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ब्लड बैंक में रक्त से बने प्लाज्मा बेचने में की जा रही थी गड़बड़ी
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कोयल काम्पलेक्स के निकट स्थित एक ब्लड बैंक में प्लाज्मा बेचने को लेकर गड़बड़ी सामने आई है। आरोप है कि प्लाज्मा के लिए 1600 रुपये की जगह 2700 रुपये तक वसूले जा रहे थे। सहायक राज्य ड्रग कंट्रोलर रिपन मेहता की अगुवाई में छापामारी के दौरान अनियमितता सामने आने पर थाना सिविल लाइन में ब्लड बैंक संचालक सहित दो फर्मों के खिलाफ आवश्यक वस्तु सेवा अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में कुरुक्षेत्र की वरिष्ठ दवा नियंत्रक सारिका मलिक ने बताया कि विभाग की कोयल कॉम्पलेक्स के निकट स्थित एसके सेवा ब्लड बैंक में विभाग की टीम ने निरीक्षण किया था। टीम में ड्रग कंट्रोल ऑफिसर नूंह से अमनदीप सिंह और ड्रग कंट्रोल ऑफिसर गाजियाबाद संदीप कुमार की टीम ने सहायक राज्य ड्रग कंट्रोलर रिपन मेहता की अगुवाई में कार्रवाई की। इसमें
एसके सेवा ब्लड बैंक संचालक सहित एमएस विर्चो बोयोटेक प्राइवेट लिमिटेड और एमएस इंटास फार्मास्यूटिकल्स व अन्य लोगों द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया गया। नियमानुसार प्लाज्मा 1600 रुपये की बजाए 2700 और 2800 रुपये में बेचा जा रहा था। साथ ही इन फर्मों में आपसी एग्रीमेंट की भी विभाग को जानकारी नहीं दी गई थी, जो कि नियमों का उल्लंघन है। शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले में आवश्यक वस्तु सेवा अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में कुरुक्षेत्र की वरिष्ठ दवा नियंत्रक सारिका मलिक ने बताया कि विभाग की कोयल कॉम्पलेक्स के निकट स्थित एसके सेवा ब्लड बैंक में विभाग की टीम ने निरीक्षण किया था। टीम में ड्रग कंट्रोल ऑफिसर नूंह से अमनदीप सिंह और ड्रग कंट्रोल ऑफिसर गाजियाबाद संदीप कुमार की टीम ने सहायक राज्य ड्रग कंट्रोलर रिपन मेहता की अगुवाई में कार्रवाई की। इसमें
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एसके सेवा ब्लड बैंक संचालक सहित एमएस विर्चो बोयोटेक प्राइवेट लिमिटेड और एमएस इंटास फार्मास्यूटिकल्स व अन्य लोगों द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया गया। नियमानुसार प्लाज्मा 1600 रुपये की बजाए 2700 और 2800 रुपये में बेचा जा रहा था। साथ ही इन फर्मों में आपसी एग्रीमेंट की भी विभाग को जानकारी नहीं दी गई थी, जो कि नियमों का उल्लंघन है। शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले में आवश्यक वस्तु सेवा अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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