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गांव मसाना, भूखड़ी, दुगारी में महिलाएं जन्म दिन से लेकर करवा चौथ तक पर गिफ्ट करती हैं हेलमेट

Sun, 18 Feb 2018 01:08 AM IST
Updated Sun, 18 Feb 2018 01:08 AM IST
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गांव मसाना, भूखड़ी, दुगारी में महिलाएं जन्म दिन से लेकर करवा चौथ तक पर गिफ्ट करती हैं हेलमेट

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गांव मसाना, भूखड़ी, दुगारी में महिलाएं जन्म दिन से लेकर करवा चौथ तक पर गिफ्ट करती हैं हेलमेट
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट हमारा रक्षा कवच होता है। हेलमेट के इस महत्व को जिले के पिपली खंड के गांव मसाना, बाबैन के गांव भूखड़ी और लाडवा के गांव दुगारी के लोगों के साथ महिलाएं समझ चुकी हैं। शायद यही कारण है कि यहां की महिलाएं पति के साथ बच्चों तक को जन्म से लेकर करवा चौथ के व्रत तक गिफ्ट में हेलमेट देती हैं। इस वजह से ये गांव पूरी तरह सुरक्षित गांव के नाम से पहचाने जाने लगे हैं। लाडवा विधायक डॉ. पवन सैनी का जियो जिंदगी अभियान गांव दुगारी से शुरू हुआ था। इसके बाद यह गांव देश का पहला सुरक्षित गांव बन गया। इस अभियान में अब कई अन्य गांव शामिल हो चुके हैं। गांव मसाना में ग्राम पंचायत ने सभी दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट बांटे तो गांव दुगारी और भूखड़ी में लोगों ने खुद ही हेलमेट खरीदे। इससे पहले विधायक ने गांव के स्कूल में कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को हेलमेट पहन कर सुरक्षित गांव बनाने का संकल्प दिलाया था। अब यह क्षेत्र प्रदेश ही नहीं देश भर के लिए मिसाल बन चुका है।
अमर उजाला के अभियान से बचेंगी जिंदगी : विधायक
विधायक डॉ. पवन सैनी का कहना है कि उन्होंने अपने विधान सभा क्षेत्र से ‘जियो जिंदगी’ अभियान शुरू किया है, लेकिन अमर उजाला ‘हेलमेट अपनाएं जान बचाएं’ अभियान से पूरे प्रदेश और देश के लोगों को इसके प्रति जागरूक कर रहा है। इससे लोगों की सोच में बदलाव आएगा। साथ ही हादसों में सिर की चोट से मरने वालों की संख्या भी कम हो सकेगी। यह अभियान बेहद सराहनीय है। यह अभियान अवश्य ही लोगों की जिंदगी बचाने में कारगर साबित होगा।
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महिलाएं हेलमेट पहने के लिए सकती हैं प्रेरित : मोनिका
क्षेत्र में लंबे समय से सामाजिक कार्यों में जुटी मोनिका गर्ग का मानना है कि परिवार को हर सदस्य से पूरे परिवार को उम्मीद होती है। उसके चले जानेे से जो नुकसान परिवार को होता है, उसकी भरपाई नहीं हो सकती। इसलिए हेलमेट पहनने से महिला और पुरुष को बचना नहीं चाहिए। महिलाएं अपने परिवार के हर सदस्य को हेलमेट पहनने के लिए भावनात्मक तौर पर प्रेरित कर सकती हैं। इसका असर दिखाई भी पड़ रहा है।
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मौत के आंकड़ों ने झकझोरा तो शुरू किया अभियान
अमर उजाला से बातचीत में विधायक डॉ. पवन सैनी ने कहा कि वह पिछले वर्ष भुवनेश्वर में रोड सेफ्टी पर आयोजित एक सेमिनार में शामिल हुए थे। वहां प्रस्तुत किए गए आंकड़ों से पता चला कि सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे है और 80 फीसदी लोग हेलमेट नहीं पहनने के कारण मारे जाते है। इन आंकड़ों ने उन्हें झकझोर दिया। उसी दिन ठान लिया कि कम से कम अपने क्षेत्र के लोगों की जिंदगी बचाने के लिए वह हेलमेट पहनने का अभियान चलाएंगे। यह अभियान उन्होंने गांव दुगारी से शुरू किया।

स्कूलों और महिला समूहों को किया जा रहा जागरूक
‘जियो जिंदगी’ अभियान का असर स्कूल, कॉलेज से लेकर ग्राम पंचायतों और महिला समूहों में भी दिख रहा है। छात्रों और महिलाओं को हेलमेट पहनने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसमें ग्राम पंचायतें, स्कूल स्टाफ और पुलिस भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। अब सेल्फी विद हेलमेट का क्रेज भी बढ़ रहा है। विधायक डॉ. पवन सैनी का कहना है कि उनके पास हर रोज सैकड़ों सेल्फी विद हेलमेट फोटो पहुंच रही हैं।
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