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सत्ता बदली तो उनसे नहीं किया रायमशविरा न चुनाव में कोई जिम्मेदारी सौंपी : धर्मपाल गोंदर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2024 04:57 AM IST
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When the government changed, they were neither consulted nor given any responsibility in the elections: Dharampal Gondar
- भाजपा में पूछ नहीं होने से आहत हैं विधायक धर्मपाल गोंदर, दिया झटका
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- धर्मपाल गोंदर के समर्थन वापस लेने से भाजपा सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा : हरविंद्र कल्याण

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। चुनाव के ऐन मौके पर भाजपा सरकार को झटका देने वाले नीलोखेड़ी हल्के के निर्दलीय विधायक धर्मपाल गोंदर अचानक कांग्रेस के पाले में कैसे चले गए? जिसने उनके द्वारा मौजूदा भाजपा के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार से समर्थन वापसी की बात सुनी, उसकी जुबां से यही सवाल निकला। विधायक धर्मपाल गोंदर ने इसके पीछे भाजपा की नई सरकार द्वारा उनकी उपेक्षा करना मुख्य कारण बताया है। विधायक ने कहा कि जब सत्ता को बदला गया तो उनसे कोई रायमशविरा नहीं किया गया। इसका भी कोई मलाल नहीं रहा लेकिन जब चुनाव शुरू हो गया और नीलोखेड़ी क्षेत्र में ही कार्यक्रम होने लगे, तो भी कोई अहमियत नहीं दे रहा है, न ही कोई चुनाव में जिम्मेदारी सौंपी गई, ये अच्छा नहीं लगा।
नीलोखेड़ी के निर्दलीय विधायक धर्मपाल गोंदर पिछले चुनाव के बाद जब मनोहर लाल मुख्यमंत्री बने थे, तो उन्हें समर्थन दे दिया था। इसके बाद सरकार लगातार साढ़े चार साल चलती रही। अब जब मनोहर लाल मुख्यमंत्री पद से त्याग पत्र दे चुके हैं, नायब सिंह सैनी नए सीएम की कमान संभाल चुके हैं। ऐसे में धर्मपाल गोंदर खुद को नजरदांज किए जाने से आहत नजर आ रहे हैं। जिसके कारण उन्होंने ऐन चुनाव के मौके पर बाजी पलटकर मौजूदा सैनी सरकार के सामने कहीं न कहीं संकट खड़ा कर दिया है।
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विधायक धर्मपाल गोंदर ने विशेष बातचीत में बताया कि उन्होंने दो अन्य साथी विधायक रणधीर गोलन (पुंडरी) व चरखी दादरी के विधायक सोमवीर सांगवान के साथ मिलकर एक साथ तीनों ने भाजपा सरकार से समर्थन वापस लेकर कांग्रेस को बाहर से समर्थन दे दिया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सरपंच और किसान भी नाराज हैं, गांवों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। आशा वर्कर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंदोलन करते रहे, सरकार ने उनकी एक नहीं सुनी, ऐसी ही कई बातें हैं, जिसके कारण अंदर ही अंदर मन खिन्न होता रहा। अब जब अन्य निर्दलीय विधायकों से बात हुई, तीनों एक राय हुए तो भाजपा सरकार से समर्थन वापस ले लिया और कांग्रेस को बाहर से समर्थन दे दिया है। हालांकि इसी जिले के घरौंडा हलके के विधायक हरविंद्र कल्याण का कहना है कि धर्मपाल गोंदर के समर्थन वापस लेने से भाजपा सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सरकार बखूबी चलती रहेगी।
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