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Haryana: खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना सहित अन्य नदियां, अंबाला टांगरी, मारकंडा, घग्गर ने मचाई तबाही
Mon, 10 Jul 2023 11:31 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 10 Jul 2023 11:31 PM IST
सार
अंबाला टांगरी, मारकंडा और घग्गर ने तबाही मचाई है। 400 से अधिक गांव जद में है। कैथल में प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने चीका-पटियाला मार्ग पर जाम लगाया दिया। यमुनानगर, पानीपत, कुरुक्षेत्र और करनाल में भी बारिश ने कहर बरपाया है।
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सनौली में यमुना नदी उफान पर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
उतरी हरियाणा के कई जिलों में तीन दिन से हो रही बारिश के कारण यमुना सहित अन्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई हैं, जिसकी जद में आए सैकड़ों गांव प्रभावित हैं। खेतों में नदियों का पानी आने से जिलों में लाखों एकड़ फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। वहीं हजारों लोगों के समक्ष बिजली-पानी और खानपान का संकट खड़ा हो गया है। इससे नाराज कैथल के ग्रामीणों ने सोमवार को चीका-पटियाला हाईवे पर जाम लगाया।
अंबाला में टांगरी, मारकंडा और घग्गर नदी ने जमकर कहर बरपाया है। इससे जिले का करीब 40 प्रतिशत क्षेत्र जलमग्न हो गया है और 400 से अधिक गांवों में नदियों का पानी घुस गया है। वहीं यमुनानगर में सोमनदी, पथराला और सरस्वती उफान पर हैं और जिले में दो दर्जन से अधिक गांव इसकी चपेट में आ गए हैं। दूसरी ओर यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ने के बाद अब इसका असर पानीपत में दिखने लगा है।
सोमवार की शाम पानीपत में भी यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया और आसपास के क्षेत्र की करीब 20 हजार एकड़ फसलें जलमग्न हो गईं। साथ ही 18 से अधिक गांव इसकी जद में हैं। इसके अलावा कैथल जिले में घग्गर नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
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दो दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ के खतरे को देखते हुए गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को करीब दो घंटे तक चीका-पटियाला हाईवे पर जाम भी लगाया। साथ ही प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। करनाल में भी 50 से अधिक गांव में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
जिला बारिश
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अंबाला में टांगरी, मारकंडा और घग्गर नदी ने जमकर कहर बरपाया है। इससे जिले का करीब 40 प्रतिशत क्षेत्र जलमग्न हो गया है और 400 से अधिक गांवों में नदियों का पानी घुस गया है। वहीं यमुनानगर में सोमनदी, पथराला और सरस्वती उफान पर हैं और जिले में दो दर्जन से अधिक गांव इसकी चपेट में आ गए हैं। दूसरी ओर यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ने के बाद अब इसका असर पानीपत में दिखने लगा है।
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सोमवार की शाम पानीपत में भी यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया और आसपास के क्षेत्र की करीब 20 हजार एकड़ फसलें जलमग्न हो गईं। साथ ही 18 से अधिक गांव इसकी जद में हैं। इसके अलावा कैथल जिले में घग्गर नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
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दो दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ के खतरे को देखते हुए गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को करीब दो घंटे तक चीका-पटियाला हाईवे पर जाम भी लगाया। साथ ही प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। करनाल में भी 50 से अधिक गांव में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
जिला बारिश
- कुरुक्षेत्र 127 एमएम
- कैथल 41 एमएम
- यमुनानगर 160 एमएम
- अंबाला 181 एमएम
- पानीपत 35 एमएम
- करनाल 41.8 एमएम