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Karnal News: नियमों में उलझी आईटीआई के अधिकारियों-कर्मचारियों की तबादला प्रक्रिया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 May 2023 03:21 AM IST
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Transfer process of officers and employees of ITI entangled in rules
- कपल केस में पुरुष कर्मचारी को नहीं मिल रहे अतिरिक्त पांच अंक, एसोसिएशन का नियमों की अनदेखी का आरोप
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- अनुदेशक से लेकर चौकीदार तक पांच हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी तबादला प्रक्रिया के इस नियम से प्रभावित



गगन तलवार

करनाल। प्रदेश की राजकीय आईटीआई में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के अब ऑनलाइन तबादले किए जा रहे हैं। 30 मई तक ऑनलाइन विकल्प भरने के बाद जून के पहले सप्ताह में यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी लेकिन पोर्टल पर विकल्प भरने के दौरान ही यह प्रक्रिया नियमों में उलझती नजर आ रही है।
कर्मचारियों का आरोप है कि ट्रांसफर ड्राइव में तय नियमों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कपल केस के मामले में विभाग मनमाने ढंग से नियम लागू करके तबादले कर रहा है, इससे कई अधिकारी और कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। नियम के अनुसार, ट्रांसफर ड्राइव में अधिकारी और कर्मचारी के आयु, वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट आदि के आधार पर अंक दिए जाते हैं। इसी के आधार पर उनकी वरिष्ठता सूची बनती है।
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इस दौरान कपल केस (पत्नी एवं पत्नी दोनों कर्मचारी) और दिव्यांगता का भी ध्यान रखा जाता है। स्किल ट्रेनर्स एसोसिएशन हरियाणा का आरोप है कि इस बार कपल केस में पुरुष कर्मचारियों के साथ भेदभाव हो रहा है। केवल महिला कर्मचारी को ही पांच अंक दिए जा रहे हैं पुरुष को यह अंक नहीं मिल रहे। ऐसे में वे मेरिट से पिछड़ जाएंगे।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण देसवाल का कहना है कि जब मेरिट से पिछड़ जाएंगे तो पुरुष अधिकारी या कर्मचारी को मनचाहा या प्राथमिकता वाला जिला नहीं मिल पाएगा। उन्हें किसी अन्य स्टेशन पर भेजा जाएगा। इससे पति-पत्नी के अलग रहने के कारण उन पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। ट्रांसफर ड्राइव में 80 की संख्या से अधिक अंक वाले अधिकारी और कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इनमें वर्ग अनुदेशक, अनुदेशक से लेकर डब्ल्यूएसए तक प्रदेश की 182 राजकीय आईटीआई के पांच हजार से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। ब्यूरो



अगले वर्ष लागू करने का दावा गलत, होगा विरोध

स्किल ट्रेनर्स एसोसिएशन हरियाणा के प्रधान प्रवीण देसवाल और महासचिव रामकुमार का कहना है कि विभाग को कपल केस में पुरुषों को भी समान अंक देने के बारे में आग्रह किया है लेकिन इसे अगले वर्ष से लागू करने की बात की जा रही है। जबकि सरकार के अन्य महकमों में महिला-पुरुष को समान अंक दिए जा रहे हैं। निदेशालय ने यदि समय रहते मांग नहीं मानी तो 31 मई के बाद प्रदेश भर में इस ट्रांसफर ड्राइव का विरोध किया जाएगा।



कई संस्थान और महिला कैडर के पद किए ब्लॉक

ट्रांसफर ड्राइव के दौरान पोर्टल पर विकल्प भरते हुए सामने आया है कि सिरसा, फिरोजपुर झिरका, कुंडमनेठी, सतनाली, बालसमंद, नलवा में वर्ग अनुदेशक आदि के पद को ब्लॉक किया हुआ है। इसके अलावा प्रदेश भर की महिला आईटीआई में महिला कैडर के पदों को भी ब्लॉक किया है। इन्हें खोला जाना चाहिए। ताकि महिला आईटीआई में नए नियमों के तहत योग्य उम्मीदवार यानी 50 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष और महिला कर्मचारियों को स्थानांतरण का मौका मिल सके।




डीसी रेट के कर्मचारियों की बढ़ी चिंता

विभाग की ओर से चलाई जा रही ट्रांसफर ड्राइव से डीसी रेट पर कार्यरत हजारों अनुदेशक भी चिंता में आ गए हैं। क्योंकि विभाग की ओर से पोर्टल पर डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारियों के पदों को रिक्त दिखाया जा रहा है। ऐसे में यदि इस पद पर नियमित अनुदेशक पोर्टल पर विकल्प भरता है और उसे बाद में स्टेशन अलॉट हो जाता है तो ज्वाॅइन करने के बाद डीसी रेट पर लगे कर्मचारी कहां जाएंगे, इस बारे में भी अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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