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पुलिस ने बहुउद्देश्यी स्वास्थ्य कर्मचारी नेताओं के घर की छापेमारी
Updated Sat, 08 Sep 2018 01:06 AM IST
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पुलिस ने बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी नेताओं के घर की छापेमारी
-पुलिस ने जिला प्रधान सुभाषवती सहित चार कर्मचारी नेताओं के खिलाफ किया मामला दर्ज
-स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों का उखड़वाया टेंट
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। एस्मा के आदेशों को दरकिनार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे चार बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर वीरवार देर रात उनके घरों में छापेमारी की। इसकी भनक लगने पर सभी कर्मचारी नेता भूमिगत हो गए। इनमें जिला प्रधान सुभाषवती समेत तीन अन्य कर्मचारी नेता शामिल हैं।
वहीं शुक्रवार को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दिनभर धरना जारी रखा और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों के उठते ही प्रशासन ने सिविल अस्पताल से उनका टेंट उखड़वा दिया। कर्मचारियों ने एसोसिएशन पदाधिकारियों के घरों में छापेमारी और टेंट उखाड़ने के विरोध में शनिवार को विधायक सुभाष सुधा का घेराव करके एसपी ऑफिस पर सामूहिक गिरफ्तारियां देने का ऐलान किया है। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि हड़ताल पर गए 40 प्रतिशत बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौट चुके हैं और बाकि बचे कर्मचारी सुबह लौट जाएंगे। वहीं धराना स्थल पर ड्यूटी जॉइन करने पर कर्मचारी एक दूसरे पर अंगुली उठाते रहे। वहीं कर्मचारियों ने इसे अधिकारियों की साजिश बताते हुए कहा कि कोई कर्मचारी काम पर नहीं लौटा, बल्कि ऐसी अफवाह उड़ाई जा रही है।
कर्मचारियों ने नियमित रूप से 13वें दिन सिविल अस्पताल में धरना जारी रखा। हालांकि धरने का नेतृत्व कर रही जिला प्रधान सुभाषवती, राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण, कोषाध्यक्ष कुलदीप व मनोज धरने स्थल पर नहीं पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिखित में पुलिस को शिकायत देने के बाद पुलिस ने देर रात को सुभाषवती व एक अन्य कर्मचारी के घर छापेमारी की। मगर दोनों ही घर में नहीं मिले। वहीं सुबह धरने पर पहुंचे कर्मचारियों ने ऐसा करने पर प्रशासन और सरकार की निंदा की। कर्मचारियों ने कहा कि ऐसा करके उन पर केवल दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि वे किसी भी तरह से पीछे हटने वाले नहीं हैं। सुभाष, कर्मजीत व अन्य कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि देर रात को महिला कर्मचारी के घर बिना महिला पुलिस के छापेमारी करके पुलिस ने गलत किया है।
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40 प्रतिशत कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौटे: सुखबीर
पुलिस ने कर्मचारी नेताओं के घर पर छापेमारी की थी, लेकिन वे पहले से अंडरग्राउंड हो चुके थे। हड़ताल पर गए 40 प्रतिशत कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौट आए हैं। बाकी सुबह तक लौट आएंगे। अभी जो भी कर्मचारी आ रहे हैं उन्हें दोबारा जॉइन करा रहे हैं। उच्चाधिकारियों का जो आदेश होगा, पालन किया जाएगा। एस्मा के चलते 200 मीटर तक धरना करना गलत है इसलिए अस्पताल में लगे टेंट उखड़वा दिए गए हैं।
- डॉ. सुखबीर, जिला सिविल सर्जन
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पुलिस ने बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी नेताओं के घर की छापेमारी
-पुलिस ने जिला प्रधान सुभाषवती सहित चार कर्मचारी नेताओं के खिलाफ किया मामला दर्ज
-स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों का उखड़वाया टेंट
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। एस्मा के आदेशों को दरकिनार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे चार बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर वीरवार देर रात उनके घरों में छापेमारी की। इसकी भनक लगने पर सभी कर्मचारी नेता भूमिगत हो गए। इनमें जिला प्रधान सुभाषवती समेत तीन अन्य कर्मचारी नेता शामिल हैं।
वहीं शुक्रवार को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दिनभर धरना जारी रखा और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों के उठते ही प्रशासन ने सिविल अस्पताल से उनका टेंट उखड़वा दिया। कर्मचारियों ने एसोसिएशन पदाधिकारियों के घरों में छापेमारी और टेंट उखाड़ने के विरोध में शनिवार को विधायक सुभाष सुधा का घेराव करके एसपी ऑफिस पर सामूहिक गिरफ्तारियां देने का ऐलान किया है। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि हड़ताल पर गए 40 प्रतिशत बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौट चुके हैं और बाकि बचे कर्मचारी सुबह लौट जाएंगे। वहीं धराना स्थल पर ड्यूटी जॉइन करने पर कर्मचारी एक दूसरे पर अंगुली उठाते रहे। वहीं कर्मचारियों ने इसे अधिकारियों की साजिश बताते हुए कहा कि कोई कर्मचारी काम पर नहीं लौटा, बल्कि ऐसी अफवाह उड़ाई जा रही है।
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कर्मचारियों ने नियमित रूप से 13वें दिन सिविल अस्पताल में धरना जारी रखा। हालांकि धरने का नेतृत्व कर रही जिला प्रधान सुभाषवती, राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण, कोषाध्यक्ष कुलदीप व मनोज धरने स्थल पर नहीं पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिखित में पुलिस को शिकायत देने के बाद पुलिस ने देर रात को सुभाषवती व एक अन्य कर्मचारी के घर छापेमारी की। मगर दोनों ही घर में नहीं मिले। वहीं सुबह धरने पर पहुंचे कर्मचारियों ने ऐसा करने पर प्रशासन और सरकार की निंदा की। कर्मचारियों ने कहा कि ऐसा करके उन पर केवल दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि वे किसी भी तरह से पीछे हटने वाले नहीं हैं। सुभाष, कर्मजीत व अन्य कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि देर रात को महिला कर्मचारी के घर बिना महिला पुलिस के छापेमारी करके पुलिस ने गलत किया है।
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40 प्रतिशत कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौटे: सुखबीर
पुलिस ने कर्मचारी नेताओं के घर पर छापेमारी की थी, लेकिन वे पहले से अंडरग्राउंड हो चुके थे। हड़ताल पर गए 40 प्रतिशत कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौट आए हैं। बाकी सुबह तक लौट आएंगे। अभी जो भी कर्मचारी आ रहे हैं उन्हें दोबारा जॉइन करा रहे हैं। उच्चाधिकारियों का जो आदेश होगा, पालन किया जाएगा। एस्मा के चलते 200 मीटर तक धरना करना गलत है इसलिए अस्पताल में लगे टेंट उखड़वा दिए गए हैं।
- डॉ. सुखबीर, जिला सिविल सर्जन