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विकसित भारत के लिए कौशल युक्त होना अनिवार्य : नवीन राणा
Sun, 04 Jan 2026 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 04 Jan 2026 02:09 AM IST
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करनाल। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) जागरूकता अभियान के तहत रविवार को कृषि विज्ञान केंद्र ने घरौंडा ब्लॉक की बरसत पंचायत में कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान निदेशक डॉ. धीर सिंह ने किया। इसमें दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा में कार्य करने वाले लगभग 70 लोगों ने भाग लिया।
बरसत पंचायत के सरपंच नवीन राणा ने सभी प्रतिभागियों को रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए ग्रामीण क्षेत्र का कौशल युक्त होना अनिवार्य है। इसलिए राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करके समूह में कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने महिला व पुरुष मजदूरों से कहा कि संस्थान में पशुपालन, दूध उत्पादन व प्रसंस्करण फल सब्जी मूल्य संवर्धन आदि विषयों पर प्रशिक्षण के लिए महिलाएं समूह में भाग लें। इसके लिए उनके आने-जाने की व्यवस्था पंचायत करेगी।
संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र के अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार सारस्वत ने बताया कि विकसित भारत जी राम जी एक्ट 2025 के तहत गांव की जरूरत का कोई भी काम कराए जाने का फैसला अब ग्राम सभा ही ले सकेंगी। अब गांव की जरुरतों के अनुसार काम होगा। इसका उद्देश्य रोजगार पैदा करने के साथ-साथ गांव में मजबूत व टिकाऊ बुनियादी ढांचा बनाना है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, इस योजना में एक-तिहाई यानी 33% काम महिलाओं को देना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को श्रमिकों की उपलब्धता व बेहतर कृषि सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
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बरसत पंचायत के सरपंच नवीन राणा ने सभी प्रतिभागियों को रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए ग्रामीण क्षेत्र का कौशल युक्त होना अनिवार्य है। इसलिए राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करके समूह में कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने महिला व पुरुष मजदूरों से कहा कि संस्थान में पशुपालन, दूध उत्पादन व प्रसंस्करण फल सब्जी मूल्य संवर्धन आदि विषयों पर प्रशिक्षण के लिए महिलाएं समूह में भाग लें। इसके लिए उनके आने-जाने की व्यवस्था पंचायत करेगी।
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संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र के अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार सारस्वत ने बताया कि विकसित भारत जी राम जी एक्ट 2025 के तहत गांव की जरूरत का कोई भी काम कराए जाने का फैसला अब ग्राम सभा ही ले सकेंगी। अब गांव की जरुरतों के अनुसार काम होगा। इसका उद्देश्य रोजगार पैदा करने के साथ-साथ गांव में मजबूत व टिकाऊ बुनियादी ढांचा बनाना है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, इस योजना में एक-तिहाई यानी 33% काम महिलाओं को देना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को श्रमिकों की उपलब्धता व बेहतर कृषि सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
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