फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   प्रसूति विभाग में महिला चिकित्सकों की कमी को लेकर कुरुक्षेत्र-कैथल मार्ग किया जाम

प्रसूति विभाग में महिला चिकित्सकों की कमी को लेकर कुरुक्षेत्र-कैथल मार्ग किया जाम

Wed, 29 Aug 2018 12:35 AM IST
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
प्रसूति विभाग में महिला चिकित्सकों की कमी को लेकर कुरुक्षेत्र-कैथल मार्ग किया जाम
फोटो नंबर-17 से 20, 31, 32 व 37
विज्ञापन

एलएनजेपी अस्पताल के प्रसूति विभाग में महिला चिकित्सकों का टोटा, गर्भवती महिलाओं के परिजनों ने कैथल- कुरुक्षेत्र मार्ग किया जाम
- बोले, स्टाफ नर्स के भरोसे है अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की डिलिवरी
- गर्भवती महिलाओं को पीजीआई रेफर कर रहे है, यदि रास्ते में कुछ हो गया तो कौन होगा जिम्मेदार
- जाम में फंसी रही एंबुलेंस, मशक्कत के बाद निकाला गया
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी सिविल अस्पताल के प्रसूति विभाग में महिला चिकित्सकों का भारी टोटा है। यहां तक कि स्टाफ नर्स के सहारे महिलाओं की डिलिवरी की जाती है तो उनका व्यवहार भी सही नहीं है। इन्हीं आरोपों को लेकर मंगलवार को अस्पताल पहुंची गर्भवती महिलाओं के परिजन भड़क उठे और उन्होंने अस्पताल के बाहर ही कुरुक्षेत्र-कैथल मार्ग जाम कर दिया।
उन्होंने करीब आधे घंटे तक स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी बीच मरीज को लेकर अस्पताल पहुंच रही एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही और सायरन बजाती रही। काफी मशक्कत के बाद एंबुलेंस को डिवाइडर के ऊपर से निकाला गया। सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे और राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सड़क पर बैठे परिजनों ने कहा कि अस्पताल के प्रसूति विभाग में कोई भी महिला चिकित्सक नहीं है। सिर्फ स्टाफ नर्स ही गर्भवती महिलाओं की डिलिवरी कर रही है। चिकित्सकों की कमी के चलते यहां से गर्भवती को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया जा रहा है। ऐसे में यदि रास्ते में कुुछ अनहोनी हो गई तो उसका कौन जिम्मेदार होगा। जाम की सूचना पर थर्ड गेट चौकी प्रभारी कुलदीप मौके पर पहुंचे और सड़क पर बैठे परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद चौकी प्रभारी सहित परिजनों ने सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह से मुलाकात की। परिजनों ने सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह को कहा कि यहां पिछले कई-कई दिनों से गर्भवती महिलाएं दाखिल हैं। गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप देखरेख नहीं हो रही और न ही बेहतर ढंग से इलाज दिया जा रहा है। उन्होंने प्रसूति विभाग में कार्यरत स्टाफ पर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां के कर्मचारी परिजनों को धक्के मारकर बाहर निकाल देते हैं। परिजनों को सीएमओ ने बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके उपरांत परिजन शांत हुए।
विज्ञापन


बेड 30, दाखिल हैं 80 गर्भवती महिलाएं
अस्पताल के प्रसूति विभाग में मंगलवार को करीब 80 गर्भवती महिलाएं दाखिल रहीं, जबकि इनमें से मंगलवार सुबह से सायं तक चार से पांच डिलिवरी हो चुकी थीं। परिजनों का कहना है कि प्रसूति विभाग में सिर्फ 30 ही बेड हैं। दो से तीन गर्भवती महिलाओं को मजबूरी में एक बेड पर ही रहना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभाग में केवल एक महिला सर्जन, दो से तीन केस हो रहे पीजीआई रेफर
प्रसूति विभाग में केवल एक ही महिला सर्जन है, जो मंगलवार को छुट्टी पर थी। उनके साथ ही मेडिकल ऑफिसर भी छुट्टी पर थीं। इस कारण विभाग स्टाफ नर्स के सहारे ही रहा। जानकारी के मुताबिक यहां से हर रोज दो से तीन डिलिवरी केसों को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया जाता है।

पंद्रह दिनों से दाखिल है बेटी : शकुंतला
शकुंतला देवी ने बताया कि उवकी गर्भवती बेटी रीना पंद्रह दिन से एलएनजेपी अस्पताल में दाखिल है। यहां चिकित्सकों की कमी होने के चलते उसकी नियमित रूप से देखरेख नहीं हो रही। न ही सही समय पर इलाज दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल परिसर में चिकित्सकों की कमी को दूर करना चाहिए।

गर्भवती की नहीं हुई देखरेख : केलो देवी
गांव यारा वासी केलो देवी ने बताया कि उसकी देवरानी ऊषा रविवार से एलएनजेपी अस्पताल में दाखिल है। हमेशा दर्द से बिलखती रही है, लेकिन कोई संभाल नहीं हुई। चिकित्सकों को समय-समय पर देखरेख करनी चाहिए और अच्छा उपचार देना चाहिए।

लापरवाही के चलते तीन दिन से नहीं हो पाई डिलिवरी : अरुण
किरमिच वासी अरुण ने बताया कि उसकी पत्नी शनिवार दोपहर से एलएनजेपी अस्पताल में दाखिल है। यहां का स्टाफ खून जांच के नाम पर बार-बार चक्कर कटवा रहा है। रविवार को सिजेरियन से डिलिवरी होनी थी, लेकिन चिकित्सकों की लापरवाही के चलते मंगलवार शाम तक भी डिलिवरी नहीं हुई। पिछले तीन दिनों से आपॅरेशन के चक्कर में स्टाफ कुछ खाने भी नहीं देता। वो शनिवार से ही भूखी है।


अन्य अस्पतालों से महिला चिकित्सकों को बुलाया : डॉ. सुखबीर सिंह
सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने बताया कि परिजनों ने अस्पताल प्रशासन को कोई शिकायत नहीं की। प्रसूति विभाग में महिला चिकित्सकों के अवकाश पर होने के कारण यह परेशानी हुई है। इसी को देखते हुए अन्य अस्पतालों से महिला चिकित्सकों को बुलाया है। अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी मरीज व परिजन को कोई परेशानी न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed