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Karnal News: बच्चों का हुनर पहचानने की सीख देगी ''जिद एक अटल कहानी''
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गगन तलवार
करनाल। बच्चों को आगे बढ़ने के लिए दबाव नहीं, बल्कि प्रतिभा को पहचान कर उसे राह दिखाने की जरूरत होती है। प्रतिभा को पहचानने के बाद कैसे एक बच्चे की जिंदगी में बदलाव आ सकता है, इसकी सीख देगी हरियाणवी लघु फिल्म ''जिद एक अटल कहानी''। जिसे कर्ण नगरी के कलाकारों ने तैयार किया है।
फिल्म की कहानी श्रीलंका की एक विशेष (मानसिक रूप से कमजोर) लड़की के जीवन पर आधारित है। जिसे सुनने के बाद कुरुक्षेत्र के दीपक सैनी को इस पर फिल्म तैयार कर समाज को सीख देने का खयाल आया। करनाल के नाट्य निर्देशक एवं कलाकार कृष्ण मलिक से जब उनकी चर्चा हुई तो ये कहानी कागज पर उकेरे जाने के बाद करीब एक माह की मेहनत से कैमरे की रील पर उतर आई। सीआईएफटी संस्था के बैनर तले इस फिल्म के लिए एक माह में कास्टिंग और शूटिंग का कार्य चला। जिसमें कर्ण नगरी के कलाकारों ने किरादार निभाए।
फिल्म में बच्चों की प्रतिभा को पहचान कर उसे नई राह दिखाने के सामाजिक संदेश के साथ-साथ निजी स्कूलों की फीस और दूसरे से आगे निकलने की होड़ को भी दिखाने का प्रयास किया गया है। दर्शाया गया है कि कैसे निजी स्कूलों के पैसे और नाम की भूख के आगे किसी बच्चे का भविष्य संकट में पड़ता है। फिल्म की शूटिंग में जेपीएस अकादमी के प्रिंसिपल बलराज कुमार का विशेष सहयोग रहा। सीआईएफटी पहले कई सामाजिक विषयों पर कई लघु फिल्में बना चुकी है।
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कलम नहीं चली, गन चला बढ़ाया प्रदेश का मान
फिल्म में स्कूल प्रिंसिपल का किरदार निभाने वाले नाट्य निर्देशक कृष्ण मलिक ने बताया कि कक्षा में बच्ची पढ़ नहीं पाती है और अपने सहपाठियों से पीछे रह जाती है। विषय लिखने के लिए भी उससे कलम नहीं उठती। इस पर जब परीक्षा परिणाम खराब होने से स्कूल का नाम खराब होने का अंदेशा जता क्लास टीचर की रिपोर्ट पर प्रिंसिपल बच्ची को स्कूल से निकालने के लिए कहते हैं। इस दौरान स्कूल के मनोविज्ञान एवं खेल के शिक्षक प्रिंसिपल को रोकते हैं और बच्ची की हरकतों को नोटिस करना शुरू कर देते हैं। उसके हाथ में गन पकड़ने के शौक को पहचानते हुए उसे शूटिंग में डाला गया। जिसमें बाद बेटी ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।
छात्रा जपनीत ने निभाया बच्ची का मुख्य किरदार
फिल्म में छह मुख्य और 10 अन्य किरदार हैं। बच्ची का मुख्य किरदार जेपीएस अकादमी निसिंग की छात्रा जपनीत कौर ने निभाया है। उन्होंने पहली बार किसी नाटक या फिल्म में किरदार निभाया है। कुरुक्षेत्र के दीपक सैनी फिल्म के निर्देशक हैं, नीलोखेड़ी के राहुल शर्मा ने पटकथा लिखी है, उन्होंने बच्ची के पिता का किरदार भी निभाया है। करनाल के कलाकार कृष्ण मलिक ने स्कूल प्रिंसिपल, नीलोखेड़ी के अशोक सहरावत ने मोटिवेटर टीचर, जेपीएस स्कूल की शिक्षिका प्रीति ने क्लास टीचर और शिक्षिका सोनिया ने मां का किरदार निभाया है। वाइस ओवर कौशल शर्मा और मुस्कान ने दिया है। रविवार को यह फिल्म यू-ट्यूब व सीआईएफटी प्लेटफार्म पर रिलीज होगी।
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करनाल। बच्चों को आगे बढ़ने के लिए दबाव नहीं, बल्कि प्रतिभा को पहचान कर उसे राह दिखाने की जरूरत होती है। प्रतिभा को पहचानने के बाद कैसे एक बच्चे की जिंदगी में बदलाव आ सकता है, इसकी सीख देगी हरियाणवी लघु फिल्म ''जिद एक अटल कहानी''। जिसे कर्ण नगरी के कलाकारों ने तैयार किया है।
फिल्म की कहानी श्रीलंका की एक विशेष (मानसिक रूप से कमजोर) लड़की के जीवन पर आधारित है। जिसे सुनने के बाद कुरुक्षेत्र के दीपक सैनी को इस पर फिल्म तैयार कर समाज को सीख देने का खयाल आया। करनाल के नाट्य निर्देशक एवं कलाकार कृष्ण मलिक से जब उनकी चर्चा हुई तो ये कहानी कागज पर उकेरे जाने के बाद करीब एक माह की मेहनत से कैमरे की रील पर उतर आई। सीआईएफटी संस्था के बैनर तले इस फिल्म के लिए एक माह में कास्टिंग और शूटिंग का कार्य चला। जिसमें कर्ण नगरी के कलाकारों ने किरादार निभाए।
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फिल्म में बच्चों की प्रतिभा को पहचान कर उसे नई राह दिखाने के सामाजिक संदेश के साथ-साथ निजी स्कूलों की फीस और दूसरे से आगे निकलने की होड़ को भी दिखाने का प्रयास किया गया है। दर्शाया गया है कि कैसे निजी स्कूलों के पैसे और नाम की भूख के आगे किसी बच्चे का भविष्य संकट में पड़ता है। फिल्म की शूटिंग में जेपीएस अकादमी के प्रिंसिपल बलराज कुमार का विशेष सहयोग रहा। सीआईएफटी पहले कई सामाजिक विषयों पर कई लघु फिल्में बना चुकी है।
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कलम नहीं चली, गन चला बढ़ाया प्रदेश का मान
फिल्म में स्कूल प्रिंसिपल का किरदार निभाने वाले नाट्य निर्देशक कृष्ण मलिक ने बताया कि कक्षा में बच्ची पढ़ नहीं पाती है और अपने सहपाठियों से पीछे रह जाती है। विषय लिखने के लिए भी उससे कलम नहीं उठती। इस पर जब परीक्षा परिणाम खराब होने से स्कूल का नाम खराब होने का अंदेशा जता क्लास टीचर की रिपोर्ट पर प्रिंसिपल बच्ची को स्कूल से निकालने के लिए कहते हैं। इस दौरान स्कूल के मनोविज्ञान एवं खेल के शिक्षक प्रिंसिपल को रोकते हैं और बच्ची की हरकतों को नोटिस करना शुरू कर देते हैं। उसके हाथ में गन पकड़ने के शौक को पहचानते हुए उसे शूटिंग में डाला गया। जिसमें बाद बेटी ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।
छात्रा जपनीत ने निभाया बच्ची का मुख्य किरदार
फिल्म में छह मुख्य और 10 अन्य किरदार हैं। बच्ची का मुख्य किरदार जेपीएस अकादमी निसिंग की छात्रा जपनीत कौर ने निभाया है। उन्होंने पहली बार किसी नाटक या फिल्म में किरदार निभाया है। कुरुक्षेत्र के दीपक सैनी फिल्म के निर्देशक हैं, नीलोखेड़ी के राहुल शर्मा ने पटकथा लिखी है, उन्होंने बच्ची के पिता का किरदार भी निभाया है। करनाल के कलाकार कृष्ण मलिक ने स्कूल प्रिंसिपल, नीलोखेड़ी के अशोक सहरावत ने मोटिवेटर टीचर, जेपीएस स्कूल की शिक्षिका प्रीति ने क्लास टीचर और शिक्षिका सोनिया ने मां का किरदार निभाया है। वाइस ओवर कौशल शर्मा और मुस्कान ने दिया है। रविवार को यह फिल्म यू-ट्यूब व सीआईएफटी प्लेटफार्म पर रिलीज होगी।