{"_id":"69baf20566eb8821090bb537","slug":"temples-decorated-to-welcome-the-mother-karnal-news-c-18-knl1018-867375-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: मां के स्वागत के लिए सज गए देवालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: मां के स्वागत के लिए सज गए देवालय
Thu, 19 Mar 2026 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 19 Mar 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
नवरात्रे की पूर्व संध्या पर एक दुकान से पूजा सामाग्री, मां की मूर्ति और अन्य सामाग्री खरीदते श्
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नवरात्र की पूर्व संध्या पर बुधवार को शहर के मंदिरों पर भव्य सजावट की गई। मां मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने मां मनसा देवी की प्रतिमा का गुलाब के फूलों से शृंगार किया। सेक्टर-7 स्थित श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर में मां दुर्गा और काली माता की प्रतिमाओं को आकर्षक वस्त्र और आभूषणों से सजाया गया।
नवरात्रे के पहले दिन सभी मंदिरों के कपाट सुबह 4 बजे खोल दिए जाएंगे। सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालु मां मनसा देवी मंदिर, मां दुर्गा भवानी मंदिर और प्रेम नगर स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर से वर्षों से जल रही अखंड जोत घरों में ले जाकर जलाएंगे। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
विनोद शास्त्री के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 19 मार्च को सुबह 6:54 बजे होगी। समापन 20 मार्च को तड़के 4:50 बजे होगा। 19 मार्च को सूर्योदय अमावस्या तिथि में ही होगा। लिहाजा पूरे दिन अमावस्या तिथि ही मान्य होगी। अमावस्या तिथि में कलश स्थापना का दुर्लभ संयोग करीब 72 साल बाद बन रहा है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च वीरवार से शिव शांति का रुद्र नामक नया विक्रम संवत 2083 प्रारंभ होगा। इस संवत का राजा गुरु और मंत्री मंगल है।
विज्ञापन
3 शुभ संयोग में कलश स्थापना
शास्त्री ने बताया कि चैत्र नवरात्रे के पहले दिन ग्रह नक्षत्रों का तीन अत्यंत शुभ संयोग भी बन रहे है। 19 मार्च को शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग है। ये तीनों ही योग बेहद शुभकारी योग माने जाते हैं।
खूब हुई खरीददारी
नवरात्रे की पूर्व संध्या पर श्रद्धालुओं ने मां की मूर्तियां, शृंगार का सामान और मां के वस्त्र की खरीदारी की। शहर के कर्ण गेट, कुंजपुरा रोड, प्रेम नगर, राम नगर और सदर बाजार की दुकानों पर श्रद्धालु सुबह से ही नवरात्र में पूजा करने के लिए पूजा सामग्री और अन्य सामान खरीदने पहुंचे।
विज्ञापन
करनाल। नवरात्र की पूर्व संध्या पर बुधवार को शहर के मंदिरों पर भव्य सजावट की गई। मां मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने मां मनसा देवी की प्रतिमा का गुलाब के फूलों से शृंगार किया। सेक्टर-7 स्थित श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर में मां दुर्गा और काली माता की प्रतिमाओं को आकर्षक वस्त्र और आभूषणों से सजाया गया।
नवरात्रे के पहले दिन सभी मंदिरों के कपाट सुबह 4 बजे खोल दिए जाएंगे। सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालु मां मनसा देवी मंदिर, मां दुर्गा भवानी मंदिर और प्रेम नगर स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर से वर्षों से जल रही अखंड जोत घरों में ले जाकर जलाएंगे। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
विज्ञापन
विनोद शास्त्री के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 19 मार्च को सुबह 6:54 बजे होगी। समापन 20 मार्च को तड़के 4:50 बजे होगा। 19 मार्च को सूर्योदय अमावस्या तिथि में ही होगा। लिहाजा पूरे दिन अमावस्या तिथि ही मान्य होगी। अमावस्या तिथि में कलश स्थापना का दुर्लभ संयोग करीब 72 साल बाद बन रहा है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च वीरवार से शिव शांति का रुद्र नामक नया विक्रम संवत 2083 प्रारंभ होगा। इस संवत का राजा गुरु और मंत्री मंगल है।
विज्ञापन
3 शुभ संयोग में कलश स्थापना
शास्त्री ने बताया कि चैत्र नवरात्रे के पहले दिन ग्रह नक्षत्रों का तीन अत्यंत शुभ संयोग भी बन रहे है। 19 मार्च को शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग है। ये तीनों ही योग बेहद शुभकारी योग माने जाते हैं।
खूब हुई खरीददारी
नवरात्रे की पूर्व संध्या पर श्रद्धालुओं ने मां की मूर्तियां, शृंगार का सामान और मां के वस्त्र की खरीदारी की। शहर के कर्ण गेट, कुंजपुरा रोड, प्रेम नगर, राम नगर और सदर बाजार की दुकानों पर श्रद्धालु सुबह से ही नवरात्र में पूजा करने के लिए पूजा सामग्री और अन्य सामान खरीदने पहुंचे।

नवरात्रे की पूर्व संध्या पर एक दुकान से पूजा सामाग्री, मां की मूर्ति और अन्य सामाग्री खरीदते श्