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Karnal News: हादसे रोकने को वाहनों की गति पर कसी लगाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2024 12:56 PM IST
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Tight control on vehicle speed to prevent accidents
- शहर में अधिकतम 40 और ग्रामीण मार्ग पर 60 किमी प्रति घंटा रफ्तार निर्धारित
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- चार श्रेणियों में विभाजित कीं 30 मुख्य सड़कें, राजमार्ग पर भी 80 से ज्यादा रफ्तार पर नहीं दौड़ा सकेंगे वाहन
- अब सड़कों की चौड़ाई, लंबाई और वाहनों के दबाव का होगा आकलन



माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। सड़क हादसे रोकने के लिए वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगा दी गई है। शहर में 40 किलोमीटर प्रति घंटा, ग्रामीण मार्ग पर 60 और राज्य व राष्ट्रीय राजमार्ग पर करनाल जिले की सीमा में अब 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ज्यादा वाहन नहीं दौड़ा पाएंगे। सड़क पर हलके व भारी वाहनों को चलाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से गति सीमा निर्धारित की गई है। कुछ सड़कों पर गति सीमा को पहले से घटाया और जरूरत पड़ने पर बढ़ाया भी गया है।

साथ ही परिवहन विभाग के निर्देश पर जिले की सीमा में शामिल 30 प्रमुख सड़कों की चौड़ाई, लंबाई और वाहनों के दबाव का भी आकलन किया जाएगा। ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इस गति सीमा को बढ़ाया या घटाया जा सके। आकलन के लिए विभाग की ओर से सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, मुख्य जिला की सड़कें और ग्रामीण मार्ग सहित चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
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जारी प्रारूप में सड़क की लेन, सिंगल रोड, नगर निगम या पालिका क्षेत्र व इसके बाहर के क्षेत्र की सड़क होने का भी उल्लेख अधिकारियों को करना होगा। साथ ही दो पहिया, चार पहिया, तीन पहिया वाहन, भारी, चौड़े व हल्के वाहनों की संख्या व गति की भी जानकारी देनी होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस आकलन के बाद विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर और इंतजाम भी किए जाएंगे। ताकि सड़कें पूरी तरह से हादसा मुक्त रहें।
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60 प्रतिशत हादसों में तेज रफ्तार वजह
वर्ष 2022 में 760 सड़क हादसे हुए, इनमें 434 लोगों की मौत हुई। जबकि वर्ष 2023 में 782 सड़क हादसों में 338 की जान गई। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप कुमार और तेजपाल का कहना है कि हादसों पर हुई स्टडी में 60 प्रतिशत मामलों में वजह तेज रफ्तार है। हाईवे के अलावा शहर की सड़कों पर भी तेज रफ्तार से वाहन चलने के कारण रोजाना कई हादसे होते हैं। आईआरएडी की प्रोजेक्ट प्रबंधक स्वाति गुप्ता का कहना है कि पुलिस द्वारा दर्ज सड़क हादसे के 90 प्रतिशत मामलों में तेज रफ्तार की भी शिकायत आती है।




इस सड़क पर यह गति सीमा निर्धारित (किमी प्रति घंटा में)

करनाल शहर-

सड़क

हल्के भारी वाहन
बलड़ी बाईपास से एनडीआरआई
40
40

एनडीआरआई से आंबेडकर चौक
40
40

आंबेडकर चौक से काछवा पुल (नहर तक)
40
40

हांसी चौक से कैथल फ्लाईओवर (नहर तक)
40
40

रेलवे स्टेशन से कमेटी चौक

40
40

निर्मल कुटिया चौक से साईं मंदिर
40
40

सेक्टर-6/7 से पुरानी सब्जी मंडी रोड
40
40

नूर महल से निर्मल कुटिया रोड
40
40

बुढ़ा खेड़ा से आईटीआई चौक
40
40

ग्रामीण मुख्य मार्ग-

सड़क

हल्के भारी वाहन
सफीदो, असंध-कैथल रोड

80
60

कोहंड, मूनक, सालवन-असंध रोड
60
40

इंद्री से उमरी रोड

60
40

निसिंग से गोंदर रोड

60
45

रायपुर से लाडवा रोड

60
40

नीलोखेड़ी, कारसा-ढांड रोड

60
40

नेवल, घीड़, गढ़ीबीरबल रोड

60
40

नेवल, घीड़ वाया मुगल माजरा

50
40

तरावड़ी सग्गा रोड

50
40

राज्य मार्ग-

सड़क

हल्के भारी वाहन
करनाल से कैथल रोड

80
60

करनाल से काछवा रोड

80
60

करनाल से मंगलोरा (यमुना पुल मेरठ रोड)
80
60

करनाल-रंबा, इंद्री लाडवा रोड
80
60

आईटीआई चौक से कुंजपुरा गांव
60
40

पश्चिमी यमुना बाईपास

60
40

नेशनल हाईवे (नगर पालिका एवं निगम सीमा)-

सड़क

हल्के भारी वाहन
घरौंडा ओवरब्रिज शुरुआत से कोहंड तक
80
60

मधुबन पक्का पुल से विवान होटल तक
80
60



जिले में सड़क पर चलने के लिए वाहनों की गति सीमा निर्धारित कर दी है। अब विभाग की ओर से अपनी सड़कों की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय स्तर पर मांगी है। ताकि सड़कों को हादसामुक्त बनाने के लिए कार्य किया जा सके।
- विजय देसवाल, डीटीओ
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