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Karnal News: महिला संरक्षण विभाग बना मददगार, 68 परिवारों में टूटी नफरत की दीवार

Wed, 29 Mar 2023 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Wed, 29 Mar 2023 02:24 AM IST
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Women Protection Department became helpful, wall of hatred broken in 68 families
अनुज शर्मा
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करनाल। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के साथ ही कई परिवारों को टूटने से बचाने का कार्य कर रहा है। पिछले दो वर्षों में विभाग के पास कुल 194 शिकायत दर्ज हुईं। इनमें से विभाग ने 68 महिलाओं के परिवारों को टूटने से बचाया है। वहीं, 75 केसों को पूर्ण रूप से बंद कराया। इसके अलावा घरेलू हिंसा से ज्यादा पीड़ित महिलाओं में से 23 को कानूनी परामर्श और 28 की केस दर्ज करवाने में सहायता की गई।
जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सविता राणा ने बताया कि विभाग के पास शिकायत आने के बाद सबसे पहले दोनों पक्षों को बारी-बारी से बुलाकर उनकी समस्या को जानने का प्रयास किया जाता है। उसके बाद समस्या की जड़ तक पहुंचकर उसका निष्कर्ष और हल निकालने के लिए मनोचिकित्सक का सहारा लिया जाता है। जिसके बाद पहले पीड़ित महिला की काउंसलिंग की जाती है। बाद में जिन पर आरोप लगे हैं उनकी काउंसलिंग करवाई जाती है।
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सबसे पहले विभाग का प्रयास रहता है कि एक बार परिवार को दोबारा से जोड़ा जाए और किसी भी परिस्थिति में परिवार को न टूटने दिया जाए। अगर उसके बाद भी दोनों पक्ष राजी नहीं होते हैं तो पुलिस केस या कोर्ट केस करवा दिया जाता है। वहीं, जिन महिलाओं के विभाग द्वारा समझौते होते हैं, उनकी समय-समय पर फोन पर जानकारी ली जाती है। संवाद
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प्रोटेक्शन ऑफिसर के पास शिकायतों का ब्योरा
केस 2021 2022 कुल
लीगल एड 12 11 23
पुलिस केस 15 13 28
क्लॉज /विड्रा 39 36 75
समझौता 44 24 68
कुल 110 84 194
(यह डाटा जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग से लिया गया है)


कार्यालय में पिछले दो सालों में घरेलू हिंसा की 194 शिकायतें पहुंची हैं। जिनमें से कुल 68 मामलों में समझौते कराएं गए हैं। वहीं, 75 मामलों में केस पूरी तरह से बंद कराए गए हैं। समझौता या केस बंद होने के बाद भी विभाग की ओर से समय-समय पर फोन पर जानकारी ली जाती है।
- सविता राणा, जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी, करनाल
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