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60 फीसदी स्कूली बच्चे पीएम से नहीं सिख पाए तनाव मुक्त रहकर परीक्षा देने के गुर
Updated Sat, 17 Feb 2018 01:05 AM IST
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साठ फीसदी स्कूली बच्चे पीएम से नहीं सिख पाए तनाव मुक्त रहकर परीक्षा देने के गुर
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश भर के स्कूली बच्चों को तनावमुक्त रहकर परीक्षाएं देने का मंत्र दिया, लेकिन जिले के 60 फीसदी से भी अधिक बच्चे यह मंत्र ही नहीं ले पाए। विशेष रूप से प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में अधिकतर बच्चों को पीएम के इस संवाद का पता भी नहीं चल सका। इन स्कूलों में कहीं बिजली ही नहीं थी, तो कहीं एजुसेट सिस्टम ही ठप पड़े थे। यहां तक कि अनेकों स्कूल अध्यापकों ने साथ लगते सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में बच्चों को पीएम का संदेश दिखाने और सुनाने के प्रयास किए, लेकिन वे ठप ही रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार देश भर के स्कूली बच्चों को करीब 11 बजे से एक घंटे से भी अधिक समय तक संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने उन्हें परीक्षाओं के समय तनाव मुक्त रहने का आह्वान करते हुए कहा कि तनाव से परीक्षा अच्छी नहीं होती, बल्कि इससे विद्यार्थी के फेल होने का अधिक डर रहता है। बच्चों को अपने शिक्षक और परिजनों के साथ मिलकर परीक्षा की अच्छी और तनावमुक्त तैयारी करनी चाहिए। पीएम के इस संदेश को सभी स्कूली बच्चों तक पहुंचाने के लिए सरकार और विभाग की ओर से स्कूल मुखियाओं को आदेश दिए गए थे। लेकिन, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में तो अधिकतर में यह व्यवस्था हो गई, लेकिन मिडिल और प्राइमरी स्कूलों के अधिकतर बच्चे इस संदेश से वंचित ही रहे।
नहीं बन पाई व्यवस्था, क्या करें
कई स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि स्कूलों में व्यवस्था ही नहीं बन पाई। भरसक प्रयास किए गए, लेकिन दिए गए समय के अनुसार व्यवस्था नहीं हो पाई। अधिकतर गांवों में उस समय बिजली ही नहीं थी। जनरेटर लंबे समय से सफेद हाथी के रूप में खड़े हैं।
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सभी स्कूलों से ली जाएगी रिपोर्ट : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी नमिता कौशिक का कहना है कि सभी स्कूलों को पीएम का संदेश दिखाने और सुनाने के आदेश दिए गए थे। उन्हें आज इस दौरान कोई शिकायत नहीं मिली। इसके बावजूद वे सभी स्कूलों से रिपोर्ट लेंगी कि कितने बच्चों को यह कार्यक्रम दिखाया गया और कितने बच्चे वंचित रहे। आगे किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्था कराई जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश भर के स्कूली बच्चों को तनावमुक्त रहकर परीक्षाएं देने का मंत्र दिया, लेकिन जिले के 60 फीसदी से भी अधिक बच्चे यह मंत्र ही नहीं ले पाए। विशेष रूप से प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में अधिकतर बच्चों को पीएम के इस संवाद का पता भी नहीं चल सका। इन स्कूलों में कहीं बिजली ही नहीं थी, तो कहीं एजुसेट सिस्टम ही ठप पड़े थे। यहां तक कि अनेकों स्कूल अध्यापकों ने साथ लगते सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में बच्चों को पीएम का संदेश दिखाने और सुनाने के प्रयास किए, लेकिन वे ठप ही रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार देश भर के स्कूली बच्चों को करीब 11 बजे से एक घंटे से भी अधिक समय तक संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने उन्हें परीक्षाओं के समय तनाव मुक्त रहने का आह्वान करते हुए कहा कि तनाव से परीक्षा अच्छी नहीं होती, बल्कि इससे विद्यार्थी के फेल होने का अधिक डर रहता है। बच्चों को अपने शिक्षक और परिजनों के साथ मिलकर परीक्षा की अच्छी और तनावमुक्त तैयारी करनी चाहिए। पीएम के इस संदेश को सभी स्कूली बच्चों तक पहुंचाने के लिए सरकार और विभाग की ओर से स्कूल मुखियाओं को आदेश दिए गए थे। लेकिन, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में तो अधिकतर में यह व्यवस्था हो गई, लेकिन मिडिल और प्राइमरी स्कूलों के अधिकतर बच्चे इस संदेश से वंचित ही रहे।
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नहीं बन पाई व्यवस्था, क्या करें
कई स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि स्कूलों में व्यवस्था ही नहीं बन पाई। भरसक प्रयास किए गए, लेकिन दिए गए समय के अनुसार व्यवस्था नहीं हो पाई। अधिकतर गांवों में उस समय बिजली ही नहीं थी। जनरेटर लंबे समय से सफेद हाथी के रूप में खड़े हैं।
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सभी स्कूलों से ली जाएगी रिपोर्ट : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी नमिता कौशिक का कहना है कि सभी स्कूलों को पीएम का संदेश दिखाने और सुनाने के आदेश दिए गए थे। उन्हें आज इस दौरान कोई शिकायत नहीं मिली। इसके बावजूद वे सभी स्कूलों से रिपोर्ट लेंगी कि कितने बच्चों को यह कार्यक्रम दिखाया गया और कितने बच्चे वंचित रहे। आगे किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्था कराई जाएगी।