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हजारों एकड़ धान जलमग्न
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करनाल। जिले में तीसरे दिन वीरवार को 48.8 एमएम वर्षा दर्ज की गई। मंगलवार को 190 एमएम, बुधवार को 73 एमएम वर्षा हुई थी। तीन दिन में अब तक 311.8 एमएम वर्षा हो चुकी है। जिले के इंद्री खंड, नीलोखेड़ी, मूनक, जुंडला, कुंजपुरा, तरावड़ी, घरौंडा, असंध व निसिंग क्षेत्र के गांवों में हजारों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो चुकी है। पानी की निकासी नहीं हो रही। आगे वर्षा जारी रहती है तो धान को नुकसान होगा। किसान बेचैन हैं। प्रशासन से समस्या के समाधान की गुहार लगा रहे हैं।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट अनुसार वीरवार को अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री व न्यूनतम 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी शत-प्रतिशत रही। वाष्प दाब 24.9 एमएम रहा। 48.8 एमएम वर्षा हुई। इस महीने में अब तक कुल 347.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वानुमान अनुसार 21 जुलाई तक हर दिन बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है।
अतिरिक्त उपायुक्त से मिलने पहुंचे किसान
करनाल-यमुनानगर राज्य राजमार्ग से लगते गांव दरड़, रंबा, चुरनी व सलारू के खेतों में वर्षा के पानी से जलभराव के चलते धान की फसल डूबी हुई है। पानी निकासी नहीं होने से खफा किसानों ने रोष जताया। किसान जिला सचिवालय पहुंचे और अतिरिक्त उपायुक्त से मुलाकात कर समस्या बताई। किसानों ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिला। आगे भी कई दिन बारिश की संभावना है। पानी निकासी नहीं हुई तो डूबी हुई फसल गलकर सड़ जाएगी।
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करीब 20 गांवों में पानी में डूबी फसल
वाया निसिंग करनाल-कैथल रोड से उत्तर की तरफ के इलाके में करीब 20 गांवों में धान की फसल जलमग्न है। यह सड़क हाल ही में बनी थी। सड़क खेतों से तीन फुट ऊंची है और सड़क के समानांतर पानी खड़ा है। पानी की निकासी नहीं हो रही। गांव सिंघड़ा, ब्रास, कुचपुरा, मंजूरा, सिरसी, शाहपुर, बालू, प्रेमखेड़ा, धौला कुआं डेरा इत्यादि गांवों में फसल पानी में डूबी है। किसानों का कहना है कि पानी उतरने पर दोबारा धान रोपाई करनी पड़ेगी।
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केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट अनुसार वीरवार को अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री व न्यूनतम 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी शत-प्रतिशत रही। वाष्प दाब 24.9 एमएम रहा। 48.8 एमएम वर्षा हुई। इस महीने में अब तक कुल 347.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वानुमान अनुसार 21 जुलाई तक हर दिन बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है।
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अतिरिक्त उपायुक्त से मिलने पहुंचे किसान
करनाल-यमुनानगर राज्य राजमार्ग से लगते गांव दरड़, रंबा, चुरनी व सलारू के खेतों में वर्षा के पानी से जलभराव के चलते धान की फसल डूबी हुई है। पानी निकासी नहीं होने से खफा किसानों ने रोष जताया। किसान जिला सचिवालय पहुंचे और अतिरिक्त उपायुक्त से मुलाकात कर समस्या बताई। किसानों ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिला। आगे भी कई दिन बारिश की संभावना है। पानी निकासी नहीं हुई तो डूबी हुई फसल गलकर सड़ जाएगी।
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करीब 20 गांवों में पानी में डूबी फसल
वाया निसिंग करनाल-कैथल रोड से उत्तर की तरफ के इलाके में करीब 20 गांवों में धान की फसल जलमग्न है। यह सड़क हाल ही में बनी थी। सड़क खेतों से तीन फुट ऊंची है और सड़क के समानांतर पानी खड़ा है। पानी की निकासी नहीं हो रही। गांव सिंघड़ा, ब्रास, कुचपुरा, मंजूरा, सिरसी, शाहपुर, बालू, प्रेमखेड़ा, धौला कुआं डेरा इत्यादि गांवों में फसल पानी में डूबी है। किसानों का कहना है कि पानी उतरने पर दोबारा धान रोपाई करनी पड़ेगी।