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Karnal News: मनोहर के गढ़ में भाजपा के जगमोहन की नायाब जीत
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- कांग्रेस नहीं भेद पाई भाजपा का किला, लगातार तीसरी बार खिला कमल
- पहले चरण में पिछड़ी पूर्व विधायक सुमिता सिंह सभी 17 चरणों में हारी
गगन तलवार
करनाल। केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के गढ़ करनाल में भाजपा के जगमोहन आनंद की नायाब जीत हुई है। यहां लगातार तीसरी बार कमल खिला है। उन्होंने पूर्व में 10 साल तक विधायक रहीं कांग्रेस प्रत्याशी सुमिता सिंह को बड़े अंतर से हराया। खुद को पंजाबी प्रस्तुत करते हुए भी कांग्रेस की सुमिता सिंह भाजपा का किला नहीं भेद पाई।
जगमोहन आनंद को पूर्व सीएम मनोहर लाल और कार्यवाहक सीएम नायब सैनी के किए कार्यों, योजनाओं और उनकी जनता में पकड़ का लाभ मिला तो सुमिता सिंह को इसका नुकसान भी उठाना पड़ा। पिछले दो चुनावों में मनोहर लाल और उपचुनाव में कार्यवाहक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी इसी सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे। ऐसे में तीसरी बार पंजाबी कार्ड खेलते हुए भाजपा ने जगमोहन को मैदान में उतारा और जीत की हैट्रिक लगाई।
शुरुआत में टिकट आवंटन के बाद भाजपा प्रत्याशी का काफी विरोध भी हुआ था। वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक के मैदान में उतरते ही कई पदाधिकारी और पार्षद भाजपा छोड़कर कांग्रेस के साथ भी हो गए थे, ऐसे में भाजपा के गढ़ में शुरुआत में कांग्रेस का माहौल बनने लगा। लेकिन केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और धर्मेंद्र प्रधान के प्रचार की कमान संभालते ही अंदर खाते भाजपा का गढ़ मजबूत हो गया। पूर्व मेयर रेणू बाला गुप्ता ने भी टिकट कटने की नाराजगी दूर करके भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार शुरू कर दिया।
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जिसका असर मतगणना के सभी चरणों में दिखाई दिया। पहले चरण में ही पिछड़ी सुमिता सिंह लगातार सभी 17 चरणों में जगमोहन आनंद से हारीं। वहीं अंत तक जगमोहन आनंद की जीत का अंतर भी बढ़ता गया। 33664 अंतर से जगमोहन को जीत मिली। जगमोहन के पक्ष में 89737 और कांग्रेस की सुमिता सिंह के पक्ष में 56073 वोट डले।
रोचक आंकड़े
भाजपा : 2014 में मनोहर के मुकाबले मिले ज्यादा वोट
2014 में मिली भाजपा की जीत के मुकाबले इस बार पार्टी का वोट प्रतिशत भी करीब 0.95 फीसदी बढ़ा है। 2014 में करनाल से विधायक बनने वाले मनोहर लाल के पक्ष में 82485 यानी 58.75 प्रतिशत वोट मिले थे। जबकि इस बार जगमोहन आनंद को 89737 यानी 59.70 प्रतिशत वोट मिले हैं। जबकि 2019 में मनोहर लाल का वोट प्रतिशत बढ़कर 63.72 हो गया था। वहीं उपचुनाव में नायब सैनी को भी 62.43 प्रतिशत वोट मिले थे। हालांकि 2019 और 2024 उपचुनाव के मुकाबले जगमोहन का वोट प्रतिशत कम है।
कांग्रेस : 2009 में अब से कम वोट प्रतिशत में भी जीती थी सुमिता
इस बार के चुनाव में कांग्रेस की सुमिता सिंह के पक्ष में 37.31 प्रतिशत यानी 56073 वोट डले हैं। जबकि 2009 में उन्हें 35.45 प्रतिशत यानी 35894 वोट मिलने पर जीत दर्ज की थी। तब के मुकाबले इस बार उन्हें 1.86 प्रतिशत वोट बढ़े हैं। वहीं 2014 से तुलना करें तो कांग्रेस का वोट प्रतिशत 28.19 फीसदी तक बढ़ा है। 2014 में कांग्रेस को 9.12 प्रतिशत, 2019 में 27.68 प्रतिशत और उपचुनाव में 35.13 प्रतिशत वोट मिले थे।
-- -
दूसरे में कम और चौथे चरण में सर्वाधिक अंतर से जीती भाजपा
चरण
भाजपा - कांग्रेस अंतर
01
5396 - 3926
1470
02
4436 - 3993
443
03
5168 - 2602
2566
04
5749 - 2638
3111
05
5676 - 3093
2583
06
5627 - 2718
2909
07
5473 - 3342
2131
08
5922 - 3116
2806
09
5596 - 3202
2394
10
5140 - 4384
756
11
4664 - 3643
1021
12
5888 - 3817
2071
13
4633 - 3919
714
14
5901 - 3552
2349
15
5549 - 3445
2104
16
4572 - 2863
1709
17
4347 - 2020
2327
-- -
यूं बढ़ता गया जगमोहन की जीत का ग्राफ
चरण
जीत का अंतर
01
1470
02
1913
03
4479
04
7590
05
10173
06
13082
07
15213
08
18019
09
20413
10
21169
11
22190
12
24261
13
24975
14
27524
15
29628
16
31337
17
33664
--
करनाल सीट पर इन्हें इतने मिले वोट
प्रत्याशी/पार्टी
कुल वोट
जगमोहन आनंद-भाजपा
89737
सुमिता सिंह- कांग्रेस
56073
सुनील बिंदल- आप
1714
सुरजीत सिंह- इनेलो
944
नोटा
851
जितेंद्र- जजपा
269
कमल- आजाद
242
वीरेंद्र चावला- आजाद
149
नीरू बाला- आजाद
98
प्रदीप सैनी- आरजीडी
63
हरदीप सिंह- अकाली दल
55
धर्मेंद्र- आजाद
55
यशदेव गोयल- आजाद
53
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- पहले चरण में पिछड़ी पूर्व विधायक सुमिता सिंह सभी 17 चरणों में हारी
गगन तलवार
करनाल। केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के गढ़ करनाल में भाजपा के जगमोहन आनंद की नायाब जीत हुई है। यहां लगातार तीसरी बार कमल खिला है। उन्होंने पूर्व में 10 साल तक विधायक रहीं कांग्रेस प्रत्याशी सुमिता सिंह को बड़े अंतर से हराया। खुद को पंजाबी प्रस्तुत करते हुए भी कांग्रेस की सुमिता सिंह भाजपा का किला नहीं भेद पाई।
जगमोहन आनंद को पूर्व सीएम मनोहर लाल और कार्यवाहक सीएम नायब सैनी के किए कार्यों, योजनाओं और उनकी जनता में पकड़ का लाभ मिला तो सुमिता सिंह को इसका नुकसान भी उठाना पड़ा। पिछले दो चुनावों में मनोहर लाल और उपचुनाव में कार्यवाहक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी इसी सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे। ऐसे में तीसरी बार पंजाबी कार्ड खेलते हुए भाजपा ने जगमोहन को मैदान में उतारा और जीत की हैट्रिक लगाई।
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शुरुआत में टिकट आवंटन के बाद भाजपा प्रत्याशी का काफी विरोध भी हुआ था। वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक के मैदान में उतरते ही कई पदाधिकारी और पार्षद भाजपा छोड़कर कांग्रेस के साथ भी हो गए थे, ऐसे में भाजपा के गढ़ में शुरुआत में कांग्रेस का माहौल बनने लगा। लेकिन केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और धर्मेंद्र प्रधान के प्रचार की कमान संभालते ही अंदर खाते भाजपा का गढ़ मजबूत हो गया। पूर्व मेयर रेणू बाला गुप्ता ने भी टिकट कटने की नाराजगी दूर करके भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार शुरू कर दिया।
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जिसका असर मतगणना के सभी चरणों में दिखाई दिया। पहले चरण में ही पिछड़ी सुमिता सिंह लगातार सभी 17 चरणों में जगमोहन आनंद से हारीं। वहीं अंत तक जगमोहन आनंद की जीत का अंतर भी बढ़ता गया। 33664 अंतर से जगमोहन को जीत मिली। जगमोहन के पक्ष में 89737 और कांग्रेस की सुमिता सिंह के पक्ष में 56073 वोट डले।
रोचक आंकड़े
भाजपा : 2014 में मनोहर के मुकाबले मिले ज्यादा वोट
2014 में मिली भाजपा की जीत के मुकाबले इस बार पार्टी का वोट प्रतिशत भी करीब 0.95 फीसदी बढ़ा है। 2014 में करनाल से विधायक बनने वाले मनोहर लाल के पक्ष में 82485 यानी 58.75 प्रतिशत वोट मिले थे। जबकि इस बार जगमोहन आनंद को 89737 यानी 59.70 प्रतिशत वोट मिले हैं। जबकि 2019 में मनोहर लाल का वोट प्रतिशत बढ़कर 63.72 हो गया था। वहीं उपचुनाव में नायब सैनी को भी 62.43 प्रतिशत वोट मिले थे। हालांकि 2019 और 2024 उपचुनाव के मुकाबले जगमोहन का वोट प्रतिशत कम है।
कांग्रेस : 2009 में अब से कम वोट प्रतिशत में भी जीती थी सुमिता
इस बार के चुनाव में कांग्रेस की सुमिता सिंह के पक्ष में 37.31 प्रतिशत यानी 56073 वोट डले हैं। जबकि 2009 में उन्हें 35.45 प्रतिशत यानी 35894 वोट मिलने पर जीत दर्ज की थी। तब के मुकाबले इस बार उन्हें 1.86 प्रतिशत वोट बढ़े हैं। वहीं 2014 से तुलना करें तो कांग्रेस का वोट प्रतिशत 28.19 फीसदी तक बढ़ा है। 2014 में कांग्रेस को 9.12 प्रतिशत, 2019 में 27.68 प्रतिशत और उपचुनाव में 35.13 प्रतिशत वोट मिले थे।
दूसरे में कम और चौथे चरण में सर्वाधिक अंतर से जीती भाजपा
चरण
भाजपा - कांग्रेस अंतर
01
5396 - 3926
1470
02
4436 - 3993
443
03
5168 - 2602
2566
04
5749 - 2638
3111
05
5676 - 3093
2583
06
5627 - 2718
2909
07
5473 - 3342
2131
08
5922 - 3116
2806
09
5596 - 3202
2394
10
5140 - 4384
756
11
4664 - 3643
1021
12
5888 - 3817
2071
13
4633 - 3919
714
14
5901 - 3552
2349
15
5549 - 3445
2104
16
4572 - 2863
1709
17
4347 - 2020
2327
यूं बढ़ता गया जगमोहन की जीत का ग्राफ
चरण
जीत का अंतर
01
1470
02
1913
03
4479
04
7590
05
10173
06
13082
07
15213
08
18019
09
20413
10
21169
11
22190
12
24261
13
24975
14
27524
15
29628
16
31337
17
33664
करनाल सीट पर इन्हें इतने मिले वोट
प्रत्याशी/पार्टी
कुल वोट
जगमोहन आनंद-भाजपा
89737
सुमिता सिंह- कांग्रेस
56073
सुनील बिंदल- आप
1714
सुरजीत सिंह- इनेलो
944
नोटा
851
जितेंद्र- जजपा
269
कमल- आजाद
242
वीरेंद्र चावला- आजाद
149
नीरू बाला- आजाद
98
प्रदीप सैनी- आरजीडी
63
हरदीप सिंह- अकाली दल
55
धर्मेंद्र- आजाद
55
यशदेव गोयल- आजाद
53