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परीक्षा में अव्यवस्थाओं का आलम, कमरे ढूंढते रहे विद्यार्थी-अभिभावक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 02:21 AM IST
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The situation of chaos in the examination, students and parents kept searching for rooms
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। शिक्षा विभाग की ओर से नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए परीक्षा करवाई गई जिसमें 4201 में से 3916 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और 285 बच्चे अनुपस्थित रहे। विभाग की व्यवस्थाआें में खामियों के चलते 12 बजे परीक्षा शुरू होने के बजाय एक बजे तक बच्चे व अभिवावक परीक्षा केंद्र में अपना कमरा ही ढूंढते रह गए, क्योंकि विभाग द्वारा परीक्षार्थियों के सीरियल नंबर और कमरा नंबर की अलग-अलग सूची लगाई गई थी, जिससे कुछ बच्चे परीक्षा देने से वंचित रह गए। परीक्षा 12 बजे से 3:0 बजे तक होनी थी।
विभागीय कर्मचारी भी परीक्षा को लेकर गंभीर नजर नहीं आए। वे करीब 12 बजे तक स्टाफ रूम में ही बैठे दिखे। जबकि अभिवावक बच्चों को लेकर एक कमरे से दूसरे कमरे के बाहर भटकते रहे। उन्होंने विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।
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कमरे के बाहर लिख दिए अलग-अलग तीन नंबर
बस स्टैंड स्थित राजकीय ब्वॉयज स्कूल में अव्यवस्थाओं का यह आलम था कि एक कमरे के बाहर ही अलग-अलग तीन नंबर लिखे मिले जिससे बच्चे भ्रमित हो गए कि उनका कमरा नंबर यही है या कोई ओर। विभागीय स्टाफ ही परीक्षा केंद्र के कमरों में 11:50 पर पहुंचा। उसके बाद ही बोर्ड पर बच्चों के रोल नंबर लिखने शुरू किए गए। लेकिन कमरा नंबर ढूंढने में ही बच्चों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
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सीरियल और कमरा नंबर की अलग-अलग सूची लगाई गई है जिससे कमरा नंबर ढूंढने में काफी समय खराब हो गया।
-नीरज
एक घंटे से भटक रही हूं, अभी तक बच्चे की परीक्षा का कमरा नहीं मिला। जबकि परीक्षा का समय हो चुका है।
- सुरवेश
विभाग की ओर से बच्चों और अभिभावकों को परेशान करने के लिए परीक्षा करवाई गई, क्योंकि व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं थी।
- ओमबीर
कमरों के बाहर कई नंबर लिखे हैं, अब कौन-सा नंबर सही है कैसे पता लगाएं। लचर व्यवस्थाएं की गई हैं।
- दीपक
जितने परीक्षार्थी आए सभी ने परीक्षा दी है। किसी कर्मचारी की वजह से कोई समस्या उत्पन्न हुई होगी तो उसकी जांच करवाई जाएगी।
राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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