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Karnal News: बैठक में नहीं पहुंचे सीईओ तो नाराज जिला परिषद सदस्यों ने कार्यालय पर जड़ा ताला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Nov 2025 01:42 AM IST
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When the CEO did not attend the meeting, angry Zilla Parishad members locked the office.
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। जिला परिषद के सभागार में शुक्रवार को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में सीईओ सोनू भट्ट नहीं पहुंचे। इससे गुस्साए परिषद सदस्यों ने उनके कार्यालय पर ताला जड़ दिया। करीब एक घंटे तक जिला परिषद के सभी 25 सदस्यों ने सीईओ के खिलाफ प्रदर्शन किया। सदस्यों ने सीईओ पर विकास कार्यों को अटकाने और लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। तीन माह पूर्व सीईओ गौरव कुमार का तबादला होने के बाद एडीसी सोनू भट्ट को सीईओ का कार्यभार दिया गया है।
जिला परिषद की अध्यक्ष प्रवेश सोहन सिंह राणा ने बताया कि पिछली बैठकों में पास हुए विकास कार्यों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को बैठक बुलाई गई थी। बैठक में शामिल होने के लिए सीईओ सोनू भट्ट को भी लिखित में संदेश भेजा गया था। वह बैठक में नहीं आए। करीब डेढ़ घंटे तक सभी पार्षदों और पूरे सदन ने उनका इंतजार किया। बिना सीईओ के विकास कार्यों को पास किए आगामी प्रक्रिया को नहीं किया जा सकता, इसलिए बैठक में उनका होना जरूरी है। पिछले पास हुए विकास कार्यों पर काम क्यों नहीं शुरू हुआ, इस पर भी चर्चा की जानी थी लेकिन अधिकारी के नहीं आने से चर्चा नहीं हो सकी।
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मार्च माह में जिला परिषद की सदन की बैठक हुई थी। एजेंडे में शामिल विकास कार्यों को पास किया गया था। इन विकास कार्यों के अब तक वर्क ऑर्डर नहीं हो पाए हैं। अध्यक्ष ने बताया कि तीन माह पूर्व पिछले सीईओ गौरव कुमार का तबादला होने के बाद एडीसी सोनू भट्ट को सीईओ का कार्यभार दिया गया। उन्होंने आज तक पार्षदों के साथ बैठक ही नहीं की है। तीन माह के दौरान किसी मासिक बैठक में वह नहीं पहुंचे हैं। नियम के अनुसार, सदन की बैठक में पास हुए विकास कार्यों या काम के बिल को एक्सईएन फाइल बनाकर सीईओ के पास भेजते हैं। सीईओ के हस्ताक्षर के बाद फाइल अध्यक्ष के पास जाती है। इसके बाद भुगतान या काम शुरू करने की स्वीकृति मिलती है। सीईओ की ओर से फाइलों को पास ही नहीं किया गया है।
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तीन महीने से अटकी हैं फाइलें

जिला परिषद सदस्य गुरदीप ने कहा कि सीईओ के नहीं आने से काम करवाने के लिए कई-कई दिन चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिले में करोड़ों रुपये के विकास कार्य मंजूर पड़े हैं लेकिन तीन महीने से फाइलें अटकी हुई हैं। वर्क ऑर्डर तक जारी नहीं हो रहे। देर होती रही तो ये फंड वापस चले जाएंगे और जनता के काम अधूरे रह जाएंगे। पार्षदों ने कहा कि कई बार समय लेकर कार्यालय पहुंचे, लेकिन आईएएस अधिकारी उनसे नहीं मिले।


मेरा कॉल भी नहीं उठाया : अध्यक्ष

जिला परिषद अध्यक्ष प्रवेश सोहन सिंह राणा का कहना है कि बैठक में सभी पार्षद सीईओ का इंतजार करते रहे। उनके आने की स्थिति जानने के लिए उन्होंने बैठक के दौरान उन्हें कॉल किया। सीईओ ने कॉल नहीं उठाया। शाम तक कॉल बैक व जवाब नहीं आया। यदि अधिकारी का रवैया ऐसा ही रहेगा तो विकास कार्य कैसे करा पाएंगे। इस स्थिति के लिए सीएम नायब सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात करेंगे। उन्हें लिखित में स्थिति से अवगत भी कराया जाएगा।
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