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इस बार 8वीं के विद्यार्थियों की भी हरियाणा बोर्ड लेगा परीक्षा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। इस बार 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों की भी हरियाणा बोर्ड परीक्षा लेगा। इसको लेकर बोर्ड ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, माध्यमिक स्तर के सभी स्कूलों से ऑनलाइन संबद्धता फार्म व रिकार्ड भी मांगा गया है। जिसे स्कूलों को छह दिसंबर तक बोर्ड की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.बीएचईएच.ओआरजी.इन पर अपलोड करना होगा।
12 साल बाद प्रदेश में शिक्षा सत्र 2021-22 में 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा हरियाणा बोर्ड के अधीन होगी। बोर्ड से संबद्धता वाले सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के 8वीं कक्षा के विद्यार्थी इस परीक्षा में हिस्सा लेंगे। इसको लेकर बोर्ड की ओर से सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भी जारी कर दिया गया है। विभाग के रिकार्ड के अनुसार, सभी 22 जिलों के सरकारी स्कूलों के 1.98 लाख विद्यार्थी 8वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं।
बोर्ड की ओर से अचानक ब्योरा मांगे जाने से स्कूल भी अलर्ट हो गए हैं। ताकि समय रहते पाठ्यक्रम को पूरा कराया जा सके। वहीं विद्यार्थियों को भी परीक्षा की तैयारी में जुटना होगा। स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं की तरह अब 8वीं के विद्यार्थियों की भी अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा सकती हैं। ताकि बेहतर परीक्षा परिणाम आए। ब्यूरो
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2009-10 में आखिरी बार हुई थी 8वीं की बोर्ड परीक्षा
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षा सत्र 2010-11 से 8वीं कक्षा का बोर्ड खत्म कर दिया गया था, क्योंकि इस एक्ट में 8वीं कक्षा तक किसी भी विद्यार्थी को वार्षिक परीक्षाओं में फेल नहीं करने का प्रावधान लागू कर दिया था। इसके चलते हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने शिक्षा सत्र 2009-10 में आखिरी बार 8वीं की बोर्ड की परीक्षा आयोजित की थी। ऐसे में प्रदेश में पिछले 12 साल से 8वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों को बिना फेल किए अगली कक्षा में दाखिला दिया जा रहा है। इससे कम पढ़ने वाले बच्चे भी पास हो जाते थे।
शिक्षा का स्तर गिरने लगा तो लिया निर्णय
सभी को पास करने की व्यवस्था के कारण विद्यार्थी भी 9वीं कक्षा तक की पढ़ाई को ज्यादा गंभीरता से नहीं ले रहे। परिणाम स्वरूप शिक्षा के स्तर में भी गिरावट आई है। शिक्षकों के अनुसार 8वीं कक्षा तक फेल न करने के नियम के चलते 9वीं और 10वीं कक्षा में ऐसे विद्यार्थी पहुंच रहे थे, जिन्हें पाठ्यक्रम का बेसिक ज्ञान भी नहीं था। इसलिए शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए विभाग ने दोबारा से 8वीं की बोर्ड परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
बोर्ड ने मिडल स्तर के स्कूलों से संबद्धता फार्म व विद्यालयों का डाटा मांगा है। जिसे 6 दिसंबर तक बोर्ड की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.बीएचईएच.ओआरजी.इन पर अपलोड करना होगा। इसके लिए साइट पर लिंक शुरू हो गया है।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी करनाल
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करनाल। इस बार 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों की भी हरियाणा बोर्ड परीक्षा लेगा। इसको लेकर बोर्ड ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, माध्यमिक स्तर के सभी स्कूलों से ऑनलाइन संबद्धता फार्म व रिकार्ड भी मांगा गया है। जिसे स्कूलों को छह दिसंबर तक बोर्ड की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.बीएचईएच.ओआरजी.इन पर अपलोड करना होगा।
12 साल बाद प्रदेश में शिक्षा सत्र 2021-22 में 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा हरियाणा बोर्ड के अधीन होगी। बोर्ड से संबद्धता वाले सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के 8वीं कक्षा के विद्यार्थी इस परीक्षा में हिस्सा लेंगे। इसको लेकर बोर्ड की ओर से सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भी जारी कर दिया गया है। विभाग के रिकार्ड के अनुसार, सभी 22 जिलों के सरकारी स्कूलों के 1.98 लाख विद्यार्थी 8वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं।
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बोर्ड की ओर से अचानक ब्योरा मांगे जाने से स्कूल भी अलर्ट हो गए हैं। ताकि समय रहते पाठ्यक्रम को पूरा कराया जा सके। वहीं विद्यार्थियों को भी परीक्षा की तैयारी में जुटना होगा। स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं की तरह अब 8वीं के विद्यार्थियों की भी अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा सकती हैं। ताकि बेहतर परीक्षा परिणाम आए। ब्यूरो
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2009-10 में आखिरी बार हुई थी 8वीं की बोर्ड परीक्षा
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षा सत्र 2010-11 से 8वीं कक्षा का बोर्ड खत्म कर दिया गया था, क्योंकि इस एक्ट में 8वीं कक्षा तक किसी भी विद्यार्थी को वार्षिक परीक्षाओं में फेल नहीं करने का प्रावधान लागू कर दिया था। इसके चलते हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने शिक्षा सत्र 2009-10 में आखिरी बार 8वीं की बोर्ड की परीक्षा आयोजित की थी। ऐसे में प्रदेश में पिछले 12 साल से 8वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों को बिना फेल किए अगली कक्षा में दाखिला दिया जा रहा है। इससे कम पढ़ने वाले बच्चे भी पास हो जाते थे।
शिक्षा का स्तर गिरने लगा तो लिया निर्णय
सभी को पास करने की व्यवस्था के कारण विद्यार्थी भी 9वीं कक्षा तक की पढ़ाई को ज्यादा गंभीरता से नहीं ले रहे। परिणाम स्वरूप शिक्षा के स्तर में भी गिरावट आई है। शिक्षकों के अनुसार 8वीं कक्षा तक फेल न करने के नियम के चलते 9वीं और 10वीं कक्षा में ऐसे विद्यार्थी पहुंच रहे थे, जिन्हें पाठ्यक्रम का बेसिक ज्ञान भी नहीं था। इसलिए शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए विभाग ने दोबारा से 8वीं की बोर्ड परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
बोर्ड ने मिडल स्तर के स्कूलों से संबद्धता फार्म व विद्यालयों का डाटा मांगा है। जिसे 6 दिसंबर तक बोर्ड की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.बीएचईएच.ओआरजी.इन पर अपलोड करना होगा। इसके लिए साइट पर लिंक शुरू हो गया है।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी करनाल