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सरकार ने 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की, अब परिजन अमेरिका से ला सकेंगे मंनिदर का शव
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असंध क्षेत्र के गांव उपलाना के युवक की अमेरिका में हत्या के बाद उसके शव को यहां लाने की कवायद तेज हो गयी है। मामले में आर्थिक मदद के लिए कई लोग आगे आये। इसके साथ ही सरकार ने भी 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद कर दी है। साथ ही परिवार का हालत को देखते हुए मृतक की पत्नी को डीसी रेट पर नौकरी दिए जाने की घोषणा की है। मालूम हो कि शव को भारत लाने में 25 लाख रुपये खर्च होने हैं, वो पूरे हो चुके हैं। संभावना जताई जा रही है कि आगामी दस से 12 दिनों में शव भारत पहुंच जाएगा।
अमेरिका में युवक ही हत्या के बाद आर्थिक तंगी के चलते मृतक का शव कैसे लाया जाय, इसी जद्दोजहद के चलते मनिंदर के परिजनों ने उपायुक्त निशांत कुमार यादव से भेंट कर आर्थिक मद्द की गुहार लगाई। उपायुक्त ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना दिखाते हुए पहले केंद्रीय विदेश मंत्रालय से संपर्क कर मामले को उठाया और फिर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के संज्ञान में जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए तुरंत 10 लाख रुपये की आर्थिक मद्द करने के साथ-साथ मृतक की विधवा को उसकी योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से पीड़ित परिवार के लिए की गई मदद मिल गई है। अब आर्थिक मदद से मनिंदर के परिजन अब अमेरिका से उसके शव को भारत ला सकेंगे।
लगेंगे दस से 12 दिन
परिजनों के अनुसार, उन्होंने अमेरिका में रह रहे हरप्रीत को पावर आफ अटार्नी जारी की है। इसको लेकर वह अमेरिका में मनिंद्र का शव हासिल कर सकेगा। परिजनों ने बताया कि वहां पर शव फ्रीजर में रखा गया है और वहां अंतिम संस्कार के लिए लंबी वेटिंग मिल रही है, इसलिए शव को भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहां पर हरप्रीत द्वारा शव प्राप्त करने के बाद इंडियन एंबेसी द्वारा आउट पास जारी किया जाएगा, इसके बाद ही शव भारत आ सकेगा। इस प्रक्रिया में 10 से 12 दिन लगने की संभावना है।
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लगातार मिल रही है आर्थिक मदद
बता दें कि मनिंद्र का शव भारत लाने में आर्थिक तंगी आड़े आ रही थी। इसको लेकर अमेरिका और विदेशों में रह रहे भारतीयों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से मदद के लिए अभियान चलाया। साथ ही जिस स्टोर पर मनिंद्र नौकरी करता था, उस मालिक ने भी आर्थिक मदद का आश्वासन दिया है। ऐसे में अब तक करीब 30 लाख रुपये की मदद एकत्रित हो चुकी है, संभावना है कि जल्द ही मनिंद्र का शव परिजनों के पास आ सकेगा।
डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर भेजा था मनिंदर को
मनिंदर इकलौता बेटा था, उसके पिता ने डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर 23 लाख रुपये एजेंट को देकर उसे आठ महीने पहले ही अमेरिका भेजा था, जहां पर पुलिस ने सही कागजात नहीं होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया था। करीब 13 लाख रुपये खर्च कर नवंबर में जमानत हुई थी। दो महीने से स्टोर पर क्लर्क की नौकरी में लगा था। बीती 22 फरवरी को जब मंनिदर एक ग्रोसरी स्टोर में अपनी ड्यूटी पर था, उसी समय चोरी करने आए कथित नीग्रो द्वारा उसकी गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
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अमेरिका में युवक ही हत्या के बाद आर्थिक तंगी के चलते मृतक का शव कैसे लाया जाय, इसी जद्दोजहद के चलते मनिंदर के परिजनों ने उपायुक्त निशांत कुमार यादव से भेंट कर आर्थिक मद्द की गुहार लगाई। उपायुक्त ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना दिखाते हुए पहले केंद्रीय विदेश मंत्रालय से संपर्क कर मामले को उठाया और फिर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के संज्ञान में जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए तुरंत 10 लाख रुपये की आर्थिक मद्द करने के साथ-साथ मृतक की विधवा को उसकी योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से पीड़ित परिवार के लिए की गई मदद मिल गई है। अब आर्थिक मदद से मनिंदर के परिजन अब अमेरिका से उसके शव को भारत ला सकेंगे।
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लगेंगे दस से 12 दिन
परिजनों के अनुसार, उन्होंने अमेरिका में रह रहे हरप्रीत को पावर आफ अटार्नी जारी की है। इसको लेकर वह अमेरिका में मनिंद्र का शव हासिल कर सकेगा। परिजनों ने बताया कि वहां पर शव फ्रीजर में रखा गया है और वहां अंतिम संस्कार के लिए लंबी वेटिंग मिल रही है, इसलिए शव को भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहां पर हरप्रीत द्वारा शव प्राप्त करने के बाद इंडियन एंबेसी द्वारा आउट पास जारी किया जाएगा, इसके बाद ही शव भारत आ सकेगा। इस प्रक्रिया में 10 से 12 दिन लगने की संभावना है।
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लगातार मिल रही है आर्थिक मदद
बता दें कि मनिंद्र का शव भारत लाने में आर्थिक तंगी आड़े आ रही थी। इसको लेकर अमेरिका और विदेशों में रह रहे भारतीयों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से मदद के लिए अभियान चलाया। साथ ही जिस स्टोर पर मनिंद्र नौकरी करता था, उस मालिक ने भी आर्थिक मदद का आश्वासन दिया है। ऐसे में अब तक करीब 30 लाख रुपये की मदद एकत्रित हो चुकी है, संभावना है कि जल्द ही मनिंद्र का शव परिजनों के पास आ सकेगा।
डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर भेजा था मनिंदर को
मनिंदर इकलौता बेटा था, उसके पिता ने डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर 23 लाख रुपये एजेंट को देकर उसे आठ महीने पहले ही अमेरिका भेजा था, जहां पर पुलिस ने सही कागजात नहीं होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया था। करीब 13 लाख रुपये खर्च कर नवंबर में जमानत हुई थी। दो महीने से स्टोर पर क्लर्क की नौकरी में लगा था। बीती 22 फरवरी को जब मंनिदर एक ग्रोसरी स्टोर में अपनी ड्यूटी पर था, उसी समय चोरी करने आए कथित नीग्रो द्वारा उसकी गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।