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महिलाओं ने शीश पर सजाया कलश, मांगी सबकी खुशहाली
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श्री राम मंदिर सेक्टर 8 में आयोजित कलश यात्रा में झुमते श्रद्धालु। संवाद
करनाल। श्री राम मंदिर सेक्टर आठ में नवरात्र में श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। पहले दिन कथा से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में जहां महिला श्रद्धालु सिर पर कलश लेकर चली वही अन्नु खट्टर ने राम नाम गा लो हुण मौजा ही मौजा। राम नाम की माला जपेगा कोई दिलवाला और मेला मेला मेरे राम मिलाये मेला भजन गाकर सभी श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कलश यात्रा सेक्टर आठ की गलियों से होती हुई श्रीराम मंदिर पहुंची। कलश यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। श्री राम कथा करते हुए राधेश्याम द्विवेदी ने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र और नाम दोनों तारनहार हैं। जो नर और नारी श्रीराम के दिव्य चरित्र का अनुसरण करें और नाम का नियमित जाप करते हैं उनकी जीवन रूप नैया भवसागर से पार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भौतिक प्रगति बहुत तेजी से हो रही है लेकिन हमने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त नहीं किया तो यह प्रगति अधूरी ही रह जाएगी। आध्यात्मिक मार्ग हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। हरिनाम ले लो किनारा मिलेगा, किनारा मिलेगा सहारा मिलेगा गाकर सभी को भोर विभोर कर दिया।
श्री राम मंदिर सभा के प्रधान अशोक मदान ने बताया कि कथा का समय सांय चार से सात बजे तक रखा गया है। 10 अप्रैल को कथा का आयोजन सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक होगा। महंत श्री खुशहाल दास महाराज जी के आशीर्वाद से हर वर्ष श्री राम कथा का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर श्याम धमीजा, अशोक मदान, बीआर मदान, रामदित्ता बत्तरा, संजय बत्तरा, मोना, चंद्र अरोड़ा, चंद्र बत्तरा, सरोज दुआ, सरोज शर्मा, मीनू, ईश, उषा बत्तरा, सतीश शर्मा, सुषमा धमीजा, मुरारी बत्तरा आदि का विशेष योगदान रहा।
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कलश यात्रा सेक्टर आठ की गलियों से होती हुई श्रीराम मंदिर पहुंची। कलश यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। श्री राम कथा करते हुए राधेश्याम द्विवेदी ने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र और नाम दोनों तारनहार हैं। जो नर और नारी श्रीराम के दिव्य चरित्र का अनुसरण करें और नाम का नियमित जाप करते हैं उनकी जीवन रूप नैया भवसागर से पार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भौतिक प्रगति बहुत तेजी से हो रही है लेकिन हमने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त नहीं किया तो यह प्रगति अधूरी ही रह जाएगी। आध्यात्मिक मार्ग हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। हरिनाम ले लो किनारा मिलेगा, किनारा मिलेगा सहारा मिलेगा गाकर सभी को भोर विभोर कर दिया।
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श्री राम मंदिर सभा के प्रधान अशोक मदान ने बताया कि कथा का समय सांय चार से सात बजे तक रखा गया है। 10 अप्रैल को कथा का आयोजन सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक होगा। महंत श्री खुशहाल दास महाराज जी के आशीर्वाद से हर वर्ष श्री राम कथा का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर श्याम धमीजा, अशोक मदान, बीआर मदान, रामदित्ता बत्तरा, संजय बत्तरा, मोना, चंद्र अरोड़ा, चंद्र बत्तरा, सरोज दुआ, सरोज शर्मा, मीनू, ईश, उषा बत्तरा, सतीश शर्मा, सुषमा धमीजा, मुरारी बत्तरा आदि का विशेष योगदान रहा।
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