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Karnal News: ओंकार महायज्ञ में आहुतियां डाल की सर्व कल्याण की कामना

Mon, 14 Apr 2025 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Mon, 14 Apr 2025 02:29 AM IST
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Wishing for welfare of all by offering sacrifices in Omkar Mahayagya
करनाल। जय ओंकार यज्ञ समिति की ओर से सर्व कल्याण की कामना के साथ सामूहिक ओंकार महायज्ञ का आयोजन किया गया। जाटो गेट स्थित शिवालय में हुए इस महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सैकड़ों परिवारों ने अलग-अलग कुंड पर बैठकर जय गुरुदेव जय ओंकार के 1008 मंत्रों के साथ यज्ञ में आहुतियां डालीं।
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यज्ञ की पूर्णाहुति जय ओंकार अंतरराष्ट्रीय सेवाश्रम संघ एवं भगवान श्री ब्रह्मा मंदिर कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष स्वामी संदीप ओकार ने डाली। संघ के संस्थापक स्वामी शक्तिदेव महाराज के सानिध्य में ओंकार यज्ञ का शुभारंभ कन्याओं ने सामूहिक रूप से ज्योति जलाकर किया। यज्ञ उपरांत सभी ने सामूहिक रूप से 251 कन्याओं का पूजन करके सबके कल्याण की मन्नतें मांगी। कन्या पूजन के बाद अटूट लंगर बरताया गया।
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यज्ञ में मंत्रोच्चारण पंडित राधेश्याम, पंडित मांगे राम और पंडित हरिराम शर्मा ने किया। पंडित शिव नारायण दीक्षित ने गणेश पूजन, पार्षद युद्धवीर सैनी ने भूमि पूजन और कन्या पूजन किया। यज्ञ उपरांत भजन संध्या का भी आयोजन हुआ है। जय ओंकार संकीर्तन मंडल के सदस्यों ने भजनों के माध्यम से गुरु की महिमा का बखान किया। इस अवसर पर संघ संचालक पंडित शिव नारायण दीक्षित, समिति के सदस्य जगमोहन शर्मा, संजय मिड्डा, राजकुमार तलवार, शिवनंदन शर्मा, राजेश शर्मा, गुलशन सेठी, कर्मबीर सिंह, अर्जुन ग्रोवर और रिंकू कांबोज मौजूद रहे।
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अन्न की देवी प्रसन्न तो नहीं रहता कोई भूखा : स्वामी शक्तिदेव

स्वामी शक्तिदेव महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रेरणा देते हुए कहा कि किसी भी शुभ कार्य से पहले यज्ञ अवश्य करना चाहिए। वैसाखी पर्व भी नई फसल के आगमन का मुहूर्त है। अन्न की देवी का पूजन किया जाता है, इन जिस तरह से नवरात्र के दिनों कन्याओं का पूजन करना 33 करोड़ देवी-देवताओं के पूजन के समान है, उसी तरह इस विशेष दिन पर अन्नपूर्णा का पूजन करने का भी विधान है। यज्ञ मां दुर्गा की आत्मा है और दुर्गा संसार की पालक भी हैं। दुर्गा स्तुति के पाठ में भी मुक्ति का द्वार देवी मां को बताया गया है।
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