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Karnal News: नई यूनिट की सप्लाई के लिए करनाल में बनेगा सब स्टेशन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Feb 2024 02:46 AM IST
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Sub station to be built in Karnal for supply of new unit
सुरेश सैनी
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यमुनानगर। 6900 करोड़ की लागत से यमुनानगर के दीन बंधु सर छोटूराम थर्मल प्लांट में स्थापित होने वाली नई 800 मेगावाट यूनिट की सप्लाई के लिए करनाल के मूनक में 400 केवी का नया सब स्टेशन भी बनाया जाएगा। इस सब स्टेशन को हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) बनाएगा। इस पर अनुमानित 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह सब स्टेशन बनने के बाद यहां से हरियाणा की इंडस्ट्रीज व अन्य जिलों में डिमांड के अनुसार बिजली सप्लाई की जा सकेगी।
विदित हो कि यमुनानगर में नई 800 मेगावाट यूनिट का निर्माण प्रस्तावित है। इसके साथ ही मूनक में 400 केवी के नए सब स्टेशन का कार्य भी शुरू हो जाएगा। यमुनानगर थर्मल के अंदर नई यूनिट लगने के बाद भविष्य में यहां 1400 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो सकेगा। फिलहाल यमुनानगर थर्मल प्लांट के लिए कुल 1107 एकड़ जगह है, जिसके एक हिस्से में 300-300 मेगावाट की दो यूनिट संचालित हो रही है। इससे 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। यह अप्रैल 2008 में स्थापित की गई थी। उस दौरान इस पर लगभग 2400 करोड़ रुपये की लागत आई थी। मौजूदा समय में जो बिजली का उत्पादन हो रहा है, उसकी सप्लाई के लिए 220 केवी की लाइन बिछी हुई है। ऐसे में नई 800 मेगावाट यूनिट के लिए 400 केवी लाइन बिछाने की आवश्यकता पड़ेगी।
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48 माह के भीतर बिजली उत्पादन की संभावना
यमुनानगर थर्मल प्लांट में स्थापित होने वाली 800 मेगावाट यूनिट की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि नया प्लांट पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा, जो पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगा। इसमें आधुनिक तकनीक से लैस सुविधाएं होंगी। प्लांट पूरी तरह से स्वदेशी होगा। खास बात ये रहेगी नई यूनिट का काम शुरू होने के बाद 48 माह के भीतर बिजली उत्पादन की संभावना रहेगी।
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प्रदूषण न हो लगेगा फ्लू गैस सल्फराइजेशन सिस्टम
यमुनानगर थर्मल प्लांट में नई 800 मेगावाट यूनिट के प्रोजेक्ट से संबंधित एक अधिकारी ने बताया कि उत्पादन के दौरान पर्यावरण पर धुएं का असर न पड़े, इसके लिए फ्लू गैस सल्फराइजेशन सिस्टम ( एफजीडी ) एससीआर लगाया जाएगा। पहली बार इस तरह का आधुनिक सिस्टम इस यूनिट में लगेगा।


यमुनानगर में बनने वाली 800 मेगावाट यूनिट से हरियाणा के इतिहास में एक और अध्याय जुड़ जाएगा। इससे जहां युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं यमुनानगर प्रदेश में सबसे अधिक बिजली उत्पादन करने वाला जिला भी बन जाएगा। यहां से प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली सप्लाई होगी जो कि खुशी की बात है।
-घनश्यामदास अरोड़ा, विधायक, यमुनानगर।
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