{"_id":"667d59a2e7bc231b040ba419","slug":"two-youths-from-karnal-died-due-to-drowning-in-lake-in-usa-2024-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुखद: करनाल के दो युवकों की USA में मौत, घर के इकलौते थे, डूबते को बचाने के लिए दूसरा भी झील में कूदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुखद: करनाल के दो युवकों की USA में मौत, घर के इकलौते थे, डूबते को बचाने के लिए दूसरा भी झील में कूदा
Thu, 27 Jun 2024 05:52 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 27 Jun 2024 05:52 PM IST
सार
करनाल के दो युवक अमेरिका की झील में डूब गए। दोनों डंकी से काफी पैसे खर्च कर अच्छे रोजगार के लिए अमेरिका गए थे। दोनों परिवारों पर दूखों का पहाड़ टूट गया है।
विज्ञापन
मृतकों के फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका के कैलिफोर्निया की साल्टन झील में डूबने से करनाल के 2 युवकों की मौत हो गई। इनमें एक युवक गांव गोविंदगढ़ का तो दूसरा गांव चुरनी जागीर का रहने वाला था। दोनों घर के इकलौते थे। जिनके घरों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों की भारत सरकार से मांग है कि उनके बेटों के शवों को भारत लाया जाए ताकि वह उनका अपने हाथों से अंतिम संस्कार कर सके।
विज्ञापन
गांव चुरनी जागीर निवासी रुपिंद्र सिंह ने बताया कि उसने करीब 14 महीने पहले ही अपने बेटे इक्कम प्रीत को अमेरिका भेजा था। वह वहां पर खुश था। 25 जून को वह नहाने के लिए झील पर गए थे। उसके साथ गोविंदगढ़ निवासी महताब भी था। जब इक्कम झील में नहाने लगा तो वह डूबने लगा।
विज्ञापन
उसे बचाने के लिए गोविंदगढ़ निवासी महताब ने भी छलांग लगाई तो वह भी डूबने लगा तो आस पास के लोगों ने उन्हें निकाल लिया और अस्पताल में दाखिल कराया। उनके बेटे को कोई सुराग नहीं लगा तो 24 घंटे बाद उनके बेटे का शव झील से मिला। कल ही उन्हें इसकी सूचना मिली है। उसके बेटे को वर्क परमिट मिलने वाला था।
विज्ञापन
वहीं गोबिंदगढ़ निवासी महताब के परिजनों ने बताया कि उन्होंने 50 लाख रुपये खर्च कर महताब को अमेरिका भेजा था। झील से निकालने के बाद उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया था। उसके दिमाग में पानी चला गया था।
अस्पताल में वह दो दिन वेंटिलेटर पर रहा और रात उसने दम तोड़ दिया। महताब अपनी बुआ फूफा के पास रहता था। उसके फूफा ने ही उन्हें सूचना दी। दोनों युवक डंकी से अमेरिका गए थे। महताब अपने पिता के लिए कार खरीदकर देने वाला था।