला आया, दुकानदारों ने यहां शेष दुकानें भी बंद कर दीं।
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डेरा प्रमुख के दर्शन के लिए सड़कों पर उमड़े लोग
शाहाबाद। सीबीआई अदालत में पेशी को लेकर डेरा प्रमुख के सड़क मार्ग से आने की खबर पाकर डेरा प्रेमी और आम जनता सड़कों पर उमड़ पड़ी। शाहाबाद के निकटवर्ती गांवों धंतौड़ी और जैनपुर के नजदीक काफी संख्या में डेरा प्रेमी कतारबद्ध खड़े हो गए और संकीर्तन करते हुए डेरा प्रमुख के आने का इंतजार करते रहे। जैसे ही डेरा प्रमुख का काफिला यहां से गुजरा तो सभी डेरा प्रेमियों ने हाथ जोड़कर शीश नवाया। बाद में उन्हें सड़कों से हटा दिया गया। पिछले दो दिनों से सुरक्षा के इंतजामात देख रहे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी एक बार राहत की सांस ली। दूसरी ओर जहां रेल सेवा व बस सेवा बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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एडीजीपी ने लिया सुरक्षा प्रबंधों का जायजा
डेरा प्रमुख के काफिले को लेकर एडीजीपी ने सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। गांव धंतौड़ी से लेकर मोहड़ी तक एडीजीपी का काफिला रास्ते में रुकता गया और डेरा प्रेमियों को जागरूक करते हुए गए। एडीजीपी ने सभी शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि जब काफिला गुजरे तो कोई भी व्यक्ति सड़क पर नहीं उतरेगा। उधर, डीएसपी जगदीश राय और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नायब सिंह लगातार गश्त कर रहे थे और आला अधिकारियों को पल पल की सूचना दे रहे थे।
इंटरनेट सेवाएं बंद होने से परेशान दिखे युवा
इंटरनेट सेवाएं अगले आदेश तक बंद कर दिए जाने से युवा व आमजन परेशान दिखाई दिए। युवाओं को समझ ही नहीं आ रहा था कि वह अपने प्रियजनों से कैसे संपर्क करें या फिर कुछ युवा इंटरनेट पर आवश्यक कार्य करने से वंचित रह गए। शुक्रवार को केवल बैंक खुले रहे। इसके अलावा सभी सरकारी कार्यालय पूर्णतया बंद रहे।
फोटो 32
डेरा प्रमुख पर फैसला आते ही बाजार हुए बंद
शाहाबाद में डेरों पर बढ़ाई गई सुरक्षा, नाम चर्चा घर करवाया खाली
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। डेरा प्रमुख पर सजा का फैसला आते ही शहर के बाजार पूर्ण रूप से बंद हो गए। दुकानदारों ने सुरक्षा के दृष्टिगत ही खुद अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दीं। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर जैनपुर स्थित नामचर्चा घर भी खाली करवा लिया। किसी भी अनहोनी की आशंका के चलते लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दी। दूसरी ओर शाहाबाद के निकटवर्ती गांव धंतौड़ी, जैनपुर और मोहड़ी में नामचर्चा घरों के आगे पुलिस बल व अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। बाजार बंद की सूचना मिलते ही पुलिस ने गश्त शुरू कर दी और लोगों को बिना भय के दुकानें खोले रखने की अपील करते रहे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट संदीप भारद्वाज, एसडीएम सतबीर कुंडू, डीएसपी जगदीश राय ने गांव जैनपुर स्थित नामचर्चा घर में मौजूद लोगों को धारा 144 का कारण बताकर नामचर्चा घर खाली करवा लिया। वहीं गांव धंतौड़ी में कुछ महिलाएं एकत्रित हुईं लेकिन प्रशासन ने सभी को वापस भेज दिया। पुलिस ने ऐतिहात के तौर पर बैंक व एटीएम भी बंद करवा दिए गए और शहर में चौकसी बढ़ा दी गई।