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बदलेगा मौसम का मिजाज, ज्यादा होगा ठंड का एहसास
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट के साथ ही ठंड का असर बढ़ने लगा है। रविवार सुबह यमुना बेल्ट के गांवों में कई जगह सब्जी की फसलों पर हल्का पाला नजर आया वहीं शाम के समय ओस पड़नी शुरू हो चुकी है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी। जिससे ठिठुरन बढ़ेगी बढ़ेगी। फिलहाल मौसम के मिजाज को देखते हुए लोगों को भी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को सब्जी की फसलों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. पीके सारस्वत ने कहा कि न्यूनतम तापमान गिरना शुरू हो गया है। सब्जी उत्पादकों को फसलों के बचाव के लिए हल्की सिंचाई बरकरार रखनी होगी है। इसके अलावा खेतों में बनी नालियों में पानी छोड़ने से वाष्पीकरण होता रहेगा और पाला असर नहीं करेगा।
कृषि विभाग के पूर्व तकनीकी अधिकारी डॉ. एसपी तोमर ने कहा कि ठंड के जोर पकड़ने से गेहूं की फसल को फायदा होगा। फसल में फुटाव अधिक होगा।
पिछले सात दिन का तापमान डिग्री सेल्सियस में
तिथि अधिकतम न्यूनतम
6 दिसंबर 23.7 12.2
7 दिसंबर 23.4 9.2
8 दिसंबर 23.6 8.6
9 दिसंबर 24.4 8.4
10 दिसंबर 23.2 9.2
11 दिसंबर 21.8 8.2
12 दिसंबर 22.7 7.2
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करनाल। न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट के साथ ही ठंड का असर बढ़ने लगा है। रविवार सुबह यमुना बेल्ट के गांवों में कई जगह सब्जी की फसलों पर हल्का पाला नजर आया वहीं शाम के समय ओस पड़नी शुरू हो चुकी है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी। जिससे ठिठुरन बढ़ेगी बढ़ेगी। फिलहाल मौसम के मिजाज को देखते हुए लोगों को भी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को सब्जी की फसलों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. पीके सारस्वत ने कहा कि न्यूनतम तापमान गिरना शुरू हो गया है। सब्जी उत्पादकों को फसलों के बचाव के लिए हल्की सिंचाई बरकरार रखनी होगी है। इसके अलावा खेतों में बनी नालियों में पानी छोड़ने से वाष्पीकरण होता रहेगा और पाला असर नहीं करेगा।
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कृषि विभाग के पूर्व तकनीकी अधिकारी डॉ. एसपी तोमर ने कहा कि ठंड के जोर पकड़ने से गेहूं की फसल को फायदा होगा। फसल में फुटाव अधिक होगा।
पिछले सात दिन का तापमान डिग्री सेल्सियस में
तिथि अधिकतम न्यूनतम
6 दिसंबर 23.7 12.2
7 दिसंबर 23.4 9.2
8 दिसंबर 23.6 8.6
9 दिसंबर 24.4 8.4
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