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बरसात से ना उम्मीद किसान बिजली के सहारे कर रहे हैं धान की रोपाई ी
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:17 AM IST
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में 53 एमएम बारिश से कोर्ट परिसर, द्रोणाचार्य स्टेडियम, सेक्टर-17 और शहर के अन्य इलाकों के अलावा तिरुपति बालाजी मंदिर के आयोजन स्थल पर जलभराव और दलदल के हालात पैदा हो गए। इस बारिश से सबसे ज्यादा समस्या आंध्र प्रदेश की तिरुमाला तिरुपति ट्रस्ट के प्रबंधकों को उठानी पड़ रही है। दरअसल, मंदिर का उद्घाटन 1 जुलाई 2018 को होना है। इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित देशभर से कई बड़ी हस्तियां शिरकत करेंगी।
इसके लिये धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के नवनिर्मित तिरुपति बालाजी मंदिर परिसर में विशाल पंडाल लगाया गया है, लेकिन पंडाल स्थल की जमीन दलदल और पानी से लबालब हो चुकी है। वहीं इसके सामने मंदिर परिसर के पार्किंग स्थल पर पर भी दलदल को खत्म करने का काम वीरवार को दिनभर युद्ध स्तर पर चलता रहा। प्रशासन के लिए पंडाल स्थल एक जुलाई तक तैयार करना टेढ़ी खीर साबित होगा, क्योंकि मौसम वैज्ञानिक अगले पांच दिनों बारिश का संकेत दे चुके हैं। बहरहाल झमाझम हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। मानसून के शुरुआत में ही जिलेभर में अच्छी बारिश हुई है।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा थानेसर में 53 और सबसे कम पिहोवा में 9 एमएम बारिश हुई, जबकि शाहाबाद में 33, इस्माईलाबाद में 27, लाडवा में 22 और बाबैन में 18 एमएम बारिश हुई है। यहां शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति से लोग परेशान है। सबसे ज्यादा परेशानी उन इलाकों में हो रही है, जहां लंबे समय से सड़कों की खुदाई तो हो चुकी है, लेकिन सड़क निर्माण का काम ठंडे बस्ते में है। यहां दलदल और जलभराव से स्थिति नाजुक बनी हुई है।
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लाडवा क्षेत्र में अभी तक बिजली के सहारे कर रहे हैं धान की रोपाई
लाडवा क्षेत्र में धान रोपाई का काम पूरे जोर से चल रहा है। पिछले कई दिनों से अच्छी बरसात न होने के बावजूद सरकार द्वारा धान रोपाई के लिए दी जा रही बिजली के बूते ही धान रोपाई की जा रही है। लाडवा क्षेत्र 15 जून की रात प्री मानसून की बारिश के बाद केवल 17 जून को ही अच्छी बरसात हुई थी। इसके बाद मानसून की बरसात की घोषित तारिख की रात को केवल कुछ देर ही बूंदाबांदी हुई और वीरवार सुबह धूप निकल आई जिससे किसानों के साथ आम जन भी निराश है। हरियाणा सरकार द्वारा निरंतर गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए 15 जून से पहले धान की रोपाई पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया हुआ है, बल्कि कुरुक्षेत्र जिले के सभी ब्लाकों को डार्क जोन में भी घोषित किया गया है। 15 जून के बाद किसानों ने धान की रोपाई का कार्य शुरू कर दिया गया था और अब तक धान रोपाई का आधा काम निपट चुका है।
किसान बोले, सरकार दे रही है 8 घंटे बिजली, बारिश की थी दरकार
धान रोपाई के लिए किसानों को सरकार द्वारा हर रोज करीब 8 घंटे बिजली भी उपलब्ध करवाई जा रही है। किसान सतनाम सिह, सतीश कंबोज, साहब सिंह, कर्म सिंह, माम चंद, विकास गर्ग, मेहर सिह, जोगिंद्र सिंह, जगीर सिह का कहना है कि धान की रोपाई का काम तो शुरू हो गया है, लेकिन बरसात के बिना धान की रोपाई का काम पूरा नहीं हो पाएगा।
धीमी गति से हो रही धान रोपाई में आई तेजी
इस्माईलाबाद में गुरुवार सुबह सुबह हुई बरसात से जहां तापमान कम होने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली वहीं तापमान में आई गिरावट व आसमान में छाए बादलों से मौसम सुहावना हो गया। लेकिन प्री मानसून की बरसात से ही कसबा की गलियां व सड़के बरसाती पानी से भर गई जिसके चलते राहगीरों व कसबा वासियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कसबा में काठगढ़ रोड, ठसका रोड, रोशनपुर रोड पर बरसाती पानी भर जाने से आवाजाही भी प्रभावित रही। क्षेत्र में हुई अच्छी बरसात से धान रोपाई का कार्य कर रहे किसानों के चेहरे भी खिल उठें है जहां बरसात से पहले धान रोपाई धीमी गति से चल रही थी अच्छी बरसात होने से धान रोपाई के कार्य में एकदम से तेजी आ गई है। किसान अब जल्द से जल्द धान रोपाई के कार्य को समेटने में लग गए है। लेकिन धान रोपाई के कार्य में मजदूरों की कमी आडे़ आ रही है।
मामूली बारिश से शहरभर में होता है जलभराव : गुप्ता
जिला कष्ट निवारण समिति के पूर्व सदस्य एडवोकेट अंकित गुप्ता ने पुराने बस स्टैंड सहित शहर के कई इलाकों में जलभराव के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार स्वच्छता अभियान के दावे करती है, लेकिन थोड़ी सी बारिश में ही शहर में कीचड़ और जलभराव से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती हैं ।
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इसके लिये धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के नवनिर्मित तिरुपति बालाजी मंदिर परिसर में विशाल पंडाल लगाया गया है, लेकिन पंडाल स्थल की जमीन दलदल और पानी से लबालब हो चुकी है। वहीं इसके सामने मंदिर परिसर के पार्किंग स्थल पर पर भी दलदल को खत्म करने का काम वीरवार को दिनभर युद्ध स्तर पर चलता रहा। प्रशासन के लिए पंडाल स्थल एक जुलाई तक तैयार करना टेढ़ी खीर साबित होगा, क्योंकि मौसम वैज्ञानिक अगले पांच दिनों बारिश का संकेत दे चुके हैं। बहरहाल झमाझम हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। मानसून के शुरुआत में ही जिलेभर में अच्छी बारिश हुई है।
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कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा थानेसर में 53 और सबसे कम पिहोवा में 9 एमएम बारिश हुई, जबकि शाहाबाद में 33, इस्माईलाबाद में 27, लाडवा में 22 और बाबैन में 18 एमएम बारिश हुई है। यहां शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति से लोग परेशान है। सबसे ज्यादा परेशानी उन इलाकों में हो रही है, जहां लंबे समय से सड़कों की खुदाई तो हो चुकी है, लेकिन सड़क निर्माण का काम ठंडे बस्ते में है। यहां दलदल और जलभराव से स्थिति नाजुक बनी हुई है।
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लाडवा क्षेत्र में अभी तक बिजली के सहारे कर रहे हैं धान की रोपाई
लाडवा क्षेत्र में धान रोपाई का काम पूरे जोर से चल रहा है। पिछले कई दिनों से अच्छी बरसात न होने के बावजूद सरकार द्वारा धान रोपाई के लिए दी जा रही बिजली के बूते ही धान रोपाई की जा रही है। लाडवा क्षेत्र 15 जून की रात प्री मानसून की बारिश के बाद केवल 17 जून को ही अच्छी बरसात हुई थी। इसके बाद मानसून की बरसात की घोषित तारिख की रात को केवल कुछ देर ही बूंदाबांदी हुई और वीरवार सुबह धूप निकल आई जिससे किसानों के साथ आम जन भी निराश है। हरियाणा सरकार द्वारा निरंतर गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए 15 जून से पहले धान की रोपाई पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया हुआ है, बल्कि कुरुक्षेत्र जिले के सभी ब्लाकों को डार्क जोन में भी घोषित किया गया है। 15 जून के बाद किसानों ने धान की रोपाई का कार्य शुरू कर दिया गया था और अब तक धान रोपाई का आधा काम निपट चुका है।
किसान बोले, सरकार दे रही है 8 घंटे बिजली, बारिश की थी दरकार
धान रोपाई के लिए किसानों को सरकार द्वारा हर रोज करीब 8 घंटे बिजली भी उपलब्ध करवाई जा रही है। किसान सतनाम सिह, सतीश कंबोज, साहब सिंह, कर्म सिंह, माम चंद, विकास गर्ग, मेहर सिह, जोगिंद्र सिंह, जगीर सिह का कहना है कि धान की रोपाई का काम तो शुरू हो गया है, लेकिन बरसात के बिना धान की रोपाई का काम पूरा नहीं हो पाएगा।
धीमी गति से हो रही धान रोपाई में आई तेजी
इस्माईलाबाद में गुरुवार सुबह सुबह हुई बरसात से जहां तापमान कम होने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली वहीं तापमान में आई गिरावट व आसमान में छाए बादलों से मौसम सुहावना हो गया। लेकिन प्री मानसून की बरसात से ही कसबा की गलियां व सड़के बरसाती पानी से भर गई जिसके चलते राहगीरों व कसबा वासियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कसबा में काठगढ़ रोड, ठसका रोड, रोशनपुर रोड पर बरसाती पानी भर जाने से आवाजाही भी प्रभावित रही। क्षेत्र में हुई अच्छी बरसात से धान रोपाई का कार्य कर रहे किसानों के चेहरे भी खिल उठें है जहां बरसात से पहले धान रोपाई धीमी गति से चल रही थी अच्छी बरसात होने से धान रोपाई के कार्य में एकदम से तेजी आ गई है। किसान अब जल्द से जल्द धान रोपाई के कार्य को समेटने में लग गए है। लेकिन धान रोपाई के कार्य में मजदूरों की कमी आडे़ आ रही है।
मामूली बारिश से शहरभर में होता है जलभराव : गुप्ता
जिला कष्ट निवारण समिति के पूर्व सदस्य एडवोकेट अंकित गुप्ता ने पुराने बस स्टैंड सहित शहर के कई इलाकों में जलभराव के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार स्वच्छता अभियान के दावे करती है, लेकिन थोड़ी सी बारिश में ही शहर में कीचड़ और जलभराव से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती हैं ।