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Karnal News: स्वच्छता में अव्वल आने के लिए निगम को देनी होगी अग्नि परीक्षा
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लघु सचिवालय में फैली गंदगी संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल आने के लिए नगर निगम को अग्नि परीक्षा देनी होगी। जहां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की सफाई की जिम्मेदारी बनती है, वहां कूड़े के ढेर लगे हैं जबकि शहर का ये एरिया नगर निगम के अधीन आता है। इस एरिया में नगर निगम के बिल्कुल साथ सटे जिला सचिवालय, न्यायालय और तहसील परिसर तक शामिल हैं। जहां कूड़ा ही कूड़ा है। अगर शहर के सरकारी कार्यालयों का सर्वे हुआ तो इससे निगम की स्वच्छता रैंकिंग को झटका लग सकता है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि एचएसवीपी के सेक्टर-12 का ये कमर्शियल एरिया एचएसवीपी के अधीन आता है जबकि सेक्टर-12 के रिहायशी एरिया में सफाई की जिम्मेदारी निगम की बनती है। यहां लगे कूड़े के ढेर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यही नहीं, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कार्यालय के चारों ओर भी कूड़ा बिखरा पड़ा है।
स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल, लेकिन चुनौती बरकरार-
स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुए पिछले सर्वेक्षण में शहर ने देश में तीसरा और प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया था। इस उपलब्धि को नगर निगम ने बड़े स्तर पर प्रचारित भी किया। हाल ही में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी की टीम ने भी शहर का दौरा कर सफाई व्यवस्था की समीक्षा की थी और रिपोर्ट में शहर को बेहतर बताया था।
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एक दिन पहले स्वच्छता सेतु एप लाॅन्च
नगर निगम की ओर से एक दिन पहले स्वच्छता सेतु मोबाइल एप्लीकेशन भी लॉन्च किया गया है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सांसद मनोहर लाल ने इस एप को लॉन्च किया। अधिकारियों को उम्मीद है कि शहर की स्वच्छता परीक्षा में अब जनभागीदारी निभाना काफी जरूरी है। इसके लिए युवाओं से लेकर बच्चों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन तैयार की गई है।
वर्जन-
सेक्टर-12 एरिया में सफाई की जिम्मेदारी एचएसवीपी की है। रिहायशी एरिया में निगम सफाई करवा रहा है। इसके अलावा पूरे शहर में निगम रोजाना सफाई करवा रहा है। इस बार स्वच्छता में बेहतरीन रैंकिंग लाने की उम्मीद है।
- सुरेंद्र चोपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम
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करनाल। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल आने के लिए नगर निगम को अग्नि परीक्षा देनी होगी। जहां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की सफाई की जिम्मेदारी बनती है, वहां कूड़े के ढेर लगे हैं जबकि शहर का ये एरिया नगर निगम के अधीन आता है। इस एरिया में नगर निगम के बिल्कुल साथ सटे जिला सचिवालय, न्यायालय और तहसील परिसर तक शामिल हैं। जहां कूड़ा ही कूड़ा है। अगर शहर के सरकारी कार्यालयों का सर्वे हुआ तो इससे निगम की स्वच्छता रैंकिंग को झटका लग सकता है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि एचएसवीपी के सेक्टर-12 का ये कमर्शियल एरिया एचएसवीपी के अधीन आता है जबकि सेक्टर-12 के रिहायशी एरिया में सफाई की जिम्मेदारी निगम की बनती है। यहां लगे कूड़े के ढेर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यही नहीं, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कार्यालय के चारों ओर भी कूड़ा बिखरा पड़ा है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल, लेकिन चुनौती बरकरार-
स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुए पिछले सर्वेक्षण में शहर ने देश में तीसरा और प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया था। इस उपलब्धि को नगर निगम ने बड़े स्तर पर प्रचारित भी किया। हाल ही में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी की टीम ने भी शहर का दौरा कर सफाई व्यवस्था की समीक्षा की थी और रिपोर्ट में शहर को बेहतर बताया था।
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एक दिन पहले स्वच्छता सेतु एप लाॅन्च
नगर निगम की ओर से एक दिन पहले स्वच्छता सेतु मोबाइल एप्लीकेशन भी लॉन्च किया गया है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सांसद मनोहर लाल ने इस एप को लॉन्च किया। अधिकारियों को उम्मीद है कि शहर की स्वच्छता परीक्षा में अब जनभागीदारी निभाना काफी जरूरी है। इसके लिए युवाओं से लेकर बच्चों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन तैयार की गई है।
वर्जन-
सेक्टर-12 एरिया में सफाई की जिम्मेदारी एचएसवीपी की है। रिहायशी एरिया में निगम सफाई करवा रहा है। इसके अलावा पूरे शहर में निगम रोजाना सफाई करवा रहा है। इस बार स्वच्छता में बेहतरीन रैंकिंग लाने की उम्मीद है।
- सुरेंद्र चोपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम