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Karnal News: सांग महोत्सव का शानदार आगाज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Mar 2025 02:29 AM IST
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The festival gets off to a great start
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। रत्नावली युवा महोत्सव के तहत चार दिवसीय सांग महोत्सव का मंगलवार को आगाज हुआ। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहले दिन आरकेएसडी कॉलेज कैथल की ओर से विद्यार्थियों ने राजा हरिश्चंद्र के किस्से पर सांग की प्रस्तुति दी।
विद्यार्थियों ने सांग का मंचन करते हुए दर्शाया कि राजा हरिश्चंद्र ने विषम परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य का साथ नहीं छोड़ा। एक बार महर्षि विश्वामित्र, राजा हरिश्चंद्र की परीक्षा लेने पहुंचे और उन्होंने राजा का सारा राज्य दान के रूप में मांग लिया।
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इस पर राजा ने अपना राज्य उन्हें खुशी-खुशी दान कर दिया, लेकिन इसके बाद महर्षि ने दक्षिणा मांगी तो राजा के पास कुछ नहीं था। इस पर उन्होंने खुद को, पत्नी व बच्चों को भी बेचने का फैसला किया।
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भगवान विष्णु की ओर से ली गई परीक्षा के बाद विष्णु भगवान ने राजा हरिश्चंद्र को वरदान दिया कि जब भी धर्म, दान और सत्य की बात की जाएगी तो सर्वप्रथम तुम्हारा ही नाम लिया जाएगा। डीएवी पीजी कॉलेज के मैदान में शुरू हुए आयोजन में मेयर रेणू बाला गुप्ता ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
वहीं दादा लख्मी चंद कला विकास मंच के अध्यक्ष विरेन्द्र शर्मा विशेष तौर पर पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रिंसिपल डॉ. रामपाल सैनी ने अतिथियों का स्वागत किया।
डॉ. रामपाल सैनी ने जैमल फत्ता किस्से की रागनी प्रस्तुत करते हुए दर्शकों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. पूनम वर्मा, सह संयोजक डॉ. प्रतिभा और डॉ. राधिका ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर डॉ. राजबीर पराशर, अशोक अत्री, रामस्वरूप, जयवीर, प्रेमचंद सरपंच, रणबीर और राजबीर मौजूद रहे।

नई पीढ़ी का संस्कृति से परिचय जरूरी : मेयर मेयर रेणू बाला गुप्ता ने कहा कि हरियाणवी संस्कृति एवं परंपराओं को युवाओं को समझना होगा। उनके प्रचार-प्रसार के लिए कार्य करने होंगे। हरियाणवी संस्कृति में हमारे तीज त्योहार, उत्सव, रीति रिवाज शामिल हैं।
जिनका आज की पीढ़ी को पता होना जरूरी है। तभी हम समाज में सांस्कृतिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचा सकेंगे।
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