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Karnal News: परीक्षा में बैठने पर भूल जाते हैं जवाब... शेड्यूल बनाकर पढ़ेंगे तो सब लगेगा आसान
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राजकीय कन्या विद्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता में उपस्थित छात्राएं। सं
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। परीक्षा में बैठने पर सवालों को देखकर ऐसा लगता है जैसे इन्हें पढ़ा है लेकिन जवाब क्या है, यह भूल जाते हैं... ऐसा क्यों होता है। छात्राओं के इस सवाल पर जिला नागरिक अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सौभाग्य कौशिक ने कहा कि शेड्यूल बनाकर पढ़ाई करें। विषय से दोस्ती करें। हर लाइन का अर्थ समझते हुए पढ़ेंगे तो ऐसा कभी नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं को जीवन में सफलता के पांच मंत्र भी दिए। मौका था अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम का।
आयोजन बुधवार को सेक्टर-13 के राजकीय कन्या विद्यालय में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल सपना पुरी ने की। मुख्य वक्ता डॉ. सौभाग्य कौशिक रहीं। उन्होंने सभी छात्राओं और शिक्षकों से तनाव मुक्त जीवन जीने और स्वस्थ शरीर के लिए दिनचर्या में बदलाव करने का आह्वान किया। साथ ही उन्हें पेश आने वाली दैनिक समस्याओं के भी समाधान बताए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों की नींद गायब होती जा रही है। बच्चों से ज्यादा मां-बाप परेशान हैं। परीक्षा में बच्चा अच्छे अंक लाएगा या नहीं? पड़ोसी के बेटे से पिछड़ तो नहीं जाएगा? इस बार नंबर पिछले साल से कम तो नहीं आएंगे? ऐसे ही अन्य कई सवाल हैं जो बच्चों को परेशान कर रहे हैं। इससे न केवल वह तनाव का शिकार होते हैं बल्कि जाने-अनजाने में बच्चे को भी इसकी गिरफ्त में ले आते हैं। लेकिन अच्छे अंकों के लिए समय प्रबंधन जरूरी है, तभी सकारात्मक परिणाम आते हैं। ब्यूरो
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सफलता के पांच मंत्र
1- सभी को समय प्रबंधन करना चाहिए। कौन सा काम कब करना है, यह तय होना चाहिए।
2- सुबह व्यायाम, योग या सैर करें। इससे मन एकाग्र होता है। ऐसा नहीं कर सकते तो अच्छे माहौल में एक बार नृत्य करें।
3- श्वसन अभ्यास करना चाहिए, गहरी सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया को समझें, इससे तनाव कम कर सकते हैं।
4- पढ़ने या किसी भी काम को लगातार 40 से 60 मिनट करने के बाद 3 मिनट का ब्रेक जरूर लें। इससे शांति और नई ऊर्जा मिलती है।
5- शरीर को तंदरुस्त रखने के लिए पाैष्टिक आहार लें। यदि शरीर में ऊर्जा नहीं होगी तो हम किसी भी काम नहीं कर पाएंगे।
तनाव मुक्त रहेंगी तो अच्छा होगा प्रदर्शन : प्रिंसिपल
प्रिंसिपल सपना पुरी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों का तनाव मुक्त रहना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि परिवार की जिम्मेदारी के बीच में उन्हें अपने कॅरिअर के लिए काम करना पड़ता है। अक्सर घरों में बेटियां अपनी मां के साथ भी काम में हाथ बंटाती हैं। लेकिन उन्हें पढ़ाई भी करनी होती है। अभी तक परिणामों में बेटियां ही बेटों से आगे आ रही हैं। यदि वे तनावमुक्त होकर कार्य करें तो और अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं।
परीक्षा में मिलेगी मदद : मिताली
छात्रा मिताली ने कहा कि परीक्षा में कई बार याद नहीं रहता। अब समझ आ गया है कि कैसे हम अपनी याददाश्त को बढ़ा सकते हैं।
नियमित करेंगे व्यायाम : अंजली
छात्रा अंजली ने कहा कि कई बार तनाव के कारण भी पढ़ाई प्रभावित होती है। अब तनावमुक्त रहने के लिए वह नियमित व्यायाम करेंगी।
लगातार पढ़ाई से दिक्कत : हीमा
छात्रा हीमा ने बताया कि वह लगातार कई घंटे पढ़ाई करती थीं। लेकिन कई बार अच्छा परिणाम नहीं मिलता था। ब्रेक देते हुए पढ़ाई करेंगी।
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करनाल। परीक्षा में बैठने पर सवालों को देखकर ऐसा लगता है जैसे इन्हें पढ़ा है लेकिन जवाब क्या है, यह भूल जाते हैं... ऐसा क्यों होता है। छात्राओं के इस सवाल पर जिला नागरिक अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सौभाग्य कौशिक ने कहा कि शेड्यूल बनाकर पढ़ाई करें। विषय से दोस्ती करें। हर लाइन का अर्थ समझते हुए पढ़ेंगे तो ऐसा कभी नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं को जीवन में सफलता के पांच मंत्र भी दिए। मौका था अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम का।
आयोजन बुधवार को सेक्टर-13 के राजकीय कन्या विद्यालय में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल सपना पुरी ने की। मुख्य वक्ता डॉ. सौभाग्य कौशिक रहीं। उन्होंने सभी छात्राओं और शिक्षकों से तनाव मुक्त जीवन जीने और स्वस्थ शरीर के लिए दिनचर्या में बदलाव करने का आह्वान किया। साथ ही उन्हें पेश आने वाली दैनिक समस्याओं के भी समाधान बताए।
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उन्होंने कहा कि परीक्षा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों की नींद गायब होती जा रही है। बच्चों से ज्यादा मां-बाप परेशान हैं। परीक्षा में बच्चा अच्छे अंक लाएगा या नहीं? पड़ोसी के बेटे से पिछड़ तो नहीं जाएगा? इस बार नंबर पिछले साल से कम तो नहीं आएंगे? ऐसे ही अन्य कई सवाल हैं जो बच्चों को परेशान कर रहे हैं। इससे न केवल वह तनाव का शिकार होते हैं बल्कि जाने-अनजाने में बच्चे को भी इसकी गिरफ्त में ले आते हैं। लेकिन अच्छे अंकों के लिए समय प्रबंधन जरूरी है, तभी सकारात्मक परिणाम आते हैं। ब्यूरो
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सफलता के पांच मंत्र
1- सभी को समय प्रबंधन करना चाहिए। कौन सा काम कब करना है, यह तय होना चाहिए।
2- सुबह व्यायाम, योग या सैर करें। इससे मन एकाग्र होता है। ऐसा नहीं कर सकते तो अच्छे माहौल में एक बार नृत्य करें।
3- श्वसन अभ्यास करना चाहिए, गहरी सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया को समझें, इससे तनाव कम कर सकते हैं।
4- पढ़ने या किसी भी काम को लगातार 40 से 60 मिनट करने के बाद 3 मिनट का ब्रेक जरूर लें। इससे शांति और नई ऊर्जा मिलती है।
5- शरीर को तंदरुस्त रखने के लिए पाैष्टिक आहार लें। यदि शरीर में ऊर्जा नहीं होगी तो हम किसी भी काम नहीं कर पाएंगे।
तनाव मुक्त रहेंगी तो अच्छा होगा प्रदर्शन : प्रिंसिपल
प्रिंसिपल सपना पुरी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों का तनाव मुक्त रहना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि परिवार की जिम्मेदारी के बीच में उन्हें अपने कॅरिअर के लिए काम करना पड़ता है। अक्सर घरों में बेटियां अपनी मां के साथ भी काम में हाथ बंटाती हैं। लेकिन उन्हें पढ़ाई भी करनी होती है। अभी तक परिणामों में बेटियां ही बेटों से आगे आ रही हैं। यदि वे तनावमुक्त होकर कार्य करें तो और अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं।
परीक्षा में मिलेगी मदद : मिताली
छात्रा मिताली ने कहा कि परीक्षा में कई बार याद नहीं रहता। अब समझ आ गया है कि कैसे हम अपनी याददाश्त को बढ़ा सकते हैं।
नियमित करेंगे व्यायाम : अंजली
छात्रा अंजली ने कहा कि कई बार तनाव के कारण भी पढ़ाई प्रभावित होती है। अब तनावमुक्त रहने के लिए वह नियमित व्यायाम करेंगी।
लगातार पढ़ाई से दिक्कत : हीमा
छात्रा हीमा ने बताया कि वह लगातार कई घंटे पढ़ाई करती थीं। लेकिन कई बार अच्छा परिणाम नहीं मिलता था। ब्रेक देते हुए पढ़ाई करेंगी।