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आलू-चावल खाने से दो बच्चों, मां की तबियत बिगड़ी, दोनों बच्चों की मौत
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असंध (करनाल)। संवाद न्यूज एजेंसी। गांव रिसालवा में जहरीला खाना खाने से दो बच्चों की मौत हो गई। जबकि मां की हालत गंभीर है। मां का इलाज कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज करनाल में चल रहा है। वहीं गांव के पूर्व सरपंच लाभ सिंह व मृतक के मामा रवि व सतेंद्र ने बताया कि दोनों बच्चों को मिड डे मील में सूखे चावल मिले थे। रात को बच्चों की मां पूनम ने वही चावल बनाए थे और साथ में आलू की सब्जी बनाई थी। जिसके सेवन से उनकी तबियत बिगड़ी। लेकिन अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि मिड डे मील के चावल के सेवन से ही उनकी मौत हुई है।
असंध थाना पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। मृतक बच्चों के चाचा अनिल की शिकायत पर धारा 174 की कार्रवाई कर जांच शुरू कर दी है। गांव रिसालवा निवासी मृतक बच्चों के चाचा अनिल ने बताया उसके भाई सुनील की करीब छह साल पहले मौत हो गई है। उसकी भाभी पूनम अपने दो बच्चों के साथ रह रही थी। उसका बड़ा भतीजा सागर 11 साल का था जो छठी कक्षा में पढ़ता था और 9 साल का प्रतीक जो चौथी कक्षा में पढ़ता था। सोमवार शाम को उनकी मां पूनम ने चावल व आलू की सब्जी बनाई थी और वहीं उन्होंने खाई। रात को करीब 12 बजे प्रतीक की तबियत बिगड़ गई उसके पेट में दर्द हो गया और उल्टियां आने लगी। इसके बाद सागर की भी तबियत बिगड़ गई।
इन दोनों को असंध के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया तो वहां पर डॉक्टरों ने सागर को मृत बता दिया और प्रतीक को डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया। कुछ समय पर दोबारा प्रतीक की तबियत बिगड़ गई और फिर वह उसे डॉक्टर के पास लेकर गए तो डॉक्टर ने उसे करनाल रेफर कर दिया। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई। इन बच्चों की मां पूनम को भी डॉक्टरों ने करनाल रेफर कर दिया था। उसकी हालात गंभीर बनी हुई है।
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मिड-डे मील का स्टॉक सील
मृतक दोनों बच्चे अलग-अलग स्कूल में पढ़ते थे। सागर सालवन गांव और प्रतीक रिसालवा गांव के ही स्कूल में पढ़ता था। 8 जुलाई को प्रतीक मिड डे मील से सूखे चावल लेकर आया था। मिड डे मील के चावलों के सेवन से ऐसा हुआ है, यह बात सामने आ रही है। इसी आशंका के चलते फिलहाल गांव के प्राइमरी स्कूल व सालवन के स्कूल का मिड डे मील स्टॉक सील कर दिया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि और भी छात्र चावल लेकर गए थे, उन्होंने भी इन चावलों का सेवन किया हुआ, लेकिन किसी की तरफ से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है।
- राजकुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, असंध।
मृतक बच्चों के चाचा अनिल ने शिकायत में बताया कि बच्चों व उनकी मां ने रात को चावल व आलू की सब्जी खाई थी। इस आधार पर जांच की जा रही है। दोनों मृत बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक बच्चों के विसरे को लैब में भेज दिया गया है। उसकी रिपोर्ट आने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- कमलदीप सिंह, थाना प्रभारी असंध।
स्कूल में मिड-डे मील तो 20 दिन पहले बांटा गया था। यह 70 बच्चों को दिया गया था। कोरोना के कारण बच्चों को बिना पके चावल दिए जाते हैं। बच्चों की मौत से मिड-डे मील का कोई वास्ता नहीं है। यदि चावल खराब होते तो और भी बच्चों की हालत खराब होती। एक ही परिवार के सदस्यों की हालत तबियत क्यों बिगड़ी।
- सतीश जांगड़ा, प्रधानाचार्य, राजकीय प्राथमिक विद्यालय रिसालवा।
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असंध थाना पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। मृतक बच्चों के चाचा अनिल की शिकायत पर धारा 174 की कार्रवाई कर जांच शुरू कर दी है। गांव रिसालवा निवासी मृतक बच्चों के चाचा अनिल ने बताया उसके भाई सुनील की करीब छह साल पहले मौत हो गई है। उसकी भाभी पूनम अपने दो बच्चों के साथ रह रही थी। उसका बड़ा भतीजा सागर 11 साल का था जो छठी कक्षा में पढ़ता था और 9 साल का प्रतीक जो चौथी कक्षा में पढ़ता था। सोमवार शाम को उनकी मां पूनम ने चावल व आलू की सब्जी बनाई थी और वहीं उन्होंने खाई। रात को करीब 12 बजे प्रतीक की तबियत बिगड़ गई उसके पेट में दर्द हो गया और उल्टियां आने लगी। इसके बाद सागर की भी तबियत बिगड़ गई।
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इन दोनों को असंध के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया तो वहां पर डॉक्टरों ने सागर को मृत बता दिया और प्रतीक को डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया। कुछ समय पर दोबारा प्रतीक की तबियत बिगड़ गई और फिर वह उसे डॉक्टर के पास लेकर गए तो डॉक्टर ने उसे करनाल रेफर कर दिया। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई। इन बच्चों की मां पूनम को भी डॉक्टरों ने करनाल रेफर कर दिया था। उसकी हालात गंभीर बनी हुई है।
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मिड-डे मील का स्टॉक सील
मृतक दोनों बच्चे अलग-अलग स्कूल में पढ़ते थे। सागर सालवन गांव और प्रतीक रिसालवा गांव के ही स्कूल में पढ़ता था। 8 जुलाई को प्रतीक मिड डे मील से सूखे चावल लेकर आया था। मिड डे मील के चावलों के सेवन से ऐसा हुआ है, यह बात सामने आ रही है। इसी आशंका के चलते फिलहाल गांव के प्राइमरी स्कूल व सालवन के स्कूल का मिड डे मील स्टॉक सील कर दिया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि और भी छात्र चावल लेकर गए थे, उन्होंने भी इन चावलों का सेवन किया हुआ, लेकिन किसी की तरफ से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है।
- राजकुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, असंध।
मृतक बच्चों के चाचा अनिल ने शिकायत में बताया कि बच्चों व उनकी मां ने रात को चावल व आलू की सब्जी खाई थी। इस आधार पर जांच की जा रही है। दोनों मृत बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक बच्चों के विसरे को लैब में भेज दिया गया है। उसकी रिपोर्ट आने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- कमलदीप सिंह, थाना प्रभारी असंध।
स्कूल में मिड-डे मील तो 20 दिन पहले बांटा गया था। यह 70 बच्चों को दिया गया था। कोरोना के कारण बच्चों को बिना पके चावल दिए जाते हैं। बच्चों की मौत से मिड-डे मील का कोई वास्ता नहीं है। यदि चावल खराब होते तो और भी बच्चों की हालत खराब होती। एक ही परिवार के सदस्यों की हालत तबियत क्यों बिगड़ी।
- सतीश जांगड़ा, प्रधानाचार्य, राजकीय प्राथमिक विद्यालय रिसालवा।