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14 दिन की रिमांड के बाद तहसीलदार की पेशी आज
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। डीटीपी रिश्वतकांड मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत के बाद तहसीलदार राजबख्श को सोमवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम आरोपी तहसीलदार को एकबार फिर पुलिस रिमांड पर मांग सकती है, हालांकि इस बारे में विजिलेंस ने कोई खुलासा नहीं किया है।
विजिलेंस की टीम का कहना है कि आरोपी तहसीलदार द्वारा जो दस्तावेज दिए गए थे उनकी गहनता से जांच की गई है। वहीं एक दिन बाद छह अप्रैल को डीटीपी विक्रम को भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत के बाद कोर्ट में दोबारा पेश किया जाएगा। फिलहाल इस मामले में विजिलेंस की ओर से यह बात सामने आई है कि दोनों आरोपियों ने रिश्वत के रुपयों से करीब 10-10 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई है। इसके अलावा अन्य संपत्तियों की भी पुलिस जांच कर रही है। इधर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जांच प्रक्रिया ठंडे में बस्ते पर जाने की उन सभी अटकलों पर यह कहकर विराम लगा दिया है कि मामला ठंडे बस्ते में नहीं जाएगा। साक्ष्यों के आधार पर भ्रष्टाचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आगे भी सबूतों के आधार पर भ्रष्टाचार मे लिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
एसई की 623 फाइलों को खंगाल रही है पुलिस
नगर निगम एसई रिश्वत कांड मामले में पुलिस नगर निगम द्वारा दी गई 623 फाइलों को खंगाल रही है। यह वे फाइलें हैं जिन्हें एसई दीपक किग्गर ने अपने कार्यकाल में पास की है। बताया जा रहा है कि 50 से अधिक ठेकेदारों को इन फाइलों में दर्ज निर्माण कार्य दिया हुआ था, जिसकी राशि करोड़ों में है। वहीं दूसरी ओर रिश्वत के रुपये लेते हुए बनाई गई 32 वीडियो की भी पुलिस जांच करा रही है, एफएसएल में उन वीडियो की जांच की जाएगी कि यह असली है या नहीं।
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करनाल। डीटीपी रिश्वतकांड मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत के बाद तहसीलदार राजबख्श को सोमवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम आरोपी तहसीलदार को एकबार फिर पुलिस रिमांड पर मांग सकती है, हालांकि इस बारे में विजिलेंस ने कोई खुलासा नहीं किया है।
विजिलेंस की टीम का कहना है कि आरोपी तहसीलदार द्वारा जो दस्तावेज दिए गए थे उनकी गहनता से जांच की गई है। वहीं एक दिन बाद छह अप्रैल को डीटीपी विक्रम को भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत के बाद कोर्ट में दोबारा पेश किया जाएगा। फिलहाल इस मामले में विजिलेंस की ओर से यह बात सामने आई है कि दोनों आरोपियों ने रिश्वत के रुपयों से करीब 10-10 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई है। इसके अलावा अन्य संपत्तियों की भी पुलिस जांच कर रही है। इधर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जांच प्रक्रिया ठंडे में बस्ते पर जाने की उन सभी अटकलों पर यह कहकर विराम लगा दिया है कि मामला ठंडे बस्ते में नहीं जाएगा। साक्ष्यों के आधार पर भ्रष्टाचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आगे भी सबूतों के आधार पर भ्रष्टाचार मे लिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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एसई की 623 फाइलों को खंगाल रही है पुलिस
नगर निगम एसई रिश्वत कांड मामले में पुलिस नगर निगम द्वारा दी गई 623 फाइलों को खंगाल रही है। यह वे फाइलें हैं जिन्हें एसई दीपक किग्गर ने अपने कार्यकाल में पास की है। बताया जा रहा है कि 50 से अधिक ठेकेदारों को इन फाइलों में दर्ज निर्माण कार्य दिया हुआ था, जिसकी राशि करोड़ों में है। वहीं दूसरी ओर रिश्वत के रुपये लेते हुए बनाई गई 32 वीडियो की भी पुलिस जांच करा रही है, एफएसएल में उन वीडियो की जांच की जाएगी कि यह असली है या नहीं।
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