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छठ पर्व पर नहर में डूबे दोनों व्यक्तियों के शव मिले
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। छठ पर्व पर नहर में डूबे दोनों व्यक्तियों के शव पांचवें दिन घोघड़ीपुर नहर से मिले हैं। एक व्यक्ति का शव सोमवार सुबह तो दूसरे का शव शाम को मिला। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के शव गृह में रखवा दिया। इनमें से एक के शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया।
11 नवंबर को छठ पर्व पर पश्चिमी यमुना नहर पर सुबह महिलाएं पूजा कर रही थीं। इस दौरान मूल रूप से बिहार के जिला समस्तीपुर और वर्तमान में उचाना निवासी 35 वर्षीय दुखन साहनी और बिहार के खगड़िया निवासी वर्तमान में राजीव पुरम में रहने वाले 38 वर्षीय राज मिस्त्री वशिष्ठ शर्मा भी पश्चिमी यमुना नहर पर पहुंचे थे। सूर्य मंदिर के सामने घाट पर परिवार के साथ पूजा के बाद उन्होंने नहर में नहाने के लिए छलांग लगाई तो डूब गए। काफी समय बाद परिजनों को पता चला कि दोनों डूब गए हैं। गोताखोरों की मदद से दोनों की नहर में तलाश शुरू की गई लेकिन चार दिन तक दोनों का सुराग नहीं लगा। सोमवार सुबह दुखन का शव और शाम को वशिष्ठ शर्मा का शव मिला।
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करनाल। छठ पर्व पर नहर में डूबे दोनों व्यक्तियों के शव पांचवें दिन घोघड़ीपुर नहर से मिले हैं। एक व्यक्ति का शव सोमवार सुबह तो दूसरे का शव शाम को मिला। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के शव गृह में रखवा दिया। इनमें से एक के शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया।
11 नवंबर को छठ पर्व पर पश्चिमी यमुना नहर पर सुबह महिलाएं पूजा कर रही थीं। इस दौरान मूल रूप से बिहार के जिला समस्तीपुर और वर्तमान में उचाना निवासी 35 वर्षीय दुखन साहनी और बिहार के खगड़िया निवासी वर्तमान में राजीव पुरम में रहने वाले 38 वर्षीय राज मिस्त्री वशिष्ठ शर्मा भी पश्चिमी यमुना नहर पर पहुंचे थे। सूर्य मंदिर के सामने घाट पर परिवार के साथ पूजा के बाद उन्होंने नहर में नहाने के लिए छलांग लगाई तो डूब गए। काफी समय बाद परिजनों को पता चला कि दोनों डूब गए हैं। गोताखोरों की मदद से दोनों की नहर में तलाश शुरू की गई लेकिन चार दिन तक दोनों का सुराग नहीं लगा। सोमवार सुबह दुखन का शव और शाम को वशिष्ठ शर्मा का शव मिला।
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