फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Three accused arrested for cheating in the name of getting jobs in Karnal

करनाल: नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपी काबू, 3.5 लाख रुपये बरामद

Fri, 01 Apr 2022 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 01 Apr 2022 02:03 AM IST
सार

ठगी के आरोपियों से आर्मी की एक वर्दी, दो वॉकी-टॉकी सेट, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर और 3.5 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। ठग लेफ्टिनेंट की वर्दी पहनकर रखता था।

विज्ञापन
Three accused arrested for cheating in the name of getting jobs in Karnal
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

हरियाणा के करनाल में सिविल लाइन पुलिस ने बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन में नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को  गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से आर्मी की एक वर्दी, दो वॉकी-टॉकी सेट, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, 3.5 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई है। आरोपियों को पुलिस रिमांड के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। फिलहाल आरोपी पांच दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। 

विज्ञापन


जांच अधिकारी अभय राम ने बताया कि बसंत विहार निवासी प्रभजोत सिंह मूल रूप से कुरुक्षेत्र का रहने वाला है। उसने शिकायत दी थी कि उसकी और उसके एक दोस्त प्रदीप की मुलाकात आकाश धीमान निवासी जनकपुरी मुजफ्फर नगर से हुई थी। उसने उन्हें विवेक तरार से मिलवाया, जिसने उन्हें बताया कि वह बॉर्डर रोड ऑग्रेनाइजेशन में लेफ्टीनेंट कमांडो है।
विज्ञापन


उसने कहा कि अगर किसी को बीआरओ में भर्ती करवाना है तो उससे संपर्क कर लेना वह दोनों को सुपरवाइजर लगवा देगा। विवेक ने उन्हें एक व्यक्ति की नौकरी लगवाने का चार लाख रुपये खर्चा बताया। इस पर उन्होंने करीब 20 बच्चों को नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये आरोपियों को दे दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोपियों ने उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिए और ऋषिकेश प्राइवेट कैंप में बाकायदा उनकी कुछ दिनों की ट्रेनिंग भी करवाई गई। शिकायतकर्ताओं को विश्वास हो गया कि यह असली में नौकरी लगवाता है। उन्होंने भी खुद को सुपरवाइजर लगाने के लिए 4-4 लाख रुपये आरोपी को दे दिए।

कुछ दिनों उन्हें पता चला कि विवेक व उसके साथी लोगों के साथ नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करते हैं। इस शिकायत पर आरोपी विवेक, रवि व अन्य आरोपियों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने 27 मार्च को दो आरोपियों विवेक तरार निवासी शामली उत्तर प्रदेश, रवि कुमार निवासी बागपत उत्तर प्रदेश को उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पांच दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। इस दौरान आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के नाम का खुलासा किया गया। जिसमें एक आरोपी दिवेश कुमार निवासी बहादुरपुर जिला हरिद्वार उत्तराखंड का नाम भी शामिल है। आरोपी दिवेश कुमार को भी उत्तराखंड के ज्वालापुर से गिरफ्तार किया गया। 
 
लेफ्टिनेंट की वर्दी में रहता था ठग, 22 लोगों से की है धोखाधड़ी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि एक आरोपी आकाश नौकरी लगने के इच्छुक लोगों को इन आरोपियों से मिलवाता था और उसके बदले में अपना कमीशन लेता था। आरोपी विवेक व रवि दोनों रुपयों का लेनदेन करते थे। आरोपी विवेक जब भी इन लोगों से बातचीत करने आता था या रुपये लेने आता था तो वह हमेशा लेफ्टिनेंट की वर्दी में होता था और उसकी गाड़ी पर भारत सरकार लिखा होता था। इससे सभी भ्रमित हो जाते थे और उसके उपर विश्वास कर बैठते थे। रुपये लेने के बाद नौकरी लगने वाले लोगों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दे देते थे।

आरोपियों ने ऋषिकेश में एक प्राइवेट कैंप किराये पर ले रखा था। जहां पर आरोपियों के अन्य साथी नौकरी लगने वाले लोगाें को ट्रेनिंग करवाते थे और ज्वाइनिंग के लिए समय दे देते थे। नौकरी के फर्जी ज्वाइनिंग लेटर व अन्य जरूरी फर्जी कागजात आरोपी दिवेश अपने लैपटॉप पर तैयार करता था।


जब ऐसे लोगों को नौकरी में ज्वाइनिंग का इंतजार करते-2 काफी समय बीत जाता था तो उन्हें अपने साथ हुए फर्जीवाडे़ का पता चलता था। इस प्रकार आरोपियों ने करीब बाइस लोगों से लाखों रुपये की ठगी की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed