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कड़ाके की ठंड में फर्श पर पढ़ाई
अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Sun, 22 Dec 2013 12:00 AM IST
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कैथ्ाल के गुहला-चीका में प्राथमिक स्कूल गगड़पुर में बच्चे सर्दी में नीचे बैठने को मजबूर है। स्कूल में एक भी टाट पट्टी नहीं है। इतना ही नहीं तीन महीने से बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए दिए जाने वाला मिड-डे मील नहीं बना है। स्कूल में पिछले 20 दिनों से राशन भी पहुंच गया है। बावजूद इसके बच्चों को भोजन नहीं मिल पा रहा है।
स्कूल की तत्कालीन मुख्य शिक्षिका प्रवीण अधीर के चले जाने के बाद स्कूल का चार्ज शिक्षक रामपाल को सौंपा गया, लेकिन कुछ ही समय बाद शिक्षा विभाग ने खंड सीवन के शिक्षक सुरेश की नियुक्ति मुख्य शिक्षक के तौर पर कर दी। स्कूल के बच्चों ने बताया कि मुख्य शिक्षक सुरेश पिछले दो महीनों से स्कूल में नहीं आए।
स्कूल के डीडीओ ने इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी को भी की हुई है। फिलहाल विभाग ने अध्यापक रामफल को स्कूल का चार्ज तो दिया हुआ है, लेकिन स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं की आस बच्चे आज भी लगाए बैठे हैं।
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हाड़ कंपा देने वाली ठिठुरन भरी सर्दी में बच्चे जमीन पर बैठ कर पढ़ने के लिए मजबूर हैं। बच्चों के बैठने के लिए स्कूल में न तो टाट पट्टी है और न ही उचित बैंच। शिक्षिका सुनीता ने बताया कि उन्होंने कई बार मुख्य शिक्षक से लेकर उच्चाधिकारियों को बच्चों के बैठने के लिए टाट पट्टी व बैंचों के लिए गुहार लगा चुकी है, लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने मिड-डे मील के राशन में आई बोरियों की सिलाई कर वैकल्पिक तौर पर बच्चों के बैठने का प्रबंध किया है। गांव के लोगों का कहना है कि स्कूल में कोई भी सरकारी सुविधा बच्चों को नियमित नहीं मिल रही, जिसके लिए कई बार संबंधित विभाग को कहा जा चुका है। उन्होंने सरकार व शिक्षा विभाग से मुख्य शिक्षक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर स्कूल में सभी सुविधाएं दी जाएं।
मामले की होगी जांच
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम सिंह पूनिया ने कहा कि स्कूल से मुख्य शिक्षक के अनुपस्थित रहने की रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। स्कूल में राशन के बावजूद भोजन न बनने की भी जांच होगी।
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स्कूल की तत्कालीन मुख्य शिक्षिका प्रवीण अधीर के चले जाने के बाद स्कूल का चार्ज शिक्षक रामपाल को सौंपा गया, लेकिन कुछ ही समय बाद शिक्षा विभाग ने खंड सीवन के शिक्षक सुरेश की नियुक्ति मुख्य शिक्षक के तौर पर कर दी। स्कूल के बच्चों ने बताया कि मुख्य शिक्षक सुरेश पिछले दो महीनों से स्कूल में नहीं आए।
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स्कूल के डीडीओ ने इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी को भी की हुई है। फिलहाल विभाग ने अध्यापक रामफल को स्कूल का चार्ज तो दिया हुआ है, लेकिन स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं की आस बच्चे आज भी लगाए बैठे हैं।
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हाड़ कंपा देने वाली ठिठुरन भरी सर्दी में बच्चे जमीन पर बैठ कर पढ़ने के लिए मजबूर हैं। बच्चों के बैठने के लिए स्कूल में न तो टाट पट्टी है और न ही उचित बैंच। शिक्षिका सुनीता ने बताया कि उन्होंने कई बार मुख्य शिक्षक से लेकर उच्चाधिकारियों को बच्चों के बैठने के लिए टाट पट्टी व बैंचों के लिए गुहार लगा चुकी है, लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने मिड-डे मील के राशन में आई बोरियों की सिलाई कर वैकल्पिक तौर पर बच्चों के बैठने का प्रबंध किया है। गांव के लोगों का कहना है कि स्कूल में कोई भी सरकारी सुविधा बच्चों को नियमित नहीं मिल रही, जिसके लिए कई बार संबंधित विभाग को कहा जा चुका है। उन्होंने सरकार व शिक्षा विभाग से मुख्य शिक्षक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर स्कूल में सभी सुविधाएं दी जाएं।
मामले की होगी जांच
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम सिंह पूनिया ने कहा कि स्कूल से मुख्य शिक्षक के अनुपस्थित रहने की रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। स्कूल में राशन के बावजूद भोजन न बनने की भी जांच होगी।