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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र के 14673 बच्चों में मिली खून की कमी
Mon, 21 Jul 2025 06:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 21 Jul 2025 06:04 AM IST
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कुरुक्षेत्र। स्वास्थ्य विभाग ने 17 दिन में जिलेभर में 29513 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। इसमें 14673 बच्चों में खून की कमी मिली है। विभाग ने 9477 लड़कों व 20038 लड़कियों के स्वास्थ्य की जांच की, जिसमें 5550 लड़के व 9123 लड़कियों में खून की कमी मिली। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों को डायरिया (दस्त) से बचाने के लिए स्टॉप डायरिया अभियान चलाया गया है, जो 31 जुलाई तक जारी रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक जुलाई से एनीमिया की जांच के लिए अभियान शुरू किया गया था। जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें आंगनबाड़ी केंद्र व घरों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। वहीं डायरिया स्टाॅप अभियान के तहत शून्य से पांच साल तक के 85 हजार बच्चों की जांच होनी है और अभी तक जिले में 50 हजार बच्चों की जांच की गई है। कार्यक्रम में पांच वर्ष तक के बच्चों में डायरिया (दस्त) से बचाव के बारे में बच्चों व उनके अभिभावकों को जानकारी दी जा रही है। अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा कर्मी, एएनएम, सीएचओ, आंगनबाड़ी कर्मी व हेल्पर के द्वारा घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को दो-दो ओआरएस के पैकेट और 14-14 जिंक टेबलेट वितरित किए जा रहे हैं। उन्हें ओआरएस घोल बनाने तथा जिंक टैबलेट के प्रयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मनीषा ने कहा कि सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को डायरिया (दस्त) से बचाने के लिए स्वच्छता हाथ धोने का सही तरीका, पीने के लिए साफ पानी का प्रयोग या पानी को उबालकर पीना, पूर्ण आहार व पर्याप्त पोषण आदि के बारे में सजग रहने की आवश्यकता है। जिले में अभी तक 50 हजार बच्चों के स्वास्थ्य की जांच हो चुकी है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक जुलाई से एनीमिया की जांच के लिए अभियान शुरू किया गया था। जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें आंगनबाड़ी केंद्र व घरों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। वहीं डायरिया स्टाॅप अभियान के तहत शून्य से पांच साल तक के 85 हजार बच्चों की जांच होनी है और अभी तक जिले में 50 हजार बच्चों की जांच की गई है। कार्यक्रम में पांच वर्ष तक के बच्चों में डायरिया (दस्त) से बचाव के बारे में बच्चों व उनके अभिभावकों को जानकारी दी जा रही है। अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा कर्मी, एएनएम, सीएचओ, आंगनबाड़ी कर्मी व हेल्पर के द्वारा घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को दो-दो ओआरएस के पैकेट और 14-14 जिंक टेबलेट वितरित किए जा रहे हैं। उन्हें ओआरएस घोल बनाने तथा जिंक टैबलेट के प्रयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मनीषा ने कहा कि सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को डायरिया (दस्त) से बचाने के लिए स्वच्छता हाथ धोने का सही तरीका, पीने के लिए साफ पानी का प्रयोग या पानी को उबालकर पीना, पूर्ण आहार व पर्याप्त पोषण आदि के बारे में सजग रहने की आवश्यकता है। जिले में अभी तक 50 हजार बच्चों के स्वास्थ्य की जांच हो चुकी है।
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