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Karnal News: एप से गेट पास काटने की व्यवस्था लागू... किसान उलझे, लगा जाम
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/घरौंडा। हरियाणा सरकार के आदेश पर सोमवार से अनाज मंडियों में ई-खरीद पोर्टल से खुद गेट पास जनरेट करने की नई व्यवस्था लागू की गई। धान लेकर मंडी पहुंचे किसान नए सिस्टम से उलझते रहे। कई किसानों के मोबाइल पर पोर्टल काम नहीं कर रहा था, तो कुछ को लॉगिन और ओटीपी के साथ क्यूआर कोड की प्रक्रिया समझ नहीं आई। वह कर्मचारियों से प्रक्रिया के बारे में पूछते रहे। इससे मंडियों में कुछ स्थानों पर धान भरी ट्राॅलियों की लाइनें लग गई। इससे जाम की स्थिति बन गई।
जिलेभर की अनाज मंडियों में सोमवार को कुल खरीद 18 हजार 670 क्विंटल की ही खरीद की गई, जिससे अब तक कुल खरीद एक करोड़ एक लाख 81 हजार 780 क्विंटल हो गई है। इसमें से 96 लाख 31 हजार 460 क्विंटल यानी 95 प्रतिशत धान का उठान कर लिया गया है। अब मंडियों में खरीदे गए धान में से सिर्फ पांच लाख 50 हजार 320 क्विंटल ही धान पड़ा रह गया है। जिसका उठान किया जाना है।
इधर घरौंडा अनाज मंडी में सोमवार को किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से बातचीत की। किसानों ने कहा कि सरकार ने यह नई व्यवस्था सीजन के अंतिम चरण में लागू की है, जिससे किसानों को सुविधा के बजाय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में इस समय आवक अपने अंतिम चरण में है। घरौंडा अनाज मंडी में इस वर्ष पिछले साल की तुलना में लगभग 5 लाख क्विंटल अधिक धान की आवक दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि बड़ी मात्रा में धान अन्य जिलों से भी यहां पहुंच रहा है, जिससे आवक में बढ़ोतरी हुई है।
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मंडी गेट पर काटे जा रहे गेटपास
मार्केट कमेटी सचिव चंद्र प्रकाश ने बताया कि प्रदेश सरकार ने किसानों की सहूलियत के लिए ई-खरीद पोर्टल और मोबाइल एप शुरू किया है, जिसके जरिए किसान अपने मोबाइल से ही गेट पास जनरेट कर सकते हैं और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बना सकते हैं। मंडी के सभी गेटों पर सिर्फ मोबाइल एप से ही गेट पास काटे जाएंगे। मैनुअल गेट पास सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया गया है। किसानों की सुविधा के लिए दोनों गेटों पर कर्मचारियों को मोबाइल फोन सहित तैनात किया गया है, ताकि जिन किसानों को एप का प्रयोग नहीं आता, वे कर्मचारियों की मदद से ओटीपी बताकर अपना गेट पास कटवा सकते हैं।
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करनाल/घरौंडा। हरियाणा सरकार के आदेश पर सोमवार से अनाज मंडियों में ई-खरीद पोर्टल से खुद गेट पास जनरेट करने की नई व्यवस्था लागू की गई। धान लेकर मंडी पहुंचे किसान नए सिस्टम से उलझते रहे। कई किसानों के मोबाइल पर पोर्टल काम नहीं कर रहा था, तो कुछ को लॉगिन और ओटीपी के साथ क्यूआर कोड की प्रक्रिया समझ नहीं आई। वह कर्मचारियों से प्रक्रिया के बारे में पूछते रहे। इससे मंडियों में कुछ स्थानों पर धान भरी ट्राॅलियों की लाइनें लग गई। इससे जाम की स्थिति बन गई।
जिलेभर की अनाज मंडियों में सोमवार को कुल खरीद 18 हजार 670 क्विंटल की ही खरीद की गई, जिससे अब तक कुल खरीद एक करोड़ एक लाख 81 हजार 780 क्विंटल हो गई है। इसमें से 96 लाख 31 हजार 460 क्विंटल यानी 95 प्रतिशत धान का उठान कर लिया गया है। अब मंडियों में खरीदे गए धान में से सिर्फ पांच लाख 50 हजार 320 क्विंटल ही धान पड़ा रह गया है। जिसका उठान किया जाना है।
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इधर घरौंडा अनाज मंडी में सोमवार को किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से बातचीत की। किसानों ने कहा कि सरकार ने यह नई व्यवस्था सीजन के अंतिम चरण में लागू की है, जिससे किसानों को सुविधा के बजाय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में इस समय आवक अपने अंतिम चरण में है। घरौंडा अनाज मंडी में इस वर्ष पिछले साल की तुलना में लगभग 5 लाख क्विंटल अधिक धान की आवक दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि बड़ी मात्रा में धान अन्य जिलों से भी यहां पहुंच रहा है, जिससे आवक में बढ़ोतरी हुई है।
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मंडी गेट पर काटे जा रहे गेटपास
मार्केट कमेटी सचिव चंद्र प्रकाश ने बताया कि प्रदेश सरकार ने किसानों की सहूलियत के लिए ई-खरीद पोर्टल और मोबाइल एप शुरू किया है, जिसके जरिए किसान अपने मोबाइल से ही गेट पास जनरेट कर सकते हैं और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बना सकते हैं। मंडी के सभी गेटों पर सिर्फ मोबाइल एप से ही गेट पास काटे जाएंगे। मैनुअल गेट पास सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया गया है। किसानों की सुविधा के लिए दोनों गेटों पर कर्मचारियों को मोबाइल फोन सहित तैनात किया गया है, ताकि जिन किसानों को एप का प्रयोग नहीं आता, वे कर्मचारियों की मदद से ओटीपी बताकर अपना गेट पास कटवा सकते हैं।