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भूमिगत होंगी बिजली की तारें
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संजू कुमार
करनाल। आंधी और बारिश में अक्सर फाल्ट आने के कारण बिजली कई घंटे तक गुल हो जाती है। वहीं सड़कों पर जगह-जगह खड़े खंभे और उन पर लटकते तारों की वजह से हादसे हो जाते हैं। जिससे जानी नुकसान होने के साथ लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब इन सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए बिजली निगम ने पायलेट प्रोजेक्ट तैयार किया है। जिसके तहत शहर में भूमिगत बिजली लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए विभाग के अफसरों ने डीपीआर बनाकर चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दी है। जिसका दिसंबर में टेंडर होने की उम्मीद है।
शुरुआत में भूमिगत बिजली की केबल निर्मल कुटिया चौक से सिविल अस्पताल चौक तक बिछाई जाएगी। जिसकी लंबाई करीब 3.5 किलोमीटर होगी। इस बीच करीब 11 केवी के छह फीडर लगे हुए हैं। इस परियोजना पर 9.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि भूमिगत लाइन बिछाने का पहली बार बड़ा प्रोजेक्ट प्लान किया गया है। सबसे पहले पॉश इलाके में लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद शहर के अन्य क्षेत्रों को इस योजना को बढ़ाया जाएगा। संवाद
पोल हटाकर किया जाएगा सुंदरीकरण
शहर में जगह-जगह खड़े बिजली के खंभे और इन पर लटकते तारों से अक्सर हादसे होते हैं, क्योंकि ये खंभे कई जगह सड़कों के बीचोंबीच या डिवाइडर पर लगाए गए हैं। कई बार तो सड़कों के किनारे खड़े खंभों से वाहन टकरा जाते हैं। अब इन सभी खंभों को सड़कों के किनारे से हटाया जाएगा। खंभे हटने के बाद जहां शहर की खूबसूरती बढ़ेगी वहीं डिवाइडर में खंभों की जगह हरियाली नजर आएगी। बिजली निगम की ओर से प्रपोजल की फाइनल रिपोर्ट बनाकर चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दी गई है। अब मुख्यालय से जल्द टेंडर होगा। जिसके बाद कंपनी को वर्क ऑर्डर किया जाएगा। उसके बाद ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा। दिसंबर महीने तक टेंडर अलॉट होने की उम्मीद है।
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शहर में बिजली की भूमिगत लाइन बिछाने के लिए पायलेट प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है। अब चंडीगढ़ से टेंडर अलॉट होना बाकी है। बिजली की भूमिगत लाइन बिछाने से कई तरह की आंधी और बरसात में फाल्ट आने जैसी समस्या नहीं आएगी। यह एक बेहतर योजना है। जिस पर टेंडर होने के बाद काम शुरू किया जाना है।
- जेएस नारा, एसई, बिजली निगम, करनाल
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करनाल। आंधी और बारिश में अक्सर फाल्ट आने के कारण बिजली कई घंटे तक गुल हो जाती है। वहीं सड़कों पर जगह-जगह खड़े खंभे और उन पर लटकते तारों की वजह से हादसे हो जाते हैं। जिससे जानी नुकसान होने के साथ लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब इन सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए बिजली निगम ने पायलेट प्रोजेक्ट तैयार किया है। जिसके तहत शहर में भूमिगत बिजली लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए विभाग के अफसरों ने डीपीआर बनाकर चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दी है। जिसका दिसंबर में टेंडर होने की उम्मीद है।
शुरुआत में भूमिगत बिजली की केबल निर्मल कुटिया चौक से सिविल अस्पताल चौक तक बिछाई जाएगी। जिसकी लंबाई करीब 3.5 किलोमीटर होगी। इस बीच करीब 11 केवी के छह फीडर लगे हुए हैं। इस परियोजना पर 9.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि भूमिगत लाइन बिछाने का पहली बार बड़ा प्रोजेक्ट प्लान किया गया है। सबसे पहले पॉश इलाके में लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद शहर के अन्य क्षेत्रों को इस योजना को बढ़ाया जाएगा। संवाद
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शहर में जगह-जगह खड़े बिजली के खंभे और इन पर लटकते तारों से अक्सर हादसे होते हैं, क्योंकि ये खंभे कई जगह सड़कों के बीचोंबीच या डिवाइडर पर लगाए गए हैं। कई बार तो सड़कों के किनारे खड़े खंभों से वाहन टकरा जाते हैं। अब इन सभी खंभों को सड़कों के किनारे से हटाया जाएगा। खंभे हटने के बाद जहां शहर की खूबसूरती बढ़ेगी वहीं डिवाइडर में खंभों की जगह हरियाली नजर आएगी। बिजली निगम की ओर से प्रपोजल की फाइनल रिपोर्ट बनाकर चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दी गई है। अब मुख्यालय से जल्द टेंडर होगा। जिसके बाद कंपनी को वर्क ऑर्डर किया जाएगा। उसके बाद ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा। दिसंबर महीने तक टेंडर अलॉट होने की उम्मीद है।
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शहर में बिजली की भूमिगत लाइन बिछाने के लिए पायलेट प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है। अब चंडीगढ़ से टेंडर अलॉट होना बाकी है। बिजली की भूमिगत लाइन बिछाने से कई तरह की आंधी और बरसात में फाल्ट आने जैसी समस्या नहीं आएगी। यह एक बेहतर योजना है। जिस पर टेंडर होने के बाद काम शुरू किया जाना है।
- जेएस नारा, एसई, बिजली निगम, करनाल