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अब मुकीमपुरा में 6 एकड़ 3 कनाल जगह पर डलेगा शहर का कचरा, दो साल के लिए हुआ एग्रीमेंट
Updated Fri, 07 Sep 2018 01:07 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र । शहर का कचरा अब गांव मुकीमपुरा के समीप डाला जाएगा, जिसके लिए 6 एकड़ 3 कनाल जमीन की जगह का चयन किया गया है। जमीन के निजी मालिकों से नगर परिषद प्रशासन ने कचरा डालने के लिए दो साल का एग्रीमेंट किया है। इसके साथ ही वीरवार को देर सायं यहां कचरा डालना भी शुरू कर दिया है। अब शहर के लोगों को कचरे से निजात मिलने की उम्मीद बन गई है। विधायक सुभाष सुधा ने बताया कि नगरपरिषद थानेसर और गांव मुकीमपुरा के पास एक निजी मालिक कमला देवी, विनोद कुमार, संतरो देवी आदि के साथ 6 एकड़ 3 कनाल जमीन के लिए 2 साल के लिए एग्रीमेंट हुआ है। वे वीरवार को देर सायं नगरपरिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। विधायक ने कहा कि पिछले कई दिनों से मथाना गांव में कूड़ा डंपिंग को लेकर चल रहे विवाद के कारण शहर के कूडे़ का उठान कार्य नहीं हो पा रहा था। इसके लिए नगरपरिषद ने प्रयास भी किए, लेकिन कूड़ा डंपिंग के लिए कोई जगह नहीं मिल रही थी। इस कार्य के लिए जगह न मिलने के कारण शहर में जगह-जगह पर कूड़े कर्कट के ढेर लग गए थे, जिसके कारण शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शहर में आसपास कूड़ा डालने के लिए कई जगह तलाश की, लेकिन चार, पांच जगहों में से गांव मुकीमपुरा के पास निजी जमीन मिल पाई। उन्होंने कहा कि नगरपरिषद और निजी जमीन मालिकों के बीच समझौते के अनुसार 6 एकड़ 3 कनाल जमीन 8 लाख रुपये प्रति वर्ष 2 साल के लिए नगरपरिषद को कचरा डालने के लिए ठेके पर दी है। अब नगरपरिषद 6 सितंबर 2018 से लेकर 23 सितंबर 2020 तक कूड़ा डालेगा। इस समझौते के अनुसार नगरपरिषद जमीन पर नियमानुसार गढ्ढों में कूड़ा कर्कट की प्रत्येक 3 फुट की परत के पश्चात मिट्टी डलवाएगा। इतना ही नहीं गढ्ढों के भरने के पश्चात नियमानुसार उपर की परत पर 2 फुट मिट्टी डालकर जमीन को समतल करवाएगा। इसके अलावा कई बिंदुओं पर दोनों पक्षों में सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि अब शहरवासियों को गंदगी से निजात मिलेगी और नगरपरिषद के कर्मचारियों की भी परेशानी दूर होगी।
सेक्टरों के बदहाल पार्कों को लेकर विधायक ने अधिकारियों को लगाई फटकार
विधायक ने नगरपरिषद के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि शहर के सभी सेक्टरों की पार्को के घास काटने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और लाईटों को भी ठीक किया जाए। विधायक के आदेशों पर सेक्टर 5 की पार्को में इस कार्य को शुरू भी कर दिया गया है। इसके अलावा नगरपरिषद के अधिकारी नियमित रूप से एक-एक सेक्टर की पार्को को दुरूस्त करते रहेंगे। इस मामलें में जरा सी भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
ये अधिकारी रहे बैठक में मौजूद
नगर परिषद की अध्यक्षा उमा सुधा, ईओ बीएन भारती, लेखा अधिकारी मनोज कुमार, सचिव केएल बटला, एनई ईश्वर वर्मा नगर पार्षद गुरदयाल काजल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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शहर में जमा हो गया था 400 टन से अधिक कचरा, लगे ढेर
मथान डंपिंग प्वाइंट बंद होने के बाद शनिवार से लेकर वीरवार दोपहर तक शहर से कचरा नहीं उठाया जा सका। इसी के चलते जहां नगर परिषद के सभी 81 डंपर कचरे से भरे खड़े रहे वहीं शहर में 400 टन से अधिक कचरा जमा हो गया था। जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए थे और बारिश के चलते शहर भर में दुर्गंध फैलने लगी थी। कचरे के ढेरों के समीप से गुजरना मुश्किल हो चुका था तो वहीं इनकेे आसपास रहने वाले लोगों को बीमारी फैलने का भी भय होने लगा था।
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कुरुक्षेत्र । शहर का कचरा अब गांव मुकीमपुरा के समीप डाला जाएगा, जिसके लिए 6 एकड़ 3 कनाल जमीन की जगह का चयन किया गया है। जमीन के निजी मालिकों से नगर परिषद प्रशासन ने कचरा डालने के लिए दो साल का एग्रीमेंट किया है। इसके साथ ही वीरवार को देर सायं यहां कचरा डालना भी शुरू कर दिया है। अब शहर के लोगों को कचरे से निजात मिलने की उम्मीद बन गई है। विधायक सुभाष सुधा ने बताया कि नगरपरिषद थानेसर और गांव मुकीमपुरा के पास एक निजी मालिक कमला देवी, विनोद कुमार, संतरो देवी आदि के साथ 6 एकड़ 3 कनाल जमीन के लिए 2 साल के लिए एग्रीमेंट हुआ है। वे वीरवार को देर सायं नगरपरिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। विधायक ने कहा कि पिछले कई दिनों से मथाना गांव में कूड़ा डंपिंग को लेकर चल रहे विवाद के कारण शहर के कूडे़ का उठान कार्य नहीं हो पा रहा था। इसके लिए नगरपरिषद ने प्रयास भी किए, लेकिन कूड़ा डंपिंग के लिए कोई जगह नहीं मिल रही थी। इस कार्य के लिए जगह न मिलने के कारण शहर में जगह-जगह पर कूड़े कर्कट के ढेर लग गए थे, जिसके कारण शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शहर में आसपास कूड़ा डालने के लिए कई जगह तलाश की, लेकिन चार, पांच जगहों में से गांव मुकीमपुरा के पास निजी जमीन मिल पाई। उन्होंने कहा कि नगरपरिषद और निजी जमीन मालिकों के बीच समझौते के अनुसार 6 एकड़ 3 कनाल जमीन 8 लाख रुपये प्रति वर्ष 2 साल के लिए नगरपरिषद को कचरा डालने के लिए ठेके पर दी है। अब नगरपरिषद 6 सितंबर 2018 से लेकर 23 सितंबर 2020 तक कूड़ा डालेगा। इस समझौते के अनुसार नगरपरिषद जमीन पर नियमानुसार गढ्ढों में कूड़ा कर्कट की प्रत्येक 3 फुट की परत के पश्चात मिट्टी डलवाएगा। इतना ही नहीं गढ्ढों के भरने के पश्चात नियमानुसार उपर की परत पर 2 फुट मिट्टी डालकर जमीन को समतल करवाएगा। इसके अलावा कई बिंदुओं पर दोनों पक्षों में सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि अब शहरवासियों को गंदगी से निजात मिलेगी और नगरपरिषद के कर्मचारियों की भी परेशानी दूर होगी।
सेक्टरों के बदहाल पार्कों को लेकर विधायक ने अधिकारियों को लगाई फटकार
विधायक ने नगरपरिषद के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि शहर के सभी सेक्टरों की पार्को के घास काटने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और लाईटों को भी ठीक किया जाए। विधायक के आदेशों पर सेक्टर 5 की पार्को में इस कार्य को शुरू भी कर दिया गया है। इसके अलावा नगरपरिषद के अधिकारी नियमित रूप से एक-एक सेक्टर की पार्को को दुरूस्त करते रहेंगे। इस मामलें में जरा सी भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
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ये अधिकारी रहे बैठक में मौजूद
नगर परिषद की अध्यक्षा उमा सुधा, ईओ बीएन भारती, लेखा अधिकारी मनोज कुमार, सचिव केएल बटला, एनई ईश्वर वर्मा नगर पार्षद गुरदयाल काजल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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शहर में जमा हो गया था 400 टन से अधिक कचरा, लगे ढेर
मथान डंपिंग प्वाइंट बंद होने के बाद शनिवार से लेकर वीरवार दोपहर तक शहर से कचरा नहीं उठाया जा सका। इसी के चलते जहां नगर परिषद के सभी 81 डंपर कचरे से भरे खड़े रहे वहीं शहर में 400 टन से अधिक कचरा जमा हो गया था। जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए थे और बारिश के चलते शहर भर में दुर्गंध फैलने लगी थी। कचरे के ढेरों के समीप से गुजरना मुश्किल हो चुका था तो वहीं इनकेे आसपास रहने वाले लोगों को बीमारी फैलने का भी भय होने लगा था।