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Karnal News: नाटक से दी जुए से दूर रहने की सीख
Wed, 16 Oct 2024 06:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 16 Oct 2024 06:02 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। श्री शाकुंभरी मैया ड्रामेटिक क्लब बड़ा गांव की ओर से पंचायत घर आयोजित किए जा रहे माता के मेले में तीसरे नाटक द्रोपदी चीरहरण का मंचन प्रस्तुत किया गया। मंचन में महाभारत के चरित्रों के जरिये भक्ति में शक्ति और नारी की मर्यादित को रेखांकित किया गया। वहीं जुआ जैसी सामाजिक बुराइयों पर कटाक्ष किया गया।
मंचन में दिखाया गया कि युधिष्ठिर और मामा शकुनि जुआ खेल रहे थे, उस समय युधिष्ठिर अपने भाइयों के साथ ही द्रौपदी को भी हार गए थे। इसके बाद दुर्योधन के कहने पर दुशासन भरी सभा में द्रौपदी का चीर हरण करने लगा, तब द्रौपदी ने श्रीकृष्ण का ध्यान किया और भगवान ने द्रोपदी की लाज बचा ली।
बुधवार की रात यहां चौथा नाटक राजा मोरध्वज का मंचन किया जाएगा। साथ ही बुधवार को दिन के समय माता के पंखे की विशेष शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। क्लब के प्रधान साहब सिंह राणा ने बताया कि 16 अक्तूबर को अश्विन शुद्धि चौदस पर सुबह दस बजे से माता के पंखे की विशेष शोभायात्रा पूरे गांव में बड़े ही हर्षोल्लास और बैंडबाजे के साथ निकाली जाएगी।
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शोभायात्रा दोपहर बाद माता के मंदिर में विश्राम लेगी। साथ ही माता के मंदिर में बुधवार व वीरवार को विशेष मेले, भंडारे तथा दंगल का भी आयोजन किया जाएगा। मेले में इस मौके पर विशेष रूप से क्लब के प्रधान साहब सिंह राणा, सरपरस्त विनोद चौधरी,महासचिव रामधन गुप्ता, सेवक सुरेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
बड़ागांव मां भगवती जी की मेले की स्पेशल ड्रेस मुख्य भवन त्रिलोकपुर से डिजाइन हुई है, जिसे सुनैना गर्ग ने डिजाइन किया है। क्लब के प्रधान ने बताया कि मेले में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है, पुलिस के अलावा सेवादार भी मेले में सेवा के लिए डटे रहेंगे। बुधवार से दंगल भी शुरू होगा, जो दिन चलेगा।
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करनाल। श्री शाकुंभरी मैया ड्रामेटिक क्लब बड़ा गांव की ओर से पंचायत घर आयोजित किए जा रहे माता के मेले में तीसरे नाटक द्रोपदी चीरहरण का मंचन प्रस्तुत किया गया। मंचन में महाभारत के चरित्रों के जरिये भक्ति में शक्ति और नारी की मर्यादित को रेखांकित किया गया। वहीं जुआ जैसी सामाजिक बुराइयों पर कटाक्ष किया गया।
मंचन में दिखाया गया कि युधिष्ठिर और मामा शकुनि जुआ खेल रहे थे, उस समय युधिष्ठिर अपने भाइयों के साथ ही द्रौपदी को भी हार गए थे। इसके बाद दुर्योधन के कहने पर दुशासन भरी सभा में द्रौपदी का चीर हरण करने लगा, तब द्रौपदी ने श्रीकृष्ण का ध्यान किया और भगवान ने द्रोपदी की लाज बचा ली।
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बुधवार की रात यहां चौथा नाटक राजा मोरध्वज का मंचन किया जाएगा। साथ ही बुधवार को दिन के समय माता के पंखे की विशेष शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। क्लब के प्रधान साहब सिंह राणा ने बताया कि 16 अक्तूबर को अश्विन शुद्धि चौदस पर सुबह दस बजे से माता के पंखे की विशेष शोभायात्रा पूरे गांव में बड़े ही हर्षोल्लास और बैंडबाजे के साथ निकाली जाएगी।
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शोभायात्रा दोपहर बाद माता के मंदिर में विश्राम लेगी। साथ ही माता के मंदिर में बुधवार व वीरवार को विशेष मेले, भंडारे तथा दंगल का भी आयोजन किया जाएगा। मेले में इस मौके पर विशेष रूप से क्लब के प्रधान साहब सिंह राणा, सरपरस्त विनोद चौधरी,महासचिव रामधन गुप्ता, सेवक सुरेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
बड़ागांव मां भगवती जी की मेले की स्पेशल ड्रेस मुख्य भवन त्रिलोकपुर से डिजाइन हुई है, जिसे सुनैना गर्ग ने डिजाइन किया है। क्लब के प्रधान ने बताया कि मेले में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है, पुलिस के अलावा सेवादार भी मेले में सेवा के लिए डटे रहेंगे। बुधवार से दंगल भी शुरू होगा, जो दिन चलेगा।