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छोड़े तबाही के निशान, दरक गई पुल की सड़क
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Traces of destruction left, the road of the bridge cracked
संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। यमुना में आए उफान के बाद जलस्तर तो कम हो गया है, लेकिन यह तबाही के निशान छोड़ गया है। कई एकड़ फसल बर्बाद हो गई। रंदौली को नगली से जोड़ने वाले पुल की सड़क में भी मोटी दरारें आ गई हैं। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इस पुल का निर्माण 2020 में करीब 3 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से आईपीएल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अप्रोच रोड के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। जिस कारण उसमें दरार आई हैं। खराब हुई फसलों में अधिकांश धान व सब्जी है।
किसान लाल सिंह, सुलेख चंद, बिरजू, रामपाल, सुरेशपाल और पवन का कहना है कि सिर्फ कमालपुर गडरियान में करीब 200 एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। सोमवार सुबह हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में करीब तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे क्षेत्र के करीब दर्जनों गांव में पानी भर गया था। हालांकि अब यह पानी उतर चुका है।
खुद वहन करना पड़ेगा फसल का खर्च
गांव कमालपुर गडरियान के किसान गुरमेल सिंह का कहना है कि उसने 10 एकड़ भूमि पट्टे ली है। धान की फसल पककर जल्द तैयार होने वाली थी। लेकिन बाढ़ के पानी ने बर्बाद कर दिया। हालात ऐसे हैं कि फसल का खर्च भी अपनी जेब से वहन करना पड़ेगा।
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किसानों पर पड़ी तिहरी मार
किसान सतबीर ने बताया कि सात एकड़ में धान की फसल लगाई थी। सोचा था कि जल्द फसल बेचकर कर्ज उतार दूंगा। लेकिन अबकी दफा किसानों पर कुदरत की तिहरी मार पड़ी है। एक तो बीमारी ने फसलों को नष्ट किया। इसके बाद बेमौसमी बारिश की मार झेलनी पड़ी। अब जो कुछ बचा था उसे यमुना का पानी बहाकर ले गया।
दो साल पहले ही बना था पुल
बाढ़ के कारण जहां किसानों की फसलें बर्बाद हुई वहीं रन्दौली से नगली की ओर जाने वाले पुल के अप्रोच रोड़ में भी दरार आ गई है। जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार पुल का निर्माण 2020 में करीब 3 करोड़ 32 लाख की लागत से आईपीएल कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अप्रोच रोड़ के निर्माण में माफी घटिया स्तर का मैटीरियल प्रयोग किया गया है। जिस कारण उसमें दरार आई है।
पानी के तेज बहाव के कारण पुल के अप्रोच रोड़ में दरार आई है। जिसे जल्द भरवा दिया जाएगा।
- ईशम सिंह, जेई, पीडब्ल्यूडी
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इंद्री। यमुना में आए उफान के बाद जलस्तर तो कम हो गया है, लेकिन यह तबाही के निशान छोड़ गया है। कई एकड़ फसल बर्बाद हो गई। रंदौली को नगली से जोड़ने वाले पुल की सड़क में भी मोटी दरारें आ गई हैं। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इस पुल का निर्माण 2020 में करीब 3 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से आईपीएल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अप्रोच रोड के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। जिस कारण उसमें दरार आई हैं। खराब हुई फसलों में अधिकांश धान व सब्जी है।
किसान लाल सिंह, सुलेख चंद, बिरजू, रामपाल, सुरेशपाल और पवन का कहना है कि सिर्फ कमालपुर गडरियान में करीब 200 एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। सोमवार सुबह हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में करीब तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे क्षेत्र के करीब दर्जनों गांव में पानी भर गया था। हालांकि अब यह पानी उतर चुका है।
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खुद वहन करना पड़ेगा फसल का खर्च
गांव कमालपुर गडरियान के किसान गुरमेल सिंह का कहना है कि उसने 10 एकड़ भूमि पट्टे ली है। धान की फसल पककर जल्द तैयार होने वाली थी। लेकिन बाढ़ के पानी ने बर्बाद कर दिया। हालात ऐसे हैं कि फसल का खर्च भी अपनी जेब से वहन करना पड़ेगा।
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किसानों पर पड़ी तिहरी मार
किसान सतबीर ने बताया कि सात एकड़ में धान की फसल लगाई थी। सोचा था कि जल्द फसल बेचकर कर्ज उतार दूंगा। लेकिन अबकी दफा किसानों पर कुदरत की तिहरी मार पड़ी है। एक तो बीमारी ने फसलों को नष्ट किया। इसके बाद बेमौसमी बारिश की मार झेलनी पड़ी। अब जो कुछ बचा था उसे यमुना का पानी बहाकर ले गया।
दो साल पहले ही बना था पुल
बाढ़ के कारण जहां किसानों की फसलें बर्बाद हुई वहीं रन्दौली से नगली की ओर जाने वाले पुल के अप्रोच रोड़ में भी दरार आ गई है। जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार पुल का निर्माण 2020 में करीब 3 करोड़ 32 लाख की लागत से आईपीएल कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अप्रोच रोड़ के निर्माण में माफी घटिया स्तर का मैटीरियल प्रयोग किया गया है। जिस कारण उसमें दरार आई है।
पानी के तेज बहाव के कारण पुल के अप्रोच रोड़ में दरार आई है। जिसे जल्द भरवा दिया जाएगा।
- ईशम सिंह, जेई, पीडब्ल्यूडी

Traces of destruction left, the road of the bridge cracked