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अपनी कक्षा में प्रथम रहे राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को मिलेगी छात्रवृत्ति
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सरकारी स्कूलों में कक्षा छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाने के लिए कक्षा में प्रथम आने वाले विद्यार्थी को छात्रवृत्ति मिलेगी। राजीव गांधी स्कॉलरशिप स्कीम के तहत छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए एक हजार रुपये और नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को 1200 रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। योजना का लाभ देने के लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है।
सभी जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अपने अधीनस्थ स्कूलों में इस स्कीम में पात्र विद्यार्थियों का डाटा शीघ्र एमआईएस पोर्टल पर अपलोड कराएंगे। डाटा एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करने के लिए विभागीय आईटी सेल द्वारा स्कीम का लिंक पहले ही उपलब्ध करवाया जा चुका है। जिले के 779 राजकीय स्कूलों में कक्षा छठी से बारहवीं तक करीब एक लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से अपनी कक्षा में प्रथम रहने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में यह प्रोत्साहन राशि मिलेगी। ब्यूरो
अगले वर्ष भी मिलेगी छात्रवृत्ति
विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार, छात्रवृत्ति वर्ष 2021-22 में अपनी कक्षा में प्रथम रहने वाले विद्यार्थियों को देने के निर्देश हैं। इसी तरह से अगले वर्ष यानी सत्र 2022-23 में जो विद्यार्थी प्रथम रहेंगे, उन्हें भी इतनी ही छात्रवृत्ति दी जाएगी। यदि स्कूल लड़कों का है तो केवल प्रथम स्थान पर रहने वाले लड़के को और यदि लड़कियों का है तो लड़की को छात्रवृत्ति मिलेगी। वहीं यदि स्कूल को-एजूकेशन है, तो प्रत्येक कक्षा में टॉपर एक लड़के और एक लड़की को छात्रवृत्ति दी जाएगी।
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फैमिली आईडी नंबर भी देना होगा
शिक्षा निदेशालय ने ये भी आदेश जारी किए है कि पोर्टल पर विद्यार्थी का नाम अपलोड करते समय इनकी फैमिली आईडी का नंबर भी साथ दें। इसके बिना विद्यार्थियों को किसी भी तरह की छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी। यही नियम सत्र 2022-2023 के लिए भी हैं। - राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
आगे बढ़ने की ललक पैदा करना है उद्देश्य
सह शिक्षा वाले स्कूलों में एक लड़के और लड़की को छात्रवृत्ति दी जाएगी। सभी स्कूल मुखियाओं को निदेशालय ने रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के आदेश दिए हैं। विद्यार्थियों में आगे निकलने की ललक पैदा हो, यह इस योजना का उद्देश्य है। - रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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सभी जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अपने अधीनस्थ स्कूलों में इस स्कीम में पात्र विद्यार्थियों का डाटा शीघ्र एमआईएस पोर्टल पर अपलोड कराएंगे। डाटा एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करने के लिए विभागीय आईटी सेल द्वारा स्कीम का लिंक पहले ही उपलब्ध करवाया जा चुका है। जिले के 779 राजकीय स्कूलों में कक्षा छठी से बारहवीं तक करीब एक लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से अपनी कक्षा में प्रथम रहने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में यह प्रोत्साहन राशि मिलेगी। ब्यूरो
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अगले वर्ष भी मिलेगी छात्रवृत्ति
विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार, छात्रवृत्ति वर्ष 2021-22 में अपनी कक्षा में प्रथम रहने वाले विद्यार्थियों को देने के निर्देश हैं। इसी तरह से अगले वर्ष यानी सत्र 2022-23 में जो विद्यार्थी प्रथम रहेंगे, उन्हें भी इतनी ही छात्रवृत्ति दी जाएगी। यदि स्कूल लड़कों का है तो केवल प्रथम स्थान पर रहने वाले लड़के को और यदि लड़कियों का है तो लड़की को छात्रवृत्ति मिलेगी। वहीं यदि स्कूल को-एजूकेशन है, तो प्रत्येक कक्षा में टॉपर एक लड़के और एक लड़की को छात्रवृत्ति दी जाएगी।
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फैमिली आईडी नंबर भी देना होगा
शिक्षा निदेशालय ने ये भी आदेश जारी किए है कि पोर्टल पर विद्यार्थी का नाम अपलोड करते समय इनकी फैमिली आईडी का नंबर भी साथ दें। इसके बिना विद्यार्थियों को किसी भी तरह की छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी। यही नियम सत्र 2022-2023 के लिए भी हैं। - राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
आगे बढ़ने की ललक पैदा करना है उद्देश्य
सह शिक्षा वाले स्कूलों में एक लड़के और लड़की को छात्रवृत्ति दी जाएगी। सभी स्कूल मुखियाओं को निदेशालय ने रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के आदेश दिए हैं। विद्यार्थियों में आगे निकलने की ललक पैदा हो, यह इस योजना का उद्देश्य है। - रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।