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14. खुद मंत्रोच्चारण करके विद्यार्थियों ने किया यज्ञ, डाली आहुतियां
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। डॉ. गणेश दास डीएवी महिला शिक्षण महाविद्यालय में स्वामी दयानंद सरस्वती जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आर्यभट्ट यज्ञ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साह से हिस्सा लिया। विद्यार्थियों खुद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ किया और सभी से आहुतियां भी डलवाई। मंत्रोच्चारण से प्रांगण गूंज उठा।
करीब एक घंटे चली प्रतियोगिता में यज्ञ में सभी विधि का पालन करने पर डीएवी स्कूल कर्ण ताल की टीम प्रथम, डीएवी स्कूल पानीपत की टीम द्वितीय और श्रद्धानंद अनाथाश्रम व डीएवी स्कूल सेक्टर-13 की टीम तीसरे स्थान पर रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की प्रिंसिपल डॉ. राकेश संधू ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को यज्ञ का महत्व बताया और स्वामी दयानंद के जीवन पर प्रकाश डाला।
उन्होंने सभी को अपनी दिनचर्या में यज्ञ शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यज्ञ करने से जहां पर्यावरण शुद्ध होता है। वही मन के विकार भी नष्ट होते हैं और दिमाग शांत होता है। यज्ञ करने से हमें आध्यात्मिक के अलावा स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होता है। निर्णायक की भूमिका शशि आर्य ने निभाई। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। ब्यूरो
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करनाल। डॉ. गणेश दास डीएवी महिला शिक्षण महाविद्यालय में स्वामी दयानंद सरस्वती जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आर्यभट्ट यज्ञ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साह से हिस्सा लिया। विद्यार्थियों खुद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ किया और सभी से आहुतियां भी डलवाई। मंत्रोच्चारण से प्रांगण गूंज उठा।
करीब एक घंटे चली प्रतियोगिता में यज्ञ में सभी विधि का पालन करने पर डीएवी स्कूल कर्ण ताल की टीम प्रथम, डीएवी स्कूल पानीपत की टीम द्वितीय और श्रद्धानंद अनाथाश्रम व डीएवी स्कूल सेक्टर-13 की टीम तीसरे स्थान पर रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की प्रिंसिपल डॉ. राकेश संधू ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को यज्ञ का महत्व बताया और स्वामी दयानंद के जीवन पर प्रकाश डाला।
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उन्होंने सभी को अपनी दिनचर्या में यज्ञ शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यज्ञ करने से जहां पर्यावरण शुद्ध होता है। वही मन के विकार भी नष्ट होते हैं और दिमाग शांत होता है। यज्ञ करने से हमें आध्यात्मिक के अलावा स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होता है। निर्णायक की भूमिका शशि आर्य ने निभाई। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। ब्यूरो
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