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पांच महीने में सात हजार रेहड़ी संचालकों को मिलेगा ऋण
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत जिलेभर में रेहड़ी, फड़ संचालकों आदि को 10-10 हजार रुपये ऋण मुहैया कराए जाने के बाद अब उन्हें डिजिटल भुगतान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जो रेहड़ी संचालक समय पर ऋण की अदायगी करेंगे, उन्हें 20 हजार रुपये का ऋण मिलेगा। मार्च 2022 तक 7069 रेहड़ी संचालकों को ऋण दिया जाएगा। इस योजना को हरियाणा में करनाल, फरीदाबाद व गुरुग्राम में पायलेट तौर पर शुरू किया गया था, जिसमें करनाल आगे हैं। बुधवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मोहन तथा इलेक्ट्रोनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी ने इन तीनों जिलों के जिला नगर आयुक्तों से साथ वीडियो कांफ्रेसिंग करके योजना की प्रगति की जानकारी ली।
वीडियो कांफ्रेसिंग के हवाले से जिला नगर आयुक्त डा.मनोज कुमार ने बताया कि कोरोना कॉल में प्रभावित रेहड़ी व फड़ी संचालकों को 10-10 हजार का रुपये का ऋण देकर उनके कारोबार को पटरी पर लाने का प्रयास किया गया है। सचिवों ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए अधिक से अधिक शिविर लगाकर उन्हें प्रशिक्षण देने व जागरूक करने को कहा है। करनाल जिले में योजना के तहत करीब 3 हजार रेहड़ी व फड़ी संचालकों को डिजिटल भुगतान का प्रशिक्षण दिया गया है। करनाल शहरी क्षेत्र में 2098 रेहड़ी संचालकों को डिजिटल भुगतान के लिए क्यूआर कोड भी प्रदान किया गया है। जिला में मार्च 2022 तक 7069 वेंडरों को 10 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 6 हजार 59 ने ऋण के लिए आवेदन दिए हैं। बैंको द्वारा इनकी जांच-पड़ताल करने के बाद 3 हजार 218 आवेदकों के ऋण स्वीकृत कर 3 हजार 78 को ऋण दे दिया है। नियमित भुगतान करके 20 हजार रुपये का ऋण लेने के लिए हकदार 1312 को ऋण दिया जाना है, इसमें अब तक 80 आवेदन आए हैं।
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करनाल। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत जिलेभर में रेहड़ी, फड़ संचालकों आदि को 10-10 हजार रुपये ऋण मुहैया कराए जाने के बाद अब उन्हें डिजिटल भुगतान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जो रेहड़ी संचालक समय पर ऋण की अदायगी करेंगे, उन्हें 20 हजार रुपये का ऋण मिलेगा। मार्च 2022 तक 7069 रेहड़ी संचालकों को ऋण दिया जाएगा। इस योजना को हरियाणा में करनाल, फरीदाबाद व गुरुग्राम में पायलेट तौर पर शुरू किया गया था, जिसमें करनाल आगे हैं। बुधवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मोहन तथा इलेक्ट्रोनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी ने इन तीनों जिलों के जिला नगर आयुक्तों से साथ वीडियो कांफ्रेसिंग करके योजना की प्रगति की जानकारी ली।
वीडियो कांफ्रेसिंग के हवाले से जिला नगर आयुक्त डा.मनोज कुमार ने बताया कि कोरोना कॉल में प्रभावित रेहड़ी व फड़ी संचालकों को 10-10 हजार का रुपये का ऋण देकर उनके कारोबार को पटरी पर लाने का प्रयास किया गया है। सचिवों ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए अधिक से अधिक शिविर लगाकर उन्हें प्रशिक्षण देने व जागरूक करने को कहा है। करनाल जिले में योजना के तहत करीब 3 हजार रेहड़ी व फड़ी संचालकों को डिजिटल भुगतान का प्रशिक्षण दिया गया है। करनाल शहरी क्षेत्र में 2098 रेहड़ी संचालकों को डिजिटल भुगतान के लिए क्यूआर कोड भी प्रदान किया गया है। जिला में मार्च 2022 तक 7069 वेंडरों को 10 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 6 हजार 59 ने ऋण के लिए आवेदन दिए हैं। बैंको द्वारा इनकी जांच-पड़ताल करने के बाद 3 हजार 218 आवेदकों के ऋण स्वीकृत कर 3 हजार 78 को ऋण दे दिया है। नियमित भुगतान करके 20 हजार रुपये का ऋण लेने के लिए हकदार 1312 को ऋण दिया जाना है, इसमें अब तक 80 आवेदन आए हैं।
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