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Karnal News: संगत को बताया अध्यात्म व भक्ति का महत्व

Mon, 25 Aug 2025 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Mon, 25 Aug 2025 12:08 AM IST
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The importance of spirituality and devotion was explained to the congregation
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम हनुमान गेट सत्संग सुनती संगत। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। हनुमान गेट स्थित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। साध्वी सरस्वती भारती ने कहा कि अध्यात्म एवं भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि बिना गुरु के परमात्मा की भक्ति करना असंभव है।
साध्वी ने कहा कि संसार में हम छोटे से छोटा कार्य भी करते हैं तो उसके लिए भी सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का चुनाव क्या किया जाता है। लेकिन, विडंबना है कि हम भक्ति एवं आध्यात्म जैसे गहन क्षेत्र में बिना गुरु के ही उतरने का प्रयास करते हैं। हमारे संत महापुरुष कहते हैं कि गुरुज्ञान बिना भक्ति अधूरी है। गुरु भक्ति के बिना परमात्मा की भक्ति के मर्म को नहीं पाया जा सकता।
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परमात्मा के लिए हमारी अंतर आत्मा में भाव तो उमड़ते हैं, लेकिन गुरु के बिना यह भाव दिशा विहीन होकर हमें संसार में भटका सकते हैं। गुरु कभी हमें स्वयं से नहीं जोड़ता वह तो ब्रह्म ज्ञान के द्वारा आत्म साक्षात्कार करवा के परमात्म तत्व से मिला देता है, जिसके पश्चात एक शिष्य के भीतर गुरु के प्रति भक्ति, श्रद्धा और विश्वास प्रकट होता है और उसे ही गुरु भक्ति का नाम दिया जाता है।
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उन्होंने कहा कि यदि यह कहा जाए कि इस संसार समुद्र में गुरु भक्ति रूपी नौका मिलने पर ही हम परमात्मा रूपी मंजिल को प्राप्त कर सकते हैं तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी। यह वास्तविकता है कि मनुष्य बिना सिखाए कुछ भी नहीं सीख पाता। हम यदि विचार करें तो बालपन से लेकर अब तक जो भी हमने अपने परिवार समाज से सीखा है, ऐसा ही हमारा व्यक्तित्व, आचरण एवं व्यवहार रहता है।

गुरु भक्ति को यदि जीवन का आधार बना दिया जाए तो सहज रूप से ही मनुष्य के जीवन में सकारात्मकता एवं पवित्रता आती है क्योंकि गुरु भक्ति वह रक्षा कवच है जो हमारे मन, चित्त व बुद्धि पर अंकुश लगा कर हमारे जीवन को नकारात्मकता से सुरक्षित रखता है। भारती ने कहा कि गुरु अपने तपोबल के द्वारा शिष्य को आत्मबल प्रदान करते हैं जिससे वह अंतर्मुखी होकर मन के विकारों पर विजय प्राप्त कर लेता है।

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम हनुमान गेट सत्संग सुनती संगत। संवाद

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम हनुमान गेट सत्संग सुनती संगत। संवाद

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