{"_id":"6acaa614d04c1a0e9606061a","slug":"the-mothers-shrine-is-decked-out-chants-of-jai-mata-di-will-echo-starting-today-festivities-to-continue-for-nine-days-karnal-news-c-338-1-kn11016-134019-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: सज गए मां के भवन... आज से गूंजेंगे जयकारे, नौ दिन तक आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: सज गए मां के भवन... आज से गूंजेंगे जयकारे, नौ दिन तक आयोजन
विज्ञापन
पहले नवरात्र की पूर्व संध्या पर कुंजपुरा रोड पर पूजा की सामग्री खरीदते श्रद्धालु। संवाद
करनाल। रविवार से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र के स्वागत के लिए शहर के मंदिर सजकर तैयार हैं। मां मनसा देवी मंदिर और मां दुर्गा भवानी मंदिर में विशेष सजावट की गई है। मां मनसा देवी मंदिर के बाहर नए गेट का निर्माण कराया गया है, जबकि मुख्य द्वार पर स्टील का नया गेट लगाया गया है। रविवार को नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा और कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय पर्व की शुरुआत होगी।
नवरात्र के दौरान सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। कई परिवार वर्षों से मंदिरों में प्रज्वलित अखंड ज्योत से अपने घरों में ज्योत स्थापित करने की परंपरा निभाते आ रहे हैं। ऐसे श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ मंदिर पहुंचकर ज्योत लेकर जाएंगे। इसके बाद घरों में नौ दिनों तक मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। सुबह और शाम मंदिरों में आरती के दौरान भी भक्तों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।
मंदिरों में लगेगी श्रद्धालुओं की कतार
सेक्टर-7 के श्री कर्णेश्वर महादेव मंदिर, काली माता मंदिर लकड़ मार्केट, सेक्टर-6 के शिव मंदिर, सदर बाजार के शिव मंदिर, प्रेम नगर के मां वैष्णो देवी मंदिर, प्रेम नगर के हनुमान मंदिर, शिव कॉलोनी के शिव मंदिर, राम नगर के श्री सनातन धर्म मंदिर, कुंजपुरा रोड के श्री सनातन धर्म मंदिर में भी नवरात्र में श्रद्धालुओं की कतार लगती है।
विज्ञापन
बाजारों में पूजा सामग्री और माता के शृंगार की खरीदारी
नवरात्र की पूर्व संध्या पर बाजारों में भी रौनक रही। पूजा सामग्री की दुकानों पर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमाएं, चुनरी, पोशाक, मुकुट, त्रिशूल और अन्य शृंगार सामग्री खरीदी। चांदी, अष्टधातु, पत्थर और मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की भी मांग रही। घरों में कलश स्थापना की तैयारी के लिए लोगों ने पूजन सामग्री जुटाई।
सेक्टर-14 और अर्जुन गेट पर सजेगी मां भगवती की चौकी
करनाल। नवरात्र के दौरान शहर में धार्मिक आयोजनों की भी धूम रहेगी। श्री कृष्ण मंदिर, सेक्टर-14 में आदिशक्ति मां झंडेवाली सेवा समिति की ओर से 11 से 19 अक्तूबर तक मां भगवती की चौकी आयोजित की जाएगी। इसमें करनाल सहित विभिन्न शहरों के कलाकार भजनों के माध्यम से मां की महिमा का गुणगान करेंगे। अर्जुन गेट स्थित सेवा समिति आश्रम में भी 11 से 19 अक्तूबर तक रोजाना रात आठ बजे मां झंडेवाली सेवा समिति की ओर से चौकी सजेगी। 19 अक्तूबर को यहां कंजक पूजन के साथ विशाल भंडारा भी आयोजित किया जाएगा।
मां दुर्गा की आराधना की शुरुआत होगी कलश स्थापना के साथ
करनाल। शारदीय नवरात्र के पहले दिन यानी 11 अक्तूबर को कलश स्थापना की जाएगी। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक निर्धारित है। वैकल्पिक अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा।
पंडित वीरभान शर्मा और मांगे राम ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्तूबर की रात से शुरू होकर 11 अक्तूबर की रात तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर नवरात्र का पहला दिन 11 अक्तूबर को माना जाएगा। इसी दिन मां शैलपुत्री की पूजा और कलश स्थापना की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में मां शैलपुत्री को शक्ति, स्थिरता और प्रकृति का प्रतीक माना जाता है।
आवश्यक सामग्री : घटस्थापना से पहले पूजा की सामग्री तैयार करना बेहतर रहता है। इसके लिए मिट्टी का पात्र, जौ, साफ मिट्टी और जल से भरा कलश चाहिए। नारियल, आम या अशोक के पत्ते, लाल कपड़ा, रोली, अक्षत, फूल, दीपक, धूप और फल जैसी सामग्री भी रखनी चाहिए।
विधि : पूजा स्थल की सफाई कर मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। पूजा की चौकी तैयार कर मिट्टी के पात्र में मिट्टी और जौ बोएं। कलश में जल भरकर सुपारी, अक्षत या सिक्का डालें। कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाकर नारियल स्थापित करें। इसके बाद मां दुर्गा का ध्यान करते हुए विधिवत पूजा के बाद आरती करें।
विज्ञापन
नवरात्र के दौरान सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। कई परिवार वर्षों से मंदिरों में प्रज्वलित अखंड ज्योत से अपने घरों में ज्योत स्थापित करने की परंपरा निभाते आ रहे हैं। ऐसे श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ मंदिर पहुंचकर ज्योत लेकर जाएंगे। इसके बाद घरों में नौ दिनों तक मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। सुबह और शाम मंदिरों में आरती के दौरान भी भक्तों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।
विज्ञापन
मंदिरों में लगेगी श्रद्धालुओं की कतार
सेक्टर-7 के श्री कर्णेश्वर महादेव मंदिर, काली माता मंदिर लकड़ मार्केट, सेक्टर-6 के शिव मंदिर, सदर बाजार के शिव मंदिर, प्रेम नगर के मां वैष्णो देवी मंदिर, प्रेम नगर के हनुमान मंदिर, शिव कॉलोनी के शिव मंदिर, राम नगर के श्री सनातन धर्म मंदिर, कुंजपुरा रोड के श्री सनातन धर्म मंदिर में भी नवरात्र में श्रद्धालुओं की कतार लगती है।
विज्ञापन
बाजारों में पूजा सामग्री और माता के शृंगार की खरीदारी
नवरात्र की पूर्व संध्या पर बाजारों में भी रौनक रही। पूजा सामग्री की दुकानों पर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमाएं, चुनरी, पोशाक, मुकुट, त्रिशूल और अन्य शृंगार सामग्री खरीदी। चांदी, अष्टधातु, पत्थर और मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की भी मांग रही। घरों में कलश स्थापना की तैयारी के लिए लोगों ने पूजन सामग्री जुटाई।
सेक्टर-14 और अर्जुन गेट पर सजेगी मां भगवती की चौकी
करनाल। नवरात्र के दौरान शहर में धार्मिक आयोजनों की भी धूम रहेगी। श्री कृष्ण मंदिर, सेक्टर-14 में आदिशक्ति मां झंडेवाली सेवा समिति की ओर से 11 से 19 अक्तूबर तक मां भगवती की चौकी आयोजित की जाएगी। इसमें करनाल सहित विभिन्न शहरों के कलाकार भजनों के माध्यम से मां की महिमा का गुणगान करेंगे। अर्जुन गेट स्थित सेवा समिति आश्रम में भी 11 से 19 अक्तूबर तक रोजाना रात आठ बजे मां झंडेवाली सेवा समिति की ओर से चौकी सजेगी। 19 अक्तूबर को यहां कंजक पूजन के साथ विशाल भंडारा भी आयोजित किया जाएगा।
मां दुर्गा की आराधना की शुरुआत होगी कलश स्थापना के साथ
करनाल। शारदीय नवरात्र के पहले दिन यानी 11 अक्तूबर को कलश स्थापना की जाएगी। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक निर्धारित है। वैकल्पिक अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा।
पंडित वीरभान शर्मा और मांगे राम ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्तूबर की रात से शुरू होकर 11 अक्तूबर की रात तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर नवरात्र का पहला दिन 11 अक्तूबर को माना जाएगा। इसी दिन मां शैलपुत्री की पूजा और कलश स्थापना की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में मां शैलपुत्री को शक्ति, स्थिरता और प्रकृति का प्रतीक माना जाता है।
आवश्यक सामग्री : घटस्थापना से पहले पूजा की सामग्री तैयार करना बेहतर रहता है। इसके लिए मिट्टी का पात्र, जौ, साफ मिट्टी और जल से भरा कलश चाहिए। नारियल, आम या अशोक के पत्ते, लाल कपड़ा, रोली, अक्षत, फूल, दीपक, धूप और फल जैसी सामग्री भी रखनी चाहिए।
विधि : पूजा स्थल की सफाई कर मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। पूजा की चौकी तैयार कर मिट्टी के पात्र में मिट्टी और जौ बोएं। कलश में जल भरकर सुपारी, अक्षत या सिक्का डालें। कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाकर नारियल स्थापित करें। इसके बाद मां दुर्गा का ध्यान करते हुए विधिवत पूजा के बाद आरती करें।